Ranchi | झारखंड और ओडिशा के सीमावर्ती इलाकों में प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। बंगाल की खाड़ी से उठे गहरे अवदाब (Depression) ने अब मैदानी इलाकों की तरफ रुख कर लिया है, जिससे दक्षिण झारखंड और उत्तर आंतरिक ओडिशा के जिलों में मूसलाधार बारिश का तांडव शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, पिछले 6 घंटों के दौरान यह अवदाब 8 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा है। आज सुबह चाईबासा के दक्षिण-पश्चिम इलाके के ठीक ऊपर इस सिस्टम का केंद्र दर्ज किया गया है। यह खतरनाक सिस्टम इस वक्त जमशेदपुर से महज 70 किमी और राजधानी रांची से 110 किमी की दूरी पर एक्टिव है।
ग्राउंड जीरो से मिल रही रिपोर्ट के अनुसार, चाईबासा, जमशेदपुर और सरायकेला के निचले इलाकों में सुबह से ही घुटनों तक पानी भर गया है। प्रशासन ने एहतियातन निचले इलाकों को खाली कराने के निर्देश दिए हैं। चक्रवाती हवाओं के कारण कई जगहों पर पेड़ों और बिजली के खंभों के गिरने की खबर है, जिससे बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है।
चाईबासा और जमशेदपुर के बीच थमे पहिये, जनजीवन अस्त-व्यस्त
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, आज सुबह यह सिस्टम अक्षांश 22.4° उत्तर तथा देशांतर 85.7° पूर्व के निकट केंद्रित था। इसके प्रभाव से झारखंड के अलावा उत्तर छत्तीसगढ़ और उत्तर ओडिशा में अगले 24 घंटों तक आपातकालीन स्थिति बनी रह सकती है। छत्तीसगढ़ का जशपुरनगर भी इस सिस्टम की सीधी जद में है, जो इसके केंद्र से केवल 170 किमी दूर है।
स्थानीय आपदा प्रबंधन टीम के एक अधिकारी ने ग्राउंड जीरो पर बताया:
“यह अवदाब उम्मीद से ज्यादा नमी लेकर आया है। नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। एनडीआरएफ (NDRF) की टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है और लोगों से अपील की जा रही है कि वे अगले 24 घंटे जब तक बहुत जरूरी न हो, घरों से बाहर न निकलें।”
तीन राज्यों पर संकट: अगले 24 घंटे क्यों हैं बेहद क्रिटिकल?
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, यह अवदाब अपनी उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए झारखंड को पार कर उत्तर छत्तीसगढ़ की तरफ बढ़ेगा। इसका सीधा मतलब यह है कि बारिश का यह दौर अभी थमने वाला नहीं है।
- सड़कों पर सन्नाटा: रांची-टाटा राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) पर विजिबिलिटी बेहद कम हो गई है, जिससे वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया है।
- किसानों की चिंता: तेज हवाओं और जलजमाव के कारण धान की शुरुआती फसलों को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है।
- प्रशासनिक मुस्तैदी: झारखंड और ओडिशा के सीमावर्ती जिलों के जिलाधिकारियों (DM) ने कंट्रोल रूम एक्टिव कर दिए हैं।
प्रशासन का अगला कदम और हमारी तैयारी
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए अगले 24 घंटे प्रशासनिक अमले के लिए कड़ी परीक्षा वाले होंगे। पहाड़ी इलाकों से आने वाले जलभराव और नदी-नालों के उफान को देखते हुए पुल-पुलियों पर आवाजाही रोक दी गई है। जनता को सलाह दी जाती है कि वे मौसम विभाग के बुलेटिन पर नजर रखें और जलजमाव वाले क्षेत्रों से दूर रहें। यह प्राकृतिक आपदा सिस्टम की ड्रेनेज व्यवस्था और आपदा प्रबंधन की तैयारियों की वास्तविक परीक्षा लेगी।











