Ranchi | झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (JSCA) की एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में रविवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला। संघ ने कड़ा रुख अपनाते हुए पूर्व पदाधिकारी एसबी सिंह और एसए रहमान की प्राथमिक सदस्यता समाप्त करने के फैसले पर आधिकारिक मुहर लगा दी है।
रांची के धुर्वा स्थित JSCA इंटरनेशनल स्टेडियम कॉम्प्लेक्स में आयोजित इस आमसभा में राज्यभर से करीब 400 सदस्य जुटे। बैठक में अनुशासन और पारदर्शिता को लेकर कई अहम प्रस्ताव पारित किए गए।
एसोसिएशन में विवादों के निपटारे और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए झारखंड हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस वीरेंद्र सिंह को जेएससीए का नया ओम्बड्समैन (लोकपाल) और एथिक्स ऑफिसर नियुक्त किया गया है।

अध्यक्ष अजय नाथ शाहदेव की मौजूदगी में अहम फैसले
आमसभा की अध्यक्षता संघ के अध्यक्ष अजय नाथ शाहदेव ने की। बैठक के दौरान मानद सचिव सौरभ तिवारी, उपाध्यक्ष संजय पांडेय, मानद कोषाध्यक्ष अमिताभ घोष और मानद संयुक्त सचिव शाहबाज नदीम सहित प्रबंध समिति के तमाम प्रमुख चेहरे मंच पर मौजूद रहे।
सभा में पिछली वार्षिक आमसभा के साथ-साथ 25 अगस्त 2026 को हुई विशेष आमसभा के मिनट्स को भी सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई।
सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी की जीत पर पीठ थपथपाई, नई चयन समितियां घोषित
मानद सचिव सौरभ तिवारी ने सालभर का लेखा-जोखा और खिलाड़ियों की उपलब्धियों का ब्योरा सदन के सामने रखा। उन्होंने खास तौर पर झारखंड टीम के सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी चैंपियन बनने के ऐतिहासिक सफर को रेखांकित किया। इसके बाद आगामी घरेलू सत्र के लिए चयन समितियों की घोषणा की गई:
- सीनियर मेंस सेलेक्शन कमेटी: मनीष वर्द्धन (चेयरमैन), अजय कुमार यादव, सोनू सिंह और आमिर हाशमी।
- जूनियर मेंस सेलेक्शन कमेटी: कौशल सिंह (चेयरमैन), संजीव गुप्ता, देबोब्रत दास और राजेश कुमार झा।
- विमेंस सेलेक्शन कमेटी: कविता रॉय (चेयरमैन), शाहिद खान, मनोज कुमार सिंह, मिथुन मुखर्जी और पप्पू सिंह।
सदस्यता रद्द होते ही फूटा गुस्सा, एसएसपी से जांच और FIR की मांग
सदस्यता खत्म होने के तुरंत बाद जेएससीए के पूर्व पिच क्यूरेटर एसबी सिंह ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने रांची एसएसपी को एक विस्तृत ईमेल भेजकर 30 नवंबर 2025 को रांची में खेले गए भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका मैच के दौरान फ्री पास और टिकट वितरण में गंभीर अनियमितता के आरोप लगाए हैं।
शिकायत में उन्होंने मौजूदा सचिव सौरभ तिवारी, कोषाध्यक्ष अमिताव घोष, उपाध्यक्ष संजय पांडेय और टिकटिंग एजेंसी के बीच सांठगांठ का आरोप लगाते हुए वित्तीय गबन की उच्चस्तरीय जांच और एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

आगे क्या: कानूनी लड़ाई या अंदरूनी राजनीति?
एक तरफ जहां जेएससीए प्रबंधन ने ओम्बड्समैन की नियुक्ति और चयन समितियों के पुनर्गठन से संघ के प्रशासनिक ढांचे को कसने की कोशिश की है, वहीं निष्कासित सदस्यों द्वारा पुलिस में की गई वित्तीय गड़बड़ी की शिकायत आने वाले दिनों में एसोसिएशन के लिए कानूनी और साख की चुनौती खड़ी कर सकती है।











