रांची की दुर्गा पूजा इस बार खास चर्चा में है। आरआर स्पोर्टिंग क्लब ने अपने पंडाल को वेटिकन सिटी के प्रारूप में तैयार किया है। जैसे ही यह खबर मीडिया और सोशल मीडिया में आई, पंडाल अचानक विवादों में घिर गया। हालांकि आयोजकों का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल एक खूबसूरत कलाकृति प्रस्तुत करना था, न कि किसी धर्म की भावना को ठेस पहुँचाना।
वेटिकन सिटी थीम क्यों चुनी गई?
आरआर स्पोर्टिंग क्लब के मुख्य आयोजक विक्की यादव बताते हैं कि वर्ष 2022 में कोलकाता के श्रीभूमि दुर्गा पूजा पंडाल में भी इसी तरह का वेटिकन सिटी थीम बनाया गया था, और वहां किसी तरह का विवाद नहीं हुआ। उसी से प्रेरणा लेकर उन्होंने रांची में भी यही थीम अपनाई।
कारीगरों को खासतौर पर कोलकाता से बुलाया गया, जिन्होंने वेटिकन सिटी की झलक को कलाकृति में उतारा। यादव के अनुसार, वेटिकन सिटी बेहद खूबसूरत शहर है और उसकी झलक लोगों को दिखाने की कोशिश की गई है।
विवादों पर आयोजकों की सफाई
सोशल मीडिया पर पंडाल की आलोचना होने लगी, कई लोगों ने इसे “बॉयकॉट” तक करने की मांग कर दी। इस पर आयोजकों का कहना है कि भारत एक सेक्युलर देश है और यहां अलग-अलग धर्मों को सम्मान मिलता है। यदि मिशनरी स्कूलों और कॉलेजों में बच्चे पढ़ सकते हैं, तो 10 दिनों के लिए बनाए गए एक अस्थायी पंडाल पर सवाल खड़ा करना उचित नहीं।
विक्की यादव का कहना है –
“हमने कहीं भी चर्च नहीं लिखा है, केवल वेटिकन सिटी का शहर दिखाया है। हमारा मकसद मां की भव्य पूजा करना है, किसी धर्म को आहत करना नहीं।”
पंडाल की खासियतें
- 12 फीट ऊँची दुर्गा प्रतिमा – यह प्रतिमा चंदन नगर के कलाकारों ने बनाई है। इसमें मां दुर्गा की 156 भुजाएं दर्शाई गई हैं, जो झारखंड की समृद्धि और शक्ति का प्रतीक हैं।
- लाइटिंग आकर्षण – बिजली के लैंप, कार्टून कैरेक्टर जैसे मिकी माउस और हम्प्टी डम्प्टी की झलक बच्चों को खूब भा रही है।
- फूड स्टॉल्स – पंडाल परिसर में लगभग 60–70 फूड स्टॉल लगाए गए हैं।
- पार्किंग की व्यवस्था – तीन जोन (नॉर्थ, साउथ और बेस) में पार्किंग एरिया बनाया गया है ताकि भीड़भाड़ के बावजूद लोगों को परेशानी न हो।
रांचीवासियों से अपील
आयोजकों ने लोगों से आग्रह किया है कि वे अफवाहों या सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर धारणा न बनाएं। पहले पंडाल में आएं, खुद देखें और मां दुर्गा का आशीर्वाद लें।










