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सूर्य हांसदा के फर्जी एनकाउंटर के खिलाफ 23 अगस्त को निकलेगा राजभवन आक्रोश मार्च

रांची: झारखंड की राजनीति और समाज में एक बार फिर आक्रोश की लहर है। संथाल नेता सूर्य हांसदा के कथित फर्जी एनकाउंटर को लेकर विभिन्न आदिवासी संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। इस मुद्दे पर 23 अगस्त को राजभवन मार्च आयोजित किया जाएगा।

रांची के करम टोली स्थित धूमकुडिया भवन में बुधवार को आयोजित प्रेस वार्ता में कई आदिवासी संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यक्रम के मुख्य संयोजक और रांची के मुख्य पाहन जगलाल पाहन ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।

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सरकार पर गंभीर आरोप

जगलाल पाहन ने कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में जल-जंगल-जमीन की लूट, अवैध खनन, मानव और पत्थर तस्करी तथा महिलाओं पर शोषण लगातार बढ़ रहा है। इन्हीं मुद्दों पर आवाज उठाने वाले सूर्य हांसदा को जान से हाथ धोना पड़ा।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने हांसदा की बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर उन्हें अपराधी बताकर फर्जी एनकाउंटर करवा दिया और अब मामले पर लीपापोती कर रही है।

संगठन की मांगें

प्रेस वार्ता में हांसदा की मौत पर CBI जांच, परिजनों को सुरक्षा, लगाए गए फर्जी मुकदमों को वापस लेने और उनके अनाथ बच्चों की जिम्मेदारी उठाने जैसी प्रमुख मांगें रखी गईं।

23 अगस्त को आक्रोश मार्च

घोषणा की गई कि 23 अगस्त 2025 को जिला स्कूल मैदान से आक्रोश मार्च निकाला जाएगा। यह मार्च राजभवन तक पहुंचेगा, जहां महामहिम राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा जाएगा।

प्रेस वार्ता में शामिल प्रतिनिधि

इस अवसर पर केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष बबलू मुंडा, ट्राइब फर्स्ट अभियान झारखंड की प्रदेश संयोजक आरती कुजूर, चडरी सरना समिति के महासचिव सुरेंद्र लिंडा, आदिवासी रूढ़ि सुरक्षा मंच के संयोजक रवि मुंडा, सरना जन क्रांति सेना के संयोजक रंजीत उरांव, एदलहातू सरना समिति के मुकेश मुंडा, जनजाति सुरक्षा मंच के मीडिया प्रभारी सोमा उरांव, महादेव टोप्पो और आशिष मुंडा सहित कई अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

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