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बड़गाईं में कुत्ता नसबंदी केंद्र पर बवाल, सड़कों पर उतरी जनता

Ranchi | राजधानी रांची के बड़गाईं इलाके में प्रस्तावित कुत्ता नसबंदी केंद्र (Animal Birth Control Center) को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश फैल गया है। घनी आबादी वाले इलाके में इस केंद्र की स्थापना के फैसले के खिलाफ लोग सड़कों पर उतर आए हैं।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि रिहायशी इलाके में डॉग नसबंदी केंद्र बनने से क्षेत्र में आवारा श्वानों का जमावड़ा बढ़ेगा, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और आम जनता की सुरक्षा व स्वास्थ्य पर सीधा खतरा मंडराने लगेगा।

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प्रदर्शन के दौरान स्थानीय नेतृत्व और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी जनता की आवाज को मजबूती दी। मौके पर पहुंचे नेता महताब अंसारी ने प्रशासन से जनहित में इस परियोजना को तत्काल आबादी वाले क्षेत्र से बाहर शिफ्ट करने की मांग की।

रिहायशी इलाके में केंद्र का विरोध क्यों? समझिए स्थानीय लोगों का दर्द

बड़गाईं इलाके में आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं, युवा और बुजुर्ग शामिल हुए। लोगों का सीधा तर्क है कि एक घनी बस्ती के बीचों-बीच नसबंदी केंद्र स्थापित करने से पूरे क्षेत्र का शांत माहौल प्रभावित होगा।

  • संक्रमण और बीमारियों का डर: नसबंदी के लिए दूर-दराज से लाए जाने वाले बीमार और लावारिस श्वानों से इलाके में संक्रमण फैलने की आशंका है।
  • बच्चों व बुजुर्गों की सुरक्षा: मोहल्ले में बड़ी संख्या में श्वानों के आने-जाने से राहगीरों पर हमलों का खतरा बढ़ जाएगा।
  • गंदगी और शोर: केंद्र के संचालन से आसपास के पर्यावरण और स्वच्छता पर प्रतिकूल असर पड़ने की चिंता जताई जा रही है।

महताब अंसारी ने उठाई आवाज: ‘जनता की सुरक्षा से समझौता बर्दाश्त नहीं’

प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे महताब अंसारी ने नागरिकों को संबोधित करते हुए प्रशासन के इस फैसले को अव्यवहारिक बताया। उन्होंने कहा कि विकास योजनाएं जनता की सुविधा के लिए होनी चाहिए, न कि उनके जीवन को संकट में डालने के लिए।

“स्थानीय लोगों की चिंताओं और भावनाओं को देखते हुए प्रशासन से मांग है कि इस योजना पर जनहित में तुरंत पुनर्विचार किया जाए। जनता की सुरक्षा, स्वास्थ्य और क्षेत्र के शांतिपूर्ण वातावरण को प्राथमिकता देते हुए इस केंद्र को आबादी वाले क्षेत्र से दूर किसी अन्य स्थान पर बनाया जाना चाहिए।”

महताब अंसारी

क्या कहता है सिस्टम और आगे क्या होगा?

स्थानीय लोगों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि नगर प्रशासन ने जनभावनाओं की अनदेखी की और परियोजना को जबरन लागू करने का प्रयास किया, तो यह आंदोलन और उग्र रूप लेगा।

अब देखना होगा कि क्या नगर निगम और जिला प्रशासन जनता की जायज मांगों को सुनते हुए केंद्र के लिए किसी वैकल्पिक और गैर-रिहायशी जमीन की तलाश करता है, या फिर यह विवाद आने वाले दिनों में और गहराएगा।

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Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

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