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एरोबिक जिमनास्टिक नेशनल चैंपियनशिप 2025-26 में झारखंड के खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन

रांचीः एरोबिक जिमनास्टिक नेशनल चैंपियनशिप 2025-26 में झारखंड के खिलाड़ियों ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा और मेहनत से सबका दिल जीत लिया। 7 से 10 सितंबर 2025 तक केरल के कोच्चि में आयोजित इस प्रतियोगिता में झारखंड टीम ने कुल 21 पदक हासिल किए। यह प्रदर्शन न केवल राज्य के लिए गर्व की बात है बल्कि इसने साबित किया है कि सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों में भी झारखंड के खिलाड़ी मेहनत और जुनून के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं।

झारखंड का एरोबिक जिमनास्टिक में सुनहरा भविष्य

एरोबिक जिमनास्टिक नेशनल चैंपियनशिप 2025-26 में झारखंड के खिलाड़ियों ने जिस तरह से प्रदर्शन किया, वह राज्य के खेल इतिहास में मील का पत्थर साबित होगा।

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  • इस प्रतियोगिता में राज्य को जूनियर वर्ग से सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल तथा
  • सीनियर वर्ग से ब्रॉन्ज मेडल प्राप्त हुए।

यह सफलता खास इसलिए भी है क्योंकि झारखंड में अभी तक एरोबिक जिमनास्टिक के लिए पर्याप्त बुनियादी ढांचा और संसाधन उपलब्ध नहीं हैं।

नेशनल डेवलपमेंट कैटेगरी में धनबाद का चमकता सितारा

नेशनल डेवलपमेंट कैटेगरी में धनबाद के पृथ्वी देव भट्टाचार्य ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया रैंक 4th हासिल किया।

  • पृथ्वी देव का पैतृक घर झारखंड की कोयलानगरी धनबाद के कांजीडीह में है।
  • वे अपने माता-पिता के साथ रांची में रहते हैं और यहां पर कोच विकास कुमार गोप के मार्गदर्शन में लगातार अभ्यास कर रहे हैं।

यह उपलब्धि बताती है कि झारखंड का यह युवा खिलाड़ी भविष्य में भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित कर सकता है।

यूथ (सब-जूनियर) कैटेगरी में शानदार प्रदर्शन

यूथ कैटेगरी हमेशा से एरोबिक जिमनास्टिक की सबसे कठिन प्रतियोगिता मानी जाती है। इस बार भी झारखंड के युवा खिलाड़ियों ने जबरदस्त प्रदर्शन किया और फाइनल के लिए क्वालीफाई किया।

इसमें शामिल खिलाड़ियों के नाम हैं:

  • सौऱ्य सशांक कुजूर
  • रुद्र कुमार
  • हर्षित राज
  • आथर्व गुप्ता
  • दिव्यांश कुमार
  • आरव तिवारी
  • आदित्य राज
  • अनमोल कलिता

इन खिलाड़ियों ने अपने दमखम और खेल प्रतिभा का परिचय देते हुए यह साबित कर दिया कि झारखंड का भविष्य बेहद उज्ज्वल है।

जूनियर वर्ग: उभरते सितारे

जूनियर वर्ग में झारखंड के खिलाड़ियों ने अपने हुनर से सबको प्रभावित किया। इस वर्ग में शामिल खिलाड़ी थे:

  • आकाश कुमार महतो
  • परमेश्वर राय
  • चंदा कुमारी
  • दिशा महेश्वरी
  • करिश्मा उरांव
  • दश्मी कुमारी
  • रिया कुमारी
  • सपना कुमारी

इन युवा खिलाड़ियों ने राज्य को सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल दिलाते हुए अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।

सीनियर वर्ग: अनुभव और मेहनत का संगम

सीनियर कैटेगरी में झारखंड ने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई और ब्रॉन्ज मेडल जीता।
इस वर्ग में खेल रहे खिलाड़ी थे:

  • सूरज कुमार केशरी
  • नयन कच्छप
  • चाहत कुमार केरकेट्टा
  • अनुराग कुमार
  • कुमारी ऋष्टि राज
  • टोनू गोपाल
  • अमित गोप
  • करण कुमार

इन खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करने वाले कोच विकास कुमार गोप ने न केवल अपने अनुभव का उपयोग किया बल्कि जूनियर खिलाड़ियों को भी प्रेरित किया।

सीमित संसाधनों में बड़ा संघर्ष

झारखंड के लिए सबसे बड़ी चुनौती संसाधनों की कमी है।

  • राज्य में जिमनास्टिक के लिए आधुनिक उपकरणों और बुनियादी ढांचे की भारी कमी है।
  • इसके बावजूद, खिलाड़ी अपनी लगन और मेहनत से राष्ट्रीय स्तर पर लगातार पदक जीत रहे हैं।

यह बताता है कि अगर इन्हें सही अवसर और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिलें तो ये खिलाड़ी ओलंपिक जैसे बड़े मंच पर भी देश का नाम रोशन कर सकते हैं।

खिलाड़ियों का जज्बा और मेहनत

झारखंड के खिलाड़ियों ने यह साबित कर दिया है कि

  • अगर जुनून और मेहनत हो,
  • तो सीमित संसाधन भी सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकते।

इस बार का प्रदर्शन आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा।

भविष्य की तैयारी और संभावनाएं

झारखंड जिमनास्टिक एसोसिएशन ने अब खिलाड़ियों की अगली तैयारी पर फोकस करना शुरू कर दिया है।

  • लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में झारखंड के खिलाड़ी न केवल राष्ट्रीय स्तर पर बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पदक जीतें।
  • इसके लिए सरकार और निजी संस्थाओं को आगे आकर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करानी होंगी।

एरोबिक जिमनास्टिक नेशनल चैंपियनशिप 2025-26 में झारखंड के खिलाड़ियों का प्रदर्शन इस बात का बड़ा प्रमाण है कि राज्य में खेल प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। सीमित संसाधनों के बावजूद खिलाड़ियों ने 21 पदक जीतकर यह साबित कर दिया कि मेहनत और जज्बे से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

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Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

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