झारखंड में फिर सक्रिय हुआ मानसून
झारखंड में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और इसका असर राज्य के कई हिस्सों में देखा जा रहा है। लगातार हो रही बारिश से जहां मौसम सुहावना हो गया है, वहीं लोगों को सावधानी बरतने की भी जरूरत है। मौसम विभाग ने शुक्रवार, 1 अगस्त 2025 के लिए भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी दी है।
8 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, देवघर, धनबाद, गिरिडीह, कोडरमा, हजारीबाग, बोकारो, जामताड़ा और दुमका में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। इन इलाकों में तेज हवाएं चलने और गरज के साथ वज्रपात की आशंका को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
रांची में ट्रफ लाइन और बंगाल से उठा चक्रवातीय तंत्र
मानसून ट्रफ रांची से हो रहा है प्रभावित
मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि इस समय रांची से मानसून ट्रफ गुजर रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में नमी बनी हुई है। इसके साथ ही बांग्लादेश और उसके आसपास चक्रवातीय परिसंचरण तंत्र विकसित हुआ है, जो झारखंड में भारी वर्षा की एक प्रमुख वजह बन रहा है।
राजधानी रांची में भी बारिश के आसार
बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक अनुराग सनड्या के अनुसार, रांची में आज बादल छाए रहेंगे और दो या दो से अधिक बार हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। अधिकतम तापमान 28 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेंटीग्रेड रहने का अनुमान है।
राज्य में सामान्य से 50% अधिक बारिश
झारखंड में रिकॉर्ड तोड़ वर्षा
राज्य में अब तक सामान्य से 50% अधिक बारिश दर्ज की गई है। रांची में 1051.7 मिमी, जमशेदपुर में 1334.8 मिमी और सरायकेला-खरसावां में 1012.6 मिमी वर्षा हुई है। चाईबासा, डालटनगंज और बोकारो थर्मल में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई है।
धनबाद के पुटकी में सबसे ज्यादा बारिश
धनबाद जिले के पुटकी क्षेत्र में पिछले 24 घंटे में 140 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई, जो राज्य में सबसे अधिक है। 31 जुलाई तक औसत वर्षा 508.2 मिमी की तुलना में इस बार 760.7 मिमी वर्षा हो चुकी है।
गोड्डा और पाकुड़ में थोड़ी कम वर्षा
हालांकि, गोड्डा और पाकुड़ जिलों में अब तक सामान्य से करीब 15% कम बारिश दर्ज की गई है। लेकिन बाकी सभी जिलों में सामान्य से अधिक या सामान्य स्तर की वर्षा हो चुकी है।
तापमान में नहीं होगा बड़ा बदलाव
गोड्डा सबसे गर्म, लातेहार सबसे ठंडा
गोड्डा में बीते 24 घंटे में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेंटीग्रेड रिकॉर्ड किया गया। वहीं, सबसे कम न्यूनतम तापमान 21 डिग्री लातेहार में दर्ज हुआ। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 5 दिनों में अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।
सावधानी है जरूरी
झारखंड में तेज बारिश, गरज और वज्रपात की संभावना को देखते हुए लोगों को बाहर निकलते समय सतर्क रहने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से खेतों में काम करने वाले, खुले मैदानों या ऊंचे स्थानों पर रहने वाले लोगों को सतर्कता बरतने की जरूरत है।
झारखंड पर इस समय मानसून मेहरबान है। बारिश से जहां किसानों के चेहरे खिले हैं, वहीं अत्यधिक वर्षा के कारण जलजमाव, बिजली गिरने और दुर्घटनाओं की आशंका को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। प्रशासन और जनता दोनों को मिलकर सतर्कता बरतने की जरूरत है।








