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FIITJEE और PhysicsWallah समेत कई कोचिंग सेंटरों की जांच, बायोम इंस्टीट्यूट में मिली बड़ी गड़बड़ी

Ranchi | झारखंड की राजधानी रांची में आज उस समय हड़कंप मच गया, जब रांची नगर निगम की टीम ने शहर के नामचीन कोचिंग संस्थानों पर अचानक धावा बोल दिया। निगम की नगर निवेशक शाखा की इस ताबड़तोड़ छापेमारी से हिन्नू और साउथ ऑफिस पाड़ा इलाके के शैक्षणिक गलियारों में खलबली मच गई। विद्यार्थियों की सुरक्षा और बिल्डिंग बाय-लॉज के उल्लंघन को लेकर प्रशासन अब बेहद सख्त नजर आ रहा है।

इस औचक निरीक्षण के दौरान गोल इंस्टीट्यूट, फिजिक्सवाला ट्यूशन सेंटर, बायोम इंस्टीट्यूट, ब्रदर्स एकेडमी और फिटजी (FIITJEE) जैसे बड़े और नामी कोचिंग सेंटर जांच के दायरे में आए। टीम ने जब इन इमारतों के भीतर प्रवेश किया, तो सुरक्षा मानकों को लेकर कई हैरान करने वाली कमियां सामने आईं।

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प्रशासन की इस अचानक हुई कार्रवाई के बाद अब शहर के अन्य कोचिंग संचालकों की धड़कनें भी तेज हो गई हैं। नगर निगम ने साफ कर दिया है कि छात्रों की जान से खिलवाड़ करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा।

‘आवासीय’ नक्शे पर चल रही थी कमर्शियल क्लास, छत पर मिली अवैध लाइब्रेरी

नगर निगम की टीम जब हिन्नू स्थित इंदिरा पैलेस और साउथ ऑफिस पाड़ा क्षेत्र के कोचिंग परिसरों में दाखिल हुई, तो वहां नियमों की जमकर धज्जियां उड़ती देखी गईं। सबसे बड़ी गड़बड़ी ‘बायोम इंस्टीट्यूट’ (Biome Institute) वाले भवन में देखने को मिली।

प्रशासनिक जांच में सामने आया कि जिस बिल्डिंग का नक्शा ‘आवासीय’ (Residential Use) के लिए पास कराया गया था, वहां धड़ल्ले से ‘व्यावसायिक’ (Commercial) गतिविधियां चलाई जा रही थीं। इतना ही नहीं, G+3 बिल्डिंग की छत पर नियमों को ताक पर रखकर जीआई (GI) शीट से बनी एक अवैध लाइब्रेरी भी चलती हुई पाई गई, जिसने अधिकारियों को भी चौंका दिया।

न फायर एनओसी, न सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम: ग्राउंड रिपोर्ट

मैदान पर मौजूद सहायक नगर निवेशक और कनीय अभियंता (Junior Engineer) की टीम ने सुरक्षा के कई अहम बिंदुओं पर बारीकी से पड़ताल की। ग्राउंड जीरो से मिली जानकारी के मुताबिक, जांच टीम ने निम्नलिखित मानकों को खंगाला:

  • भवन की सरकारी स्वीकृति और उपयोग की प्रकृति।
  • अग्नि सुरक्षा व्यवस्था (Fire Safety) और विद्युत सुरक्षा मानक।
  • वेंटिलेशन (हवा-पानी), प्रवेश और निकास (Exit) मार्ग की चौड़ाई।
  • पार्किंग व्यवस्था और सीसीटीवी कैमरों का सही ढंग से काम करना।

निरीक्षण के दौरान कई नामी संस्थानों के पास जरूरी फायर एनओसी (Fire NOC) तक नहीं मिली। शॉर्ट सर्किट जैसी आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए भी इंतजाम अधूरे पाए गए। प्रशासन ने बायोम इंस्टीट्यूट के संचालक को तुरंत तलब करते हुए भवन का स्वीकृत नक्शा और सभी वैधानिक दस्तावेज पेश करने का कड़ा निर्देश दिया है।

“विद्यार्थियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सुरक्षा मानकों और बिल्डिंग बाय-लॉज (Building Bye-Laws) का उल्लंघन किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियमों को ठेंगा दिखाने वाले संस्थानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।”रांची नगर निगम प्रशासन

रांची नगर निगम ने साफ संकेत दे दिए हैं कि यह कार्रवाई महज एक शुरुआत है। जिन संस्थानों में कमियां मिली हैं, उन्हें निर्धारित समय के भीतर फायर एनओसी और अन्य कमियों को दुरुस्त करने की चेतावनी दी गई है। दस्तावेजों की जांच के बाद अवैध निर्माण और कमर्शियल इस्तेमाल को लेकर भारी जुर्माना या संस्थान को सील करने जैसी बड़ी कार्रवाई भी हो सकती है। आने वाले दिनों में रांची के अन्य इलाकों में भी ऐसे औचक निरीक्षण नियमित रूप से चलाए जाएंगे।

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Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

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