नगरपालिका चुनाव 2026: मेयर की कुर्सी के लिए छिड़ा महासंग्राम, स्क्रुटनी के बाद सभी 19 धुरंधर मैदान में, अब क्या होगा आगे?

नगरपालिका चुनाव 2026: मेयर की कुर्सी के लिए छिड़ा महासंग्राम, स्क्रुटनी के बाद सभी 19 धुरंधर मैदान में, अब क्या होगा आगे?

Ranchi | नगरपालिका (आम) निर्वाचन-2026 की बिसात बिछ चुकी है और मेयर पद की दावेदारी को लेकर चल रही पहली बड़ी परीक्षा संपन्न हो गई है। समाहरणालय के ब्लॉक-बी स्थित निर्वाची पदाधिकारी के कार्यालय में आज दिन भर चली गहन स्क्रुटनी (नामांकन पत्रों की जांच) के बाद एक बड़ी खबर सामने आई है। मेयर पद के लिए ताल ठोकने वाले सभी 19 अभ्यर्थियों के नामांकन पत्र सही पाए गए हैं। किसी भी उम्मीदवार का पत्ता न कटने से अब मुकाबला बेहद रोचक और कड़ा होने की उम्मीद है।

बारीकी से हुई जांच, एक भी नामांकन खारिज नहीं

निर्वाचन आयोग के सख्त दिशा-निर्देशों के बीच आज सुबह से ही स्क्रुटनी की प्रक्रिया शुरू हुई। अधिकारियों ने दस्तावेजों की वैधता, शपथ पत्र की बारीकियों और प्रस्तावक-समर्थकों के विवरण की ‘सर्जिकल’ जांच की। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस बार उम्मीदवारों ने कागजी कार्रवाई में काफी सतर्कता बरती थी। यही कारण है कि रमा खलखो से लेकर बीरू तिर्की तक, सभी 19 अभ्यर्थियों ने स्क्रुटनी की बाधा को सफलतापूर्वक पार कर लिया है।

मैदान में ये 19 चेहरे: कौन पड़ेगा किस पर भारी?

मेयर की कुर्सी के लिए मैदान में उतरे इन 19 नामों में अनुभव और युवा जोश का मिश्रण दिख रहा है। योग्य पाए गए अभ्यर्थियों की सूची इस प्रकार है:

  1. रमा खलखो, 2. सुनील फकीरा कच्छप, 3. देवी दयाल मुण्डा, 4. कथरीना तिर्की, 5. सोनू खलखो, 6. राजेन्द्र मुण्डा, 7. सुजाता कच्छप, 8. विनोद कुमार बड़ाईक, 9. संजय कुमार टोप्पो, 10. प्रवीण कच्छप, 11. सुमन कांत तिग्गा, 12. अजीत लकड़ा, 13. किरण कुमारी, 14. सुरेंद्र लिंडा, 15. रौशनी खलखो, 16. रामशरण तिर्की, 17. सुजीत कुमार कुजूर, 18. सुजीत बिजय आनंद कुजूर, और 19. बीरू तिर्की

विजुअल सजेशन: लेख के साथ स्क्रुटनी हॉल के बाहर जमा उम्मीदवारों की भीड़, अधिकारियों द्वारा फाइलों की जांच करते हुए क्लोज-अप शॉट और कलेक्ट्रेट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की तस्वीर लगाएं।

वोटरों का गणित: क्यों बढ़ गई है उम्मीदवारों की धड़कन?

सभी 19 उम्मीदवारों के मैदान में होने का सीधा मतलब है—वोटों का बिखराव। जानकार मानते हैं कि जब उम्मीदवारों की संख्या इतनी अधिक होती है, तो जीत-हार का अंतर बहुत कम हो जाता है। अब हर प्रत्याशी की कोशिश होगी कि वह समाज के हर वर्ग तक पहुंचे। शहर की टूटी सड़कें, जलजमाव और सफाई जैसे मुद्दे अब चर्चा के केंद्र में होंगे।

प्रशासन की तैयारी: निष्पक्षता पर जोर

निर्वाचन अधिकारी ने साफ कर दिया है कि चुनाव को ‘फ्री एंड फेयर’ कराने के लिए कमर कस ली गई है। सभी अभ्यर्थियों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) का अक्षरशः पालन करें। किसी भी प्रकार के प्रलोभन या नियम उल्लंघन पर सीधी कार्रवाई की जाएगी।

अब आगे क्या? नाम वापसी और सिंबल अलॉटमेंट

स्क्रुटनी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब सबकी निगाहें ‘नाम वापसी’ की तिथि पर टिकी हैं। क्या इन 19 में से कुछ नाम पीछे हटेंगे? क्या कोई गठबंधन की सुगबुगाहट होगी? नाम वापसी के बाद ही अंतिम तस्वीर साफ होगी, जिसके तुरंत बाद प्रत्याशियों को उनके चुनाव चिन्ह (प्रतीक) आवंटित किए जाएंगे। इसके बाद शुरू होगा असली चुनावी दंगल, जहां लाउडस्पीकरों का शोर और जनसंपर्क का दौर अपने चरम पर होगा।

Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

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