झारखंड मौसम अपडेट: डिप्रेशन कमजोर, लेकिन बारिश-तेज़ हवाओं का असर बरकरार | IMD अलर्ट 3–5 अक्टूबर

झारखंड मौसम अपडेट: डिप्रेशन कमजोर, लेकिन बारिश-तेज़ हवाओं का असर बरकरार | IMD अलर्ट 3–5 अक्टूबर

Jharkhand Weather: झारखंड की ओर बढ़ रहा ओडिशा-छत्तीसगढ़ का डिप्रेशन अब कमजोर होकर ‘वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया’ में तब्दील हो चुका है। 3 अक्टूबर की शाम 5:30 बजे यह प्रणाली उत्तर छत्तीसगढ़ और उससे सटे ओडिशा-झारखंड के हिस्सों पर केंद्रित रही। मौसम विभाग ने बताया कि आने वाले घंटों में यह और कमजोर होते हुए भी बारिश और तेज़ हवाओं का असर जारी रखेगी।

क्या हुआ

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने जानकारी दी कि आंतरिक ओडिशा पर बना यह डिप्रेशन बीते छह घंटों में उत्तर की ओर बढ़ा और कमजोर होकर ‘वेल मार्क्ड लो’ में बदल गया। दोपहर 2:30 बजे के बुलेटिन में ही इसके धीरे-धीरे कमजोर पड़ने का अनुमान जताया गया था। हालांकि, इसका असर अभी भी आसपास के राज्यों में बना हुआ है।

झारखंड में असर जारी

IMD के राष्ट्रीय बुलेटिन के मुताबिक, 3 अक्टूबर को झारखंड के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज हुई। वहीं कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा भी देखने को मिली। राज्य में गरज-चमक की गतिविधियों के साथ तेज़ हवा के झोंके भी महसूस किए गए। विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि अगले घंटों में प्रभाव बना रहेगा।

ताज़ा आंकड़े

रांची मौसम केंद्र के अनुसार, बीते 24 घंटों में जामताड़ा के कर्माटांड में 73.2 मिमी सबसे अधिक वर्षा दर्ज हुई। राज्यभर में कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ वर्षा का दौर जारी रहा। मौसम केंद्र ने 4 अक्टूबर तक कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। साथ ही, 40–50 किमी/घंटा तक की झोंकादार हवाओं की संभावना भी दर्ज की गई है।

अगले 12–24 घंटे

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि प्रणाली धीरे-धीरे उत्तरी दिशा में खिसकते हुए और कमजोर पड़ेगी। इसके बावजूद ‘लो प्रेशर एरिया’ के रूप में बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और झारखंड में बारिश का दायरा बना रहेगा। झारखंड में 3 से 5 अक्टूबर के दौरान भारी वर्षा की संभावना क्रमशः घटेगी, लेकिन कुछ स्थानों पर तेज़ बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।

मौसम विभाग की सलाह

IMD ने लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। तेज़ हवा और बारिश के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लेने की सलाह दी गई है। बिजली गिरने की आशंका के मद्देनज़र विद्युत और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग हटाकर रखना उचित होगा। साथ ही, जलभराव, फिसलन और कम दृश्यता के कारण यातायात पर नियंत्रण रखने और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की भी चेतावनी दी गई है।

निष्कर्ष

झारखंड में डिप्रेशन के कमजोर होने के बावजूद इसका असर कम नहीं हुआ है। तेज़ हवाओं और भारी बारिश की वजह से आमजन को सतर्क रहने की आवश्यकता है। अगले 24 घंटों तक बारिश और हवाओं का प्रभाव कई जिलों में देखने को मिलेगा। मौसम विभाग की चेतावनी का पालन कर सावधानी बरतना ही सुरक्षित रहेगा।

Subhash Shekhar

एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार, कंटेंट स्ट्रैटेजिस्ट और SEO-फोकस्ड न्यूज़ राइटर हैं। वे झारखंड और बिहार से जुड़े राजनीति, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, शिक्षा, स्वास्थ्य और करंट अफेयर्स पर तथ्यपरक और भरोसेमंद रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।

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