Advertisement
Jharkhand News

झारखंड में सियासी भूचाल: वित्त मंत्री ने पीएम पर दिया विवादित बयान, बोले- ‘अगर कांग्रेस अर्बन नक्सलियों का घर, तो भाजपा…’

Palamu | झारखंड की राजनीति में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए एक बेहद तीखा और विवादित बयान दे दिया। पीएम मोदी द्वारा कांग्रेस को ‘अर्बन नक्सलियों का गढ़’ कहे जाने पर पलटवार करते हुए किशोर ने भाजपा और पीएम को ‘अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद का गढ़’ करार दे दिया है। चुनाव से ठीक पहले आए इस बयान ने राज्य से लेकर दिल्ली तक सियासी तपिश बढ़ा दी है।

पलामू के मुखिया सम्मेलन में बरसे मंत्री: क्या है पूरा मामला?

मंगलवार को पलामू में पंचायती राज विभाग द्वारा आयोजित ‘मुखिया सम्मेलन’ में सरकार की उपलब्धियां गिनाने पहुंचे वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर मीडिया से मुखातिब थे। जब पत्रकारों ने उनसे प्रधानमंत्री के उस हालिया बयान पर सवाल पूछा, जिसमें उन्होंने कांग्रेस को अर्बन नक्सलियों का ठिकाना बताया था, तो किशोर अपना आपा खो बैठे।

Advertisement

उन्होंने कैमरे के सामने दो-टूक कहा, “अगर पीएम ने कांग्रेस को अर्बन नक्सलियों का घर बताया है, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी खुद अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद का गढ़ हैं।” मंत्री का यह बयान सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है, जिसे भाजपा अब बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी में है।

मंत्री दीपिका पांडेय सिंह का तीखा हमला: ‘इलेक्शन कमीशन के साथ मिलकर डाली डकैती’

इसी कार्यक्रम में मौजूद झारखंड की पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने भी प्रधानमंत्री पर सीधा हमला बोला। उन्होंने पीएम के बयानों को गंभीरता से लेने से इनकार करते हुए कहा कि कांग्रेस का इतिहास देश को आजादी दिलाने का रहा है, जबकि भाजपा केवल सत्ता के लिए राजनीति करती है।

दीपिका पांडेय सिंह ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा:

“भाजपा सरकार ने चुनाव आयोग के साथ साठगांठ कर लोकतंत्र में ‘डकैती’ डाली है। हम सत्ता से ज्यादा सेवा में विश्वास रखते हैं, लेकिन जिस तरह से संस्थाओं का दुरुपयोग हो रहा है, आने वाले समय में जनता इसका करारा जवाब देगी।”

आखिर क्यों बढ़ा तनाव?

पलामू में हुआ यह मुखिया सम्मेलन घंटों तक चला, लेकिन समापन के बाद दिए गए इन बयानों ने प्रशासनिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। स्थानीय जानकारों का मानना है कि झारखंड में आगामी चुनावों को देखते हुए वार-पलटवार का स्तर अब व्यक्तिगत और बेहद आक्रामक होता जा रहा है।

  • विवाद की जड़: प्रधानमंत्री का ‘अर्बन नक्सल’ वाला बयान।
  • नया मोड़: वित्त मंत्री द्वारा ‘आतंकवाद का गढ़’ जैसे भारी शब्दों का इस्तेमाल।
  • असर: राज्य में आदिवासी और ग्रामीण वोटबैंक के बीच ध्रुवीकरण की संभावना।

क्या होगा अगला कदम?

इस बयान के बाद झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और अन्य बड़े नेताओं की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया आनी तय है। सूत्रों की मानें तो भाजपा इस बयान को लेकर चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटा सकती है और इसे “प्रधानमंत्री के पद की गरिमा का अपमान” बताकर बड़ा विरोध प्रदर्शन कर सकती है। वहीं, कांग्रेस बैकफुट पर जाने के बजाय इसे अपनी आक्रामक रणनीति का हिस्सा मान रही है।

इसे भी पढ़ें: झारखंड में लॉकडाउन के दौरान ‘सफेदपोशों’ ने काट डाले जंगल, हाईकोर्ट की फटकार के बाद CID एक्शन में

Related Stories & Ads

Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Leave a Comment