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Jharkhand News

संदेहास्पद हालातों में मिला सिपाही का शव, पुलिस जांच में जुटी

साहिबगंज: झारखंड के साहिबगंज जिले में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां साहिबगंज पुलिस लाइन में तैनात सिपाही सुरजीत कुमार यादव का शव संदिग्ध अवस्था में मिला है। मृतक का शव महिला सिपाही बैरक के पीछे पड़ा मिला, जिससे पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।

घटना की सूचना मिलते ही आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। तीन डॉक्टरों की टीम ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पोस्टमार्टम किया, जिसमें चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।

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पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुला मौत का रहस्य

सदर अस्पताल के डॉक्टर मुकेश कुमार ने बताया कि शव पर गोली लगने के कोई निशान नहीं थे, लेकिन मृतक के छाती की हड्डी टूटकर फेफड़े में घुस गई थी, जिससे दम घुटने की आशंका जताई जा रही है। साथ ही उनके दाहिने हाथ की कई हड्डियां भी टूटी हुई पाई गईं।

पोस्टमार्टम में पाया गया कि शरीर में लगभग 3.5 एमएल ताजा खून मौजूद था, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि मौत हाल ही में हुई है। इस रहस्यमयी मौत को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं, जिनके जवाब पुलिस तलाश रही है।

हत्या की आशंका, एसआईटी कर रही है जांच

साहिबगंज के प्रभारी एसपी अनिमेष नैथानी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि प्रथम दृष्टया यह हत्या का मामला प्रतीत हो रहा है। इस संबंध में एक विशेष जांच दल (SIT) गठित किया गया है, जो हर पहलू पर बारीकी से छानबीन कर रही है।

पुलिस ने दो से तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। ये लोग अंतिम बार सुरजीत के साथ देखे गए थे। एसपी ने दावा किया है कि जल्द ही मामले से पर्दा हटा लिया जाएगा और दोषियों को पकड़ा जाएगा।

परिजनों की आंखों में आंसू, बच्चों का टूटा सहारा

घटना की सूचना मिलते ही सुरजीत के परिजन साहिबगंज पहुंच गए। मृतक के साले रवि ने बताया कि शनिवार रात 11:30 बजे उनकी बहन से सुरजीत की आखिरी बातचीत हुई थी। रोजाना की तरह उन्होंने परिवार से संपर्क किया था, लेकिन अगले ही दिन यह दुखद खबर मिल गई।

सुरजीत यादव पाकुड़ जिला के ग्वालपाड़ा गांव के रहने वाले थे। वर्ष 2011 में वे झारखंड पुलिस में भर्ती हुए थे। 2015 में उनकी शादी साहिबगंज निवासी सुरेंद्र यादव की बेटी से हुई थी। उनके पीछे दो बेटियां और पत्नी हैं, जिनमें एक बेटी 7 साल की और दूसरी महज 2 साल की है।

सुरजीत की सेवा यात्रा और योगदान

सुरजीत अपने तीन भाइयों में मंझले थे और पुलिस सेवा में रहते हुए सिविल जज के अंगरक्षक भी रह चुके थे। कुछ समय तक उन्होंने टाइगर मोबाइल में भी ड्यूटी दी थी और हाल में उनकी तैनाती मुफस्सिल थाना में थी। दो दिन पहले ही वे पुलिस लाइन में शिफ्ट हुए थे।

उनका निवास डीसी रोड के आजाद नगर में था, जहां उन्होंने परिवार के साथ नया जीवन बसाया था। अब उनकी असामयिक मौत ने पूरे इलाके में शोक की लहर फैला दी है।

शव को दी जाएगी अंतिम श्रद्धांजलि

पोस्टमार्टम के बाद सुरजीत के शव को पुलिस लाइन लाया जाएगा, जहां उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी जाएगी। इसके बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। पुलिस विभाग इस दुखद क्षति पर गहरा शोक व्यक्त कर रहा है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दे रहा है।

POLICEMAN DEAD BODY RECOVERED मामले में बहुत जल्द नया मोड़ आने की संभावना जताई जा रही है।

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Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

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