रांची: राजधानी रांची के तुपुदाना स्थित एक बॉटलिंग प्लांट से बोकारो के लिए लोड किया गया 1100 पेटी विदेशी शराब से भरा ट्रक संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया है। शराब की कुल कीमत करीब 80 लाख रुपये आंकी गई है। इस मामले में ट्रांसपोर्टर ने ट्रक चालक-सह-मालिक पर शराब गायब करने की आशंका जताते हुए तुपुदाना ओपी में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया है। वहीं, चालक की पत्नी ने भी अपने पति के लापता होने को लेकर पुलिस को शिकायत दी है। इस घटना के सामने आने के बाद झारखंड शराब व्यापारी संघ ने राज्य में शराब परिवहन व्यवस्था और उत्पाद विभाग की निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
परमिट जनरेट न होने के कारण बाहर खड़ा कराया गया था वाहन
दैनिक भास्कर में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, तुपुदाना स्थित अजंता बॉटलर्स एंड ब्लेंडर्स प्रा. लि. से यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड के ऑर्डर पर 1100 पेटी विदेशी शराब (रॉयल चैलेंज और मैकडॉवेल्स नंबर-1) जेएसबीसीएल (JSBCL) बोकारो भेजी जानी थी। ट्रांसपोर्टर एक्जीक्यूटिव दीपक कुमार सिंह के अनुसार, 29 अक्टूबर की सुबह 8:30 बजे वाहन संख्या JH01CA-8807 लोडिंग के लिए प्लांट पहुंचा। सुबह 10:45 बजे तक स्कैनिंग के जरिए शराब लोड कर दी गई, लेकिन विभागीय पोर्टल में तकनीकी खराबी के चलते समय पर ऑनलाइन परमिट जनरेट नहीं हो सका। इसके बाद कंपनी प्रतिनिधि के निर्देश पर ट्रक को कागजात मिलने तक फैक्ट्री के बाहर खड़ा कराया गया था।
अंतिम लोकेशन हजारीबाग में मिली, चालक का फोन बंद
रिपोर्ट के अनुसार, 30 अक्टूबर को शाम 4:45 बजे कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब कंपनी प्रतिनिधि ट्रक को रवाना करने पहुंचे, तो वाहन निर्धारित जगह पर नहीं मिला। चालक नागेंद्र सिंह के मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन फोन स्विच ऑफ मिला।
प्रारंभिक पुलिस जांच में सामने आया है कि ट्रक ने 29 और 30 अक्टूबर की दरमियानी रात 1:30 बजे रामगढ़ और तड़के 3:30 बजे हजारीबाग के नगवां टोल प्लाजा को पार किया था। इसके बाद से ट्रक और चालक का कोई सुराग नहीं मिला है। दूसरी ओर, चालक की पत्नी उर्मिला देवी ने तुपुदाना ओपी में आवेदन देकर कहा है कि 29 अक्टूबर की रात 11:30 बजे उनकी पति से बात हुई थी, जिसमें उन्होंने बताया था कि ट्रक में माल लोड है लेकिन चालान नहीं मिला है। इसके बाद से परिजनों का उनसे संपर्क नहीं हो पाया है।
झारखंड शराब व्यापारी संघ ने उठाए सवाल, जांच की मांग

इस प्रकरण पर झारखंड शराब व्यापारी संघ के महासचिव सुबोध कुमार जयसवाल ने कहा है कि उत्पाद विभाग के बॉन्ड अधिकारियों और परिवहन निगरानी तंत्र पर लापरवाही का आरोप लगाया है। संघ ने लगभग छह माह पूर्व हरमू रोड स्थित मुक्तिधाम शराब दुकान के परमिट पर जारी 170 पेटी शराब के रांची-रामगढ़ प्रकरण का भी उल्लेख किया, जिसमें शराब निर्धारित दुकान के बजाय रामगढ़ क्षेत्र में पकड़ी गई थी।
संघ का आरोप है कि सामान्य शराब व्यापारियों से छोटी-सी चूक पर जुर्माना और हिसाब मांगा जाता है, लेकिन परिवहन के दौरान बड़ी मात्रा में शराब गायब होने के मामलों में जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों और बॉन्ड अधिकारियों की जवाबदेही तय नहीं की जाती।
संघ की प्रमुख मांगें:
- बोकारो जा रहे शराब लदे ट्रक के लापता होने के मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए।
- संबंधित बॉन्ड अधिकारियों और परिवहन निगरानी में लगे पदाधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए।
- पिछले छह महीने के शराब परिवहन परमिट, जीपीएस रिकॉर्ड और स्टॉक मिलान की विस्तृत जांच हो।
- हरमू रोड मुक्तिधाम दुकान से जुड़े पुराने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित हो।
- विभाग में शराब परिवहन, ऑनलाइन ट्रैकिंग और स्टॉक प्राप्ति की पूरी व्यवस्था को पारदर्शी व जवाबदेह बनाया जाए।
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