Jamshedpur | जमशेदपुर के मरीन ड्राइव एनएच पर आधी रात के बाद एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया। यहां एक तेज रफ्तार मारुति स्विफ्ट कार सड़क किनारे खड़े भारी ट्रक से सीधे जा टकराई। टक्कर इतनी जबर्दस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और मौके पर ही चीख-पुकार मच गई।
इस भीषण दुर्घटना में झारखंड की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की बेटी तृषा सिंह समेत कार सवार सभी चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर शवों को एमजीएम अस्पताल भेजा, जहां डॉक्टरों ने चारों को मृत घोषित कर दिया।
इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारे में शोक की लहर दौड़ गई है, वहीं हाईवे पर खड़े ट्रकों और कार सेफ्टी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
आधी रात एनएच पर चीख-पुकार: कैसे हुआ यह खौफनाक हादसा?
घटनास्थल से सामने आई तस्वीरें रोंगटे खड़े कर देने वाली हैं। चश्मदीदों और पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हादसा देर रात एनएच हाईवे पर हुआ। मरीन ड्राइव के किनारे एक बड़ा भारी ट्रक खड़ा था। अंधेरे और तेज रफ्तार के बीच मारुति स्विफ्ट कार अनियंत्रित होकर खड़े ट्रक के पिछले हिस्से में जा घुसी।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा और बायां केबिन पूरी तरह पिचक गया। धातु के टुकड़े हाईवे पर बिखर गए और कार में सवार किसी भी व्यक्ति को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

राजनीतिक गलियारे में शोक: ‘संतान खोने का दर्द असहनीय’
हादसे की खबर फैलते ही राज्य सरकार और नेताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संवेदना व्यक्त करते हुए कहा:
“दीपिका पांडेय सिंह की बेटी एवं अन्य लोगों के निधन की बेहद दुखद और हृदयविदारक खबर से मन अत्यंत व्यथित है। अपनी संतान को खोने का दुःख किसी भी माता-पिता और परिवार के लिए शब्दों से परे और असहनीय होता है। इस अत्यंत कठिन घड़ी में मेरी गहरी संवेदनाएं बहन दीपिका एवं शोकाकुल परिवारों के साथ हैं। मरांग बुरु दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें।”
वहीं, कैबिनेट मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने सोशल मीडिया पर इस त्रासदी की जानकारी साझा करते हुए लिखा:
“आज सुबह जमशेदपुर में एनएच पर हुए हादसे में हमारी छोटी बहन व मंत्री दीपिका पांडे जी की बेटी का निधन हो गया। एक मां के लिए संतान खोने का दर्द शब्दों में बयां नहीं हो सकता। ईश्वर शोकाकुल परिवार को संबल दें।”
हाईवे पर खड़े वाहन और कार सेफ्टी पर सुलगते सवाल
यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि दो बड़े सुरक्षा पहलुओं पर कड़े सवाल छोड़ गया है:
- अवैध पार्किंग और बिना रिफ्लेक्टर खड़े ट्रक: नेशनल हाईवे और मरीन ड्राइव पर बिना इंडिकेटर या चेतावनी बोर्ड के खड़े रहने वाले भारी वाहन अक्सर ‘चलता-फिरता काल’ साबित होते हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या ट्रक चालक ने कोई चेतावनी संकेत लगाए थे।
- इम्पैक्ट और स्ट्रक्चरल सेफ्टी: दुर्घटनाग्रस्त स्विफ्ट के परखच्चे उड़ने की तस्वीरों ने एक बार फिर ऐसे हादसों में कॉम्पैक्ट कारों की क्रैश वर्थनेस और पैसेंजर सेफ्टी पर तकनीकी बहस छेड़ दी है।
पुलिस प्रशासन ने शवों का पंचनामा कर जांच शुरू कर दी है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या नेशनल हाईवे पर अवैध रूप से खड़े होने वाले ट्रकों पर प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा, या फिर ऐसे ही बेगुनाह जिंदगियां असमय काल के गाल में समाती रहेंगी?










