रांची। सामाजिक कार्यकर्ता सुबोध कुमार जायसवाल ने 170 पेटी शराब की बरामदगी से जुड़े मामले में निष्पक्ष जाँच और विभागीय जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने 23 अक्टूबर 2026 को दिनांकित सूचना का अधिकार (RTI) आवेदन में शराब के परिवहन, बरामदगी, शिकायतों और विभागीय कार्रवाई से संबंधित सरकारी अभिलेखों की प्रमाणित प्रतियाँ माँगी हैं।
उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के लोक सूचना पदाधिकारी को संबोधित आवेदन में शिकायत वाद संख्या 484/2026 का उल्लेख है। जायसवाल ने एफआईआर, जब्ती सूची, संबंधित थाना, दर्ज धाराओं और मामले की वर्तमान स्थिति से जुड़े उपलब्ध रिकॉर्ड देने का अनुरोध किया है।
इसे भी पढ़ें: रांची–रामगढ़ शराब प्रकरण: 7 माह बाद भी कार्रवाई नहीं, उठे सवाल
आवेदन में क्या कहा गया है?
आवेदन के अनुसार, 23 मार्च 2026 को कंपोजिट लाइसेंस संख्या 080-COM & RANCHI-25-26 से संबंधित 170 पेटी शराब जेएसबीसीएल के पिस्का (नगड़ी), रांची स्थित परिसर से हरमू रोड स्थित मुक्तिधाम वाइन शॉप तक पहुँचाई जानी थी। आवेदक का कहना है कि यह शराब रामगढ़ में बरामद हुई थी।
शराब के निर्धारित गंतव्य और बरामदगी के स्थान से जुड़ा यह विवरण आवेदन में दर्ज है। उपलब्ध सामग्री में मूल एफआईआर, जब्ती सूची और परिवहन दस्तावेज शामिल नहीं हैं, इसलिए इन विवरणों की स्वतंत्र पुष्टि बाकी है।
चालान, परिवहन पास और स्टॉक रिकॉर्ड माँगे
जायसवाल ने शराब के चालान और बिल, रोड परमिट अथवा परिवहन पास, वाहन संख्या तथा प्रेषण और निर्धारित गंतव्य से संबंधित अभिलेख माँगे हैं। आवेदन में लाइसेंसधारी दुकान और माल प्राप्त करने वाले व्यक्ति से संबंधित उपलब्ध रिकॉर्ड देने का भी अनुरोध है।
इसके अलावा, शराब के स्रोत, परिवहन मार्ग, माल प्राप्ति और स्टॉक रजिस्टर का विभागीय सत्यापन हुआ हो तो उसकी रिपोर्ट तथा संबंधित अभिलेख उपलब्ध कराने को कहा गया है।
विभागीय जाँच और कार्रवाई की जानकारी भी माँगी
आवेदन में उत्पाद मंत्री, उत्पाद आयुक्त अथवा अन्य सक्षम अधिकारियों को प्राप्त शिकायतों पर हुई कार्रवाई का विवरण माँगा गया है। इसमें शिकायतों की प्राप्ति तिथि, डायरी संख्या, फाइल संख्या, आदेश और पत्राचार शामिल हैं।
यदि मामले में प्रारंभिक या विभागीय जाँच हुई है, तो उसका आदेश, जाँच अधिकारी का विवरण, रिपोर्ट, निष्कर्ष और अनुशंसाओं की प्रमाणित प्रतियाँ माँगी गई हैं। संबंधित लाइसेंसधारी को जारी कारण बताओ नोटिस, स्पष्टीकरण, निरीक्षण रिपोर्ट और निलंबन या अन्य कार्रवाई से जुड़े उपलब्ध दस्तावेज भी आवेदन का हिस्सा हैं।
शराब के प्रेषण और परिवहन से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों के निर्धारित कर्तव्यों तथा उनके विरुद्ध कोई कार्रवाई हुई हो तो उसके रिकॉर्ड की मांग भी की गई है।
जब्त शराब और फाइल की स्थिति पर सवाल
जायसवाल ने जब्त शराब के भंडारण, सुपुर्दगी, न्यायालय में प्रस्तुत करने, नमूना जाँच और निस्तारण से संबंधित उपलब्ध अभिलेख माँगे हैं। विभागीय फाइल की वर्तमान स्थिति, उसमें दर्ज आदेशों और टिप्पणियों की प्रतियाँ देने का भी अनुरोध है।
जायसवाल ने अपने बयान में कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति या अधिकारी को पहले से दोषी ठहराना नहीं है। वह सरकारी अभिलेखों के आधार पर तथ्य सामने लाने और अनियमितता प्रमाणित होने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
आवेदन में उपलब्ध सूचनाएँ निर्धारित समय-सीमा में देने तथा किसी सूचना से इनकार किए जाने पर कारण और संबंधित कानूनी प्रावधान सहित लिखित आदेश देने का अनुरोध किया गया है।
यह रिपोर्ट उपलब्ध RTI आवेदन की प्रति और आवेदक की ओर से दिए गए विवरण पर आधारित है। विभाग तथा संबंधित लाइसेंसधारी की प्रतिक्रिया उपलब्ध सामग्री में शामिल नहीं है।














