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KBC 17 Finale: कुमार मंगलम बिड़ला ने किया टीवी डेब्यू, बिग बी के लिए गाया गाना और जीते 25 लाख रुपये

New Delhi | टेलीविजन के सबसे चर्चित शो ‘कौन बनेगा करोड़पति 17’ (KBC 17) का समापन एक ऐतिहासिक एपिसोड के साथ हुआ। शो के ग्रैंड फिनाले में देश के दिग्गज उद्योगपति और आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला (Kumar Mangalam Birla) ने हॉटसीट पर बैठकर न केवल खेल खेला, बल्कि अपने जीवन के कई अनसुने पन्ने भी खोले। यह पहली बार था जब कुमार मंगलम बिड़ला ने किसी टीवी शो पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

बिजनेस टाइकून का अनोखा अंदाज और 25 लाख की जीत

केबीसी 17 के फिनाले एपिसोड में कुमार मंगलम बिड़ला ने अपनी सादगी और हाजिरजवाबी से दर्शकों का दिल जीत लिया। शो के होस्ट अमिताभ बच्चन के साथ बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि वे इस शो में आने को लेकर थोड़े नर्वस थे।

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बिड़ला ने खेल को बहुत सूझबूझ के साथ खेला और 25 लाख रुपये की धनराशि जीती। उन्होंने शो में ही घोषणा की कि जीती गई यह पूरी राशि एक चैरिटी संस्था को दान दी जाएगी। यह एपिसोड ज्ञान, भावनाओं और प्रेरणा का एक अद्भुत संगम साबित हुआ।

शो के लिए की थी हफ्तों तैयारी: बेटी अनन्या का खुलासा

शो के दौरान अमिताभ बच्चन ने कुमार मंगलम बिड़ला की बेटी अनन्या बिड़ला से पूछा कि क्या उनके पिता सच में नर्वस थे। इस पर अनन्या ने मजेदार खुलासा करते हुए बताया कि उनके पिता पिछले तीन-चार हफ्तों से जीके (General Knowledge) की किताबें पढ़ रहे थे।

कुमार मंगलम बिड़ला ने स्वीकार किया कि उन्हें डर था कि कहीं वे किसी आसान सवाल का गलत जवाब न दे दें, इसलिए उन्होंने पूरी तैयारी के साथ आने का फैसला किया। यह बात एक सफल उद्योगपति की अपने काम के प्रति समर्पण और गंभीरता को दर्शाती है।

पिता को याद कर हुए भावुक: ‘हनुमान चालीसा पढ़ता था’

एपिसोड का सबसे भावुक क्षण वह था जब कुमार मंगलम बिड़ला ने अपने पिता के निधन और उसके बाद के संघर्ष को याद किया। उन्होंने बताया कि जब उनके पिता का निधन हुआ, तब वे महज 27 साल के थे।

बिड़ला ने कहा, “मैं उस वक्त समझ नहीं पा रहा था कि सब कुछ कैसे संभालूं। तनाव कम करने के लिए मैं दिन में चार-चार बार हनुमान चालीसा पढ़ता था और दीवारों पर ‘राम-राम’ लिखता था।” उन्होंने बताया कि उस कठिन समय में उनके दादाजी ने उन्हें बहुत सपोर्ट किया और हमेशा उनका मार्गदर्शन किया।

धोलेरा प्रोजेक्ट के सवाल पर ली लाइफलाइन

खेल के दौरान 9वें प्रश्न पर कुमार मंगलम बिड़ला थोड़े असमंजस में पड़ गए। सवाल ‘धोलेरा इंडस्ट्रियल सिटी डेवलपमेंट लिमिटेड’ से जुड़ा था, जिसमें पूछा गया था कि यह केंद्र सरकार और किस राज्य सरकार के बीच का विशेष प्रयोजन वाहन (SPV) है।

इस प्रश्न का सही उत्तर देने के लिए उन्होंने ‘ऑडियंस पोल’ (Audience Poll) लाइफलाइन का उपयोग किया। जनता के बहुमत के साथ जाते हुए उन्होंने ‘गुजरात’ को चुना, जो सही जवाब था। उनकी सूझबूझ और सही समय पर लाइफलाइन के इस्तेमाल ने उन्हें खेल में आगे बढ़ाया।

अमिताभ बच्चन के लिए गाया गाना: ‘नटवरलाल’ की यादें

शो में एक हल्का-फुल्का पल तब आया जब कुमार मंगलम बिड़ला ने अमिताभ बच्चन के प्रति अपनी दीवानगी जाहिर की। उन्होंने बताया कि बिग बी ही उनके पसंदीदा स्टार हैं और वे उन्हें अपने पिता तुल्य मानते हैं।

बिड़ला ने 1978 का एक किस्सा साझा किया जब वे फिल्म ‘नटवरलाल’ के सेट पर पहली बार शूटिंग देखने गए थे। उन्होंने बिग बी के लिए ‘जिधर देखूं, तेरी तस्वीर नजर आती है’ गाना भी गाया, जिससे माहौल खुशनुमा हो गया। उन्होंने अमिताभ की तारीफ में कहा, “धरोहर बनती नहीं है, बनाई जाती है।”

भारत के भविष्य पर कुमार मंगलम बिड़ला की राय

जब अमिताभ बच्चन ने उनसे भारत के भविष्य के बारे में पूछा, तो बिड़ला ने बहुत सकारात्मक जवाब दिया। उन्होंने कहा, “भारत आज दुनिया का सबसे तेजी से विकसित होने वाला देश बन चुका है। हम इतनी गति से आगे बढ़ रहे हैं कि यह अनुमान लगाना भी मुश्किल है कि आने वाले समय में देश किस ऊंचाई पर होगा।” उनका यह बयान देश की आर्थिक प्रगति पर उनके भरोसे को दिखाता है।

निष्कर्ष (Conclusion)

‘कौन बनेगा करोड़पति 17’ का यह फिनाले एपिसोड दर्शकों के लिए यादगार बन गया। एक तरफ जहां अमिताभ बच्चन का करिश्मा था, वहीं दूसरी तरफ कुमार मंगलम बिड़ला की विनम्रता और जीवन के संघर्षों ने सबको प्रेरित किया। 25 लाख रुपये की जीत और उसे दान करने का उनका फैसला समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी को दर्शाता है।

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Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

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