झारखंड के न्यूरोसर्जन को मिला राष्ट्रीय सम्मान

Subhash Shekhar
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डॉ. संजय कुमार बने Neurotrauma Society of India के प्रेसिडेंट-इलेक्ट

रांची के Curesta Hospital के डायरेक्टर (न्यूरोसाइंसेज़) और झारखंड के जाने-माने न्यूरोसर्जन डॉ. संजय कुमार को Neurotrauma Society of India का प्रेसिडेंट-इलेक्ट चुना गया है।
यह सम्मान न केवल उनके चिकित्सा क्षेत्र में योगदान को मान्यता देता है, बल्कि यह पूर्वी भारत विशेषकर झारखंड के लिए गर्व का विषय है।

यह पहली बार है जब किसी पूर्वी भारतीय न्यूरोसर्जन को इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संस्था की अध्यक्षता का मौका मिला है।
Neurotrauma Society of India (NTSI) देशभर में न्यूरोट्रॉमा और न्यूरोसर्जरी के क्षेत्र में जागरूकता, शिक्षा और नीति निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाती है।

न्यूरोट्रॉमा के क्षेत्र में राष्ट्रीय नेतृत्व

Neurotrauma Society of India का मुख्य उद्देश्य मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी की चोटों के इलाज से जुड़ी चुनौतियों से निपटना है।
यह संस्था चिकित्सकों, शोधकर्ताओं और विशेषज्ञों को एक साझा मंच प्रदान करती है।

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देशभर के न्यूरोसर्जन, ट्रॉमा विशेषज्ञ और स्वास्थ्य कर्मी NTSI के माध्यम से ट्रॉमा केयर को बेहतर बनाने के लिए एक साथ कार्य करते हैं।
डॉ. संजय कुमार का चयन यह दर्शाता है कि झारखंड अब चिकित्सा नीति निर्माण में एक सशक्त भूमिका निभा रहा है।

पूर्व में भी निभाई है नेतृत्व की भूमिका

बताते चलें कि डॉ. संजय कुमार वर्तमान में Association of Neuroscientists of Eastern India (ANEI) के भी अध्यक्ष हैं।
इसके अलावा उन्होंने Medica Hospital और Paras Hospital में मेडिकल डायरेक्टर और वाइस चेयरमैन की जिम्मेदारियां भी निभाई हैं।

उन्होंने रांची के अपोलो अस्पताल से न्यूरोसर्जरी सेवा की शुरुआत की थी और वर्तमान में Curesta Hospital, रांची में उच्चस्तरीय न्यूरोसर्जिकल सुविधाओं का नेतृत्व कर रहे हैं।
उनका उद्देश्य आम जनता को विश्वस्तरीय न्यूरोसर्जरी सेवाएं उपलब्ध कराना है।

झारखंड को दिलाई नई पहचान

साल 2011 में जब रांची में NTSI का राष्ट्रीय वार्षिक सम्मेलन हुआ था, तब डॉ. संजय कुमार इसके आयोजन सचिव थे।
उनके नेतृत्व में उस आयोजन को बड़ी सफलता मिली थी और झारखंड को न्यूरोसर्जरी के क्षेत्र में नई पहचान मिली।

डॉ. संजय कुमार के प्रयासों ने राज्य में ट्रॉमा केयर और न्यूरोसर्जिकल सेवाओं को नई दिशा दी है।
उनकी नियुक्ति इस बात का प्रमाण है कि झारखंड के डॉक्टर अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशेष पहचान बना रहे हैं।

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डॉ. संजय कुमार की यह उपलब्धि सिर्फ व्यक्तिगत नहीं है, बल्कि यह पूरे झारखंड की सफलता है।
उनका NTSI में चयन प्रदेश के चिकित्सा क्षेत्र को नई ऊर्जा देगा और आने वाले समय में झारखंड को राष्ट्रीय चिकित्सा मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करेगा।

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सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।
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