झारखंड में ‘कुदरत’ का गजब मूड स्विंग: मई की गर्मी को लगा जोर का झटका

झारखंड में 'कुदरत' का गजब मूड स्विंग: मई की गर्मी को लगा जोर का झटका

Jharkhand Weather Updates: अभी तो ठीक से कूलर की घास भी नहीं बदली थी कि झारखंड के मौसम ने ऐसा ‘पलटी’ मारा है कि अच्छे-अच्छे वैज्ञानिक भी सिर खुजलाने लगे हैं। अगर आप सोच रहे थे कि मई का महीना आपको झुलसा कर ही दम लेगा, तो भाई साहब… थोड़ा रुकिए! बंगाल की खाड़ी से एक ‘साइक्लोनिक सर्कुलेशन’ चाचा झारखंड घूमने निकले हैं और अपने साथ ठंडी हवाएं, काले बादल और कड़कती बिजली का पूरा झोला लेकर आए हैं।

मौसम विभाग ने ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी कर दिया है। यानी अगले 48 घंटे घर में पकोड़े तलने के लिए तो अच्छे हैं, लेकिन बाहर निकले तो 60 किमी की रफ्तार वाली आंधी आपको ‘उड़न खटोला’ बना सकती है!

17 जिलों में ‘बादल बाबू’ का कब्जा, 60 की स्पीड वाला ‘टॉरनेडो’ फील!

जी हां, 4 और 5 मई को झारखंड के 17 जिलों में मौसम का ‘सुपरफास्ट’ शो चलने वाला है। रांची से लेकर धनबाद और दुमका से लेकर साहिबगंज तक, आसमान में ऐसे काले बादल छाएंगे जैसे कोई ब्लॉकबस्टर फिल्म का क्लाइमेक्स चल रहा हो।

  • खतरा क्या है? आंधी की रफ्तार 50 से 60 किमी प्रति घंटा होगी। इतनी स्पीड कि पड़ोसी के आंगन के कपड़े आपके घर लैंड कर सकते हैं!
  • बिजली का तड़का: मौसम विभाग ने साफ कहा है कि ‘मेघ गर्जन’ (बादलों की गड़गड़ाहट) के साथ वज्रपात भी होगा। इसलिए जब आसमान दहाड़े, तो हीरो बनने की कोशिश न करें और सुरक्षित छत के नीचे रहें।

पारा लुढ़का, गर्मी हुई ‘फुस्स’!

जहाँ लोग सूरज देवता के डर से दुबके बैठे थे, वहां अब मौसम सुहाना हो गया है। रांची में तापमान 33.6 डिग्री पर आकर ‘कूल-कूल’ महसूस करा रहा है। सबसे ज्यादा मजे तो पाकुड़ (31.2°C) और बोकारो (31.5°C) वाले ले रहे हैं, जिन्हें लग रहा होगा कि गलती से शिमला शिफ्ट हो गए हैं। हालांकि, मेदिनीनगर (38.5°C) वाले अब भी थोड़े पसीने बहा रहे हैं, पर राहत वहां भी पहुंचने वाली है।

किसान भाई और आम जनता ध्यान दें!

यह मौसम जितना रोमांटिक लग रहा है, उतना ही रिस्की भी है।

  1. आम की खैर नहीं: जिन पेड़ों पर टिकोरे लदे हैं, उन्हें इस 60 की स्पीड वाली आंधी से बचाना मुश्किल होगा।
  2. सावधानी हटी, दुर्घटना घटी: अगर आप खेत में हैं या बाइक पर हैं और अचानक आसमान काला पड़ जाए, तो तुरंत किसी पक्के मकान की शरण लें। पेड़ के नीचे छिपना सबसे पुरानी और खतरनाक गलती है, इससे बचें!

क्या ये प्री-मानसून है?

फिलहाल तो ये सिर्फ एक ट्रेलर है जो 9 मई तक चलेगा। सिस्टम का कहना है कि इसके बाद गर्मी फिर से अपनी ‘सेकंड इनिंग’ शुरू करेगी। तो बस, दो-चार दिन इस सुहाने और तूफानी मौसम का लुत्फ उठाइए, लेकिन खिड़की-दरवाजे कस कर बंद रखिएगा!

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Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

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