झारखंड में ‘बदरा’ का गदर: रांची में जमकर हुई धुलाई, अब 10 मई तक कुदरत दिखाएगी अपना ‘चिल’ अवतार!

झारखंड में 'बदरा' का गदर: रांची में जमकर हुई धुलाई, अब 10 मई तक कुदरत दिखाएगी अपना 'चिल' अवतार!

रांची। अगर आप सोच रहे थे कि मई की गर्मी आपको तंदूरी चिकन बना देगी, तो रुकिए! झारखंड के बादलों ने ‘कूलर’ नहीं, सीधे ‘एसी’ चला दिया है। सोमवार की शाम रांची में इंद्रदेव ने ऐसा ट्रेलर दिखाया कि महज एक घंटे में राजधानी ‘वेनिस’ बन गई। काले बादलों ने ऐसी दहाड़ मारी कि 42 डिग्री वाला पारा सीधे मुँह के बल गिरकर 30 के आसपास आ गया है। लेकिन रुकिए, ये तो बस शुरुआत है, असली ‘पिक्चर’ अभी 10 मई तक बाकी है!

साहब, रांची की सड़कें हों या नालियां, कल शाम सब एक बराबर हो गई थीं। जो लोग अपनी गाड़ियों को चमका कर निकले थे, उन्हें कुदरत ने मुफ्त में ‘वॉटर वॉश’ की सुविधा दे दी। हालांकि, इस ठंडी फुहार के पीछे मौसम विभाग ने एक कड़क चेतावनी भी छिपाई है—अगले 5 दिन ‘सावधान’ रहने के हैं, वरना आसमानी बिजली आपके मोबाइल का चार्जर फेल कर सकती है!

60 की रफ्तार, बिजली कड़कदार: मौसम विभाग का ‘ऑरेंज अलर्ट’

रांची मौसम केंद्र ने साफ कह दिया है कि आज यानी 5 मई को मामला सिर्फ बूंदाबांदी का नहीं है। रांची, रामगढ़, हजारीबाग और बोकारो वालों, अपनी छतरियां संभाल कर रखें! हवाएं 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी। मतलब, अगर आप हल्के-फुल्के हैं, तो घर के अंदर ही रहें, वरना हवा कहीं और लैंड करा देगी।

दक्षिणी झारखंड के जमशेदपुर और सरायकेला में भी बादलों का मूड काफी उखड़ा हुआ है। यहां ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है, जिसका सीधा मतलब है—घर पर पकौड़े तलें, बाहर निकलना रिस्की हो सकता है।

खूंटी में ‘बर्फबारी’ और तेनूघाट में ‘बाढ़’ जैसा मंजर

कल का नजारा कुछ ऐसा था कि खूंटी के लोग कन्फ्यूज हो गए कि वे झारखंड में हैं या शिमला में। वहां जमकर ओले गिरे। वहीं बोकारो के तेनूघाट में तो बादलों ने बाल्टी भर-भर कर पानी उड़ेला है (करीब 22.4 मिमी)।

पारे की ‘ऐसी-तैसी’:

  • कल तक: 42°C (पसीने से बुरा हाल)
  • आज: 32°C (बदन में ठंडक का अहसास)
  • कांके का हाल: यहाँ पारा 16.6°C तक गिर गया, मतलब मई में रजाई वाला फील!

सावधान! आसमानी ‘करंट’ से बचें

मौसम विज्ञानी अभिषेक आनंद ने चश्मा ठीक करते हुए सख्त हिदायत दी है: अगले तीन दिन (5, 6, 7 मई) तापमान अभी और गिरेगा। लेकिन इस सुहाने मौसम के साथ वज्रपात (Lightning) का बड़ा खतरा है। बिजली कड़कने पर ‘टार्जन’ बनने की कोशिश न करें और किसी बड़े पेड़ या पोल के नीचे सेल्फी लेने से बचें।

ग्राउंड रिपोर्ट लुक: सोचिए, सड़क पर बहता पानी, गिरे हुए पेड़ और कड़कती बिजली के बीच भागते लोग—ये कोई फिल्म का सीन नहीं, कल की रांची की असलियत थी।

आगे क्या? 10 मई तक का ‘वेदर मेन्यू’

प्रशासन ने यलो अलर्ट जारी कर दिया है। 8 और 9 मई को बारिश थोड़ी कम हो सकती है, लेकिन बादल अपनी जगह से हिलने को तैयार नहीं हैं। 10 मई तक झारखंड का मिजाज ‘मिस्टीरियस’ बना रहेगा।

तो भईया, छाता साथ रखें, कार पेड़ के नीचे न खड़ी करें और मौसम के इस ‘फ्री ट्रायल’ का मजा सुरक्षित रहकर लें!

Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

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