Ranchi | झारखंड में राज्यसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच भाजपा प्रदेश कार्यालय में एनडीए विधायक दल की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक के बाद एनडीए ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि गठबंधन पूरी तरह एकजुट है और उनके समर्थित उम्मीदवार परिमल नाथवानी की जीत सिर्फ निश्चित ही नहीं, बल्कि पूरी तरह सुनिश्चित है।
प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में चुनावी रणनीति को अंतिम रूप दिया गया। रणनीतिकारों ने नए विधायकों को मतदान की बारिकियों और समय प्रबंधन का पाठ भी पढ़ाया, ताकि वोटिंग के दिन किसी भी तकनीकी गलती से बचा जा सके।
दूसरी ओर, बैठक में कुछ विधायकों की अनुपस्थिति को लेकर सियासी गलियारों में कयासबाजी शुरू हो गई है। हालांकि, एनडीए ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए साफ किया है कि कांग्रेस अपनी निश्चित हार को देखकर अभी से ही छटपटाहट और हताशा में डूबी हुई है।
‘जिनके घर शीशे के होते हैं…’ विपक्ष पर एनडीए का तीखा पलटवार
बैठक के बाद आयोजित प्रेस ब्रीफिंग में एनडीए के मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल ने कांग्रेस और विपक्षी खेमे पर जमकर निशाना साधा। अनुपस्थित विधायकों के सवाल पर उन्होंने बेहद आक्रामक अंदाज में कहा:
“भाजपा के जो विधायक आज की बैठक में शामिल नहीं हो पाए, उन्होंने पार्टी को पहले ही इसकी सूचना दे दी थी। वे सभी किसी अति आवश्यक कार्य से बाहर हैं। विपक्ष को इस पर ज्यादा खुशफहमी पालने की जरूरत नहीं है। जिनके घर शीशे के होते हैं, चिंता उन्हें ही ज्यादा होती है।”

ग्राउंड एनालिसिस: नए विधायकों की ‘क्लास’ और अंतरात्मा की आवाज का दांव
रांची के सियासी मैदान से जमीनी हकीकत यह है कि एनडीए इस बार कोई कसर बाकी नहीं छोड़ना चाहता। बैठक के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, गठबंधन में शामिल कई विधायक नए हैं, जिन्हें राज्यसभा चुनाव की जटिल मतदान प्रक्रिया (प्रिफरेंशियल वोटिंग) के बारे में विस्तार से समझाया गया। उन्हें बताया गया कि बैलेट पेपर पर प्राथमिकता कैसे तय करनी है और तय समय पर विधानसभा कैसे पहुंचना है।
नवीन जायसवाल ने यह भी स्पष्ट किया कि परिमल नाथवानी भले ही निर्दलीय प्रत्याशी हैं, लेकिन सदन के सभी 81 विधायक उनके लिए वोटर हैं। उन्होंने दावा किया कि नाथवानी झारखंड के लिए नए नहीं हैं, वे पहले भी दो बार सांसद रह चुके हैं और उनके काम पर सभी को भरोसा है। उन्होंने कहा, “18 तारीख को सभी विधायक अपने स्वविवेक से और अंतरात्मा की आवाज पर वोट करेंगे, जिससे परिमल नाथवानी तीसरी बार विजय हासिल करेंगे।”
दिग्गज नेताओं का जमावड़ा, एकजुटता दिखाने की कोशिश
इस हाई-प्रोफाइल बैठक में एनडीए ने अपनी पूरी ताकत का प्रदर्शन किया। मंच पर और बैठक में राज्य के कई दिग्गज चेहरे नजर आए।

बैठक में मुख्य रूप से ये नेता उपस्थित रहे:
- बाबूलाल मरांडी (नेता प्रतिपक्ष)
- विजय शर्मा (छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री)
- सुदेश महतो (आजसू के केंद्रीय अध्यक्ष)
- बीरेन्द्र प्रधान (लोजपा के प्रदेश अध्यक्ष)
- अन्य प्रमुख विधायक: सीपी सिंह, नवीन जायसवाल, नागेंद्र महतो, शशि भूषण मेहता, नीरा यादव, राज सिन्हा, लोजपा विधायक जनार्दन पासवान और आजसू विधायक निर्मल महतो।
What Next: अब आगे क्या?
18 तारीख को होने वाले मतदान के लिए अब उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। एनडीए का यह दावा कि परिमल नाथवानी ‘अंतरात्मा की आवाज’ पर चुनाव जीतेंगे, राज्य की सियासत में ‘क्रॉस वोटिंग’ की संभावनाओं की ओर इशारा कर रहा है। प्रशासन ने भी मतदान को लेकर तैयारियां पुख्ता कर ली हैं। अब देखना यह होगा कि विपक्ष एनडीए के इस चक्रव्यूह को तोड़ने के लिए क्या जवाबी रणनीति अपनाता है।
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