Advertisement
Jharkhand News

झारखंड में एक करोड़ के इनामी माओवादी का खात्मा, झूमरा चैप्टर हुआ खत्म

रांची: झारखंड की धरती पर पहली बार एक करोड़ रुपये के इनामी कुख्यात नक्सली का खात्मा हुआ है। बोकारो जिले के लुगु पहाड़ी पर सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में कुल आठ माओवादी मारे गए हैं। इन माओवादियों में सबसे बड़ा नाम है सीसी सदस्य कुख्यात विवेक का, जिस पर सरकार ने एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित किया था।

सुरक्षा एजेंसियों को गुप्त सूचना मिली थी कि लुगु पहाड़ी इलाके में नक्सलियों का एक बड़ा जत्था सक्रिय है। इस जानकारी के बाद सुरक्षाबलों ने इलाके में तलाशी अभियान चलाया। इसी दौरान नक्सलियों ने पुलिस और केंद्रीय बलों पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी, जिसका मुंहतोड़ जवाब दिया गया।

Advertisement

मारे गए शीर्ष नक्सली, झूमरा मॉड्यूल टूटा

इस मुठभेड़ में सिर्फ विवेक ही नहीं, बल्कि उसके साथ 25 लाख के इनामी अरविंद यादव और 10 लाख के इनामी साहेब राम मांझी भी मारे गए हैं। इन तीनों के मारे जाने के बाद नक्सलियों का झूमरा चैप्टर लगभग पूरी तरह से खत्म माना जा रहा है।

गौरतलब है कि विवेक की पत्नी जया भी एक सक्रिय माओवादी थी, जिसके सिर पर भी एक करोड़ रुपये का इनाम था। हालांकि, उसे पिछले साल गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन बीमारी के चलते जेल में ही उसकी मौत हो गई थी।

अब तक मुठभेड़ स्थल से कुल आठ नक्सलियों के शव बरामद किए जा चुके हैं। लेकिन सूत्रों के अनुसार, मारे गए नक्सलियों की संख्या 10 से अधिक हो सकती है।

सुरक्षाबलों की रणनीति ने बदली जंग की दिशा

झारखंड पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों की संयुक्त कार्रवाई ने नक्सलियों की कमर तोड़ दी है। इस ऑपरेशन को बड़ी रणनीति और खुफिया इनपुट के आधार पर अंजाम दिया गया। मुठभेड़ अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, लेकिन पुलिस का कहना है कि यह नक्सली गिरोह अब लगभग समाप्त हो चुका है।

झारखंड पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यह कार्रवाई राज्य में शांति और कानून व्यवस्था बहाल करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।

राज्य के सुरक्षा अधिकारी मानते हैं कि इस मुठभेड़ के बाद नक्सली संगठनों में हड़कंप मच गया है और उनका मनोबल टूटेगा।

नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी जीत

एक करोड़ के इनामी नक्सली विवेक की मौत, उसके दो और खास साथियों के खात्मे और झूमरा चैप्टर के समाप्त होने से राज्य में नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी मजबूती मिली है।

झारखंड सरकार और सुरक्षाबलों के लिए यह एक ऐतिहासिक सफलता मानी जा रही है, जिसने यह साबित किया कि राज्य अब नक्सलवाद से मुक्ति की दिशा में ठोस कदम बढ़ा रहा है।

Related Stories & Ads

Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Leave a Comment