Ranchi | झारखंड में भीषण गर्मी और जानलेवा लू (Heatwave) का प्रकोप लगातार गहराता जा रहा है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। मौसम विभाग (IMD) द्वारा आज जारी ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य के कई जिलों में झारखंड में अधिकतम तापमान सामान्य से 4.5 डिग्री सेल्सियस तक ऊपर पहुंच चुका है।
पलामू प्रमंडल का डालटनगंज जिला 40.4°C तापमान के साथ इस समय राज्य का सबसे गर्म इलाका बना हुआ है। वहीं, जमशेदपुर में भी पारा 40.0°C के स्तर को छू चुका है, जिसने जून के इस महीने में लोगों को दोपहर के वक्त घरों के अंदर दुबकने पर मजबूर कर दिया है।
राजधानी रांची समेत राज्य के 15 से अधिक जिलों में पिछले 24 घंटों से बारिश पूरी तरह शून्य रही है। शुष्क और गर्म पछुआ हवाओं के कारण सुबह 10 बजे से ही सड़कों पर लुक के थपेड़े चलने शुरू हो जा रहे हैं, जिससे राहगीरों का हाल बेहाल है।
सड़कों पर सन्नाटा, मैदान से लाइव रिपोर्ट
दोपहर के ठीक 12 बज रहे हैं। डालटनगंज के छहमुहान चौक और जमशेदपुर के साकची मार्केट में आम दिनों की तरह रहने वाली चहल-पहल आज गायब है। ग्राउंड जीरो पर स्थिति यह है कि लोग चेहरे और सिर को सूती कपड़ों से ढककर ही बाहर निकल रहे हैं। स्थानीय दुकानदारों का कहना है, “ऐसी तीखी धूप और तपन पिछले कई सालों में जून के इस हफ्ते में नहीं देखी गई, दोपहर में धंधा पूरी तरह ठप हो जाता है।”
चाईबासा में रिकॉर्ड तोड़ भटकाव, देखें आंकड़े
मौसम विज्ञान केंद्र रांची के आधिकारिक आंकड़ों का विश्लेषण करें तो चाईबासा में स्थिति सबसे ज्यादा चौंकाने वाली है। चाईबासा में अधिकतम तापमान 38.0°C दर्ज किया गया है, जो इस सीजन के सामान्य तापमान से 4.5°C अधिक है। इसके अलावा बोकारो थर्मल में पारा 38.5°C और देवघर में 38.2°C रिकॉर्ड किया गया है, जो सामान्य से लगातार बढ़त बनाए हुए है।
केवल दो जिलों को मिली राहत की बौछारें
इस भीषण तपन के बीच झारखंड के केवल दो हिस्सों से राहत की खबर आई है। खूंटी में पिछले 24 घंटों के दौरान 8.0 mm और पाकुड़ के महेशपुर में 24.4 mm की स्थानीय स्तर पर गरज-चमक के साथ बारिश (Rainfall) दर्ज की गई है। इस वज्रपात और बारिश के चलते इन क्षेत्रों के न्यूनतम तापमान में आंशिक गिरावट देखी गई है, लेकिन हवा में मौजूद उमस ने अभी भी बेचैनी बढ़ा रखी है।
प्रशासन का अगला कदम और एडवायजरी: भीषण लू को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों को अलर्ट पर रखा है और ओआरएस (ORS) कॉर्नर एक्टिव करने के निर्देश दिए हैं। आम जनता को सलाह दी गई है कि दोपहर 12 से 3 बजे के बीच बिना जरूरी काम के खुले आसमान के नीचे न निकलें।
राहत कब? मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में एक कमजोर चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बन रहा है। अगर यह सिस्टम मजबूत होता है, तो अगले 72 घंटों के भीतर राज्य के पूर्वी भागों (संथाल परगना) में प्री-मानसून बौछारें पड़ सकती हैं, जिससे तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की उम्मीद है। तब तक झारखंड वासियों को इस प्रचंड तपन और सूरज के तीखे तेवरों से जूझना होगा।











