गल्फ में ईरान-इजरायल जंग: झारखंड के CM हेमंत सोरेन ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर, बोले- ‘देश आपके साथ है!’

Subhash Shekhar
5 Min Read

Ranchi | झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गल्फ क्षेत्र में तेजी से बिगड़ते हालात पर गहरी चिंता जताई है। ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने मध्य-पूर्व के देशों को अशांत कर दिया है, जिससे वहां फंसे हजारों भारतीयों की जान पर बन आई है। सोरेन ने पीएम मोदी और विदेश मंत्री जयशंकर से तत्काल वतन वापसी की अपील की है।

झारखंड सरकार ने अपने प्रवासी नागरिकों के लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिए हैं। ये नंबर 24×7 सक्रिय रहेंगे, ताकि गल्फ में फंसे लोग तुरंत मदद मांग सकें। CM ने सोशल मीडिया पर सीधे अपील जारी कर लोगों से सतर्क रहने को कहा है।

मिडिल ईस्ट में फैली यह अशांति न केवल वैश्विक अर्थव्यवस्था को हिला रही है, बल्कि लाखों भारतीय मजदूरों की जिंदगी दांव पर ला रही है। झारखंड के सैकड़ों लोग UAE, सऊदी अरब और कुवैत जैसे देशों में मजदूरी कर परिवार का पेट पालते हैं—अब उनकी चिंता घर लौटने की है।

CM हेमंत सोरेन की सोशल मीडिया अपील

हेमंत सोरेन ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर लिखा, “Gulf region में तेजी से बदल रहे हालात अत्यंत चिंता का विषय है। वहां रह रहे सभी झारखंडवासियों समेत देश के लोगों से अपील करता हूं कि वे सतर्क रहें, देश आपके साथ है।” उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर से अनुरोध किया कि असुरक्षित महसूस कर रहे भारतीयों को सुरक्षित स्वदेश लाया जाए।

- Advertisement -

CM ने खासतौर पर झारखंड के प्रवासियों से अपील की कि परेशानी में राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें। “सरकार हरसंभव सहायता के लिए प्रतिबद्ध है और अपने लोगों के साथ खड़ी है,” उन्होंने कहा। यह अपील ताजा घटनाक्रम के ठीक बाद आई है, जब ईरान ने इजरायल पर मिसाइल हमले तेज कर दिए। (इस खबर से जुड़ी तस्वीर: गल्फ देशों में फंसे भारतीय मजदूरों की चिंतित तस्वीरें।)

झारखंड सरकार के हेल्पलाइन नंबर—तुरंत सेवाएं

झारखंड राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष ने निम्न नंबर जारी किए हैं:

  • टोल फ्री हेल्पलाइन: 1800-3456-526
  • लैंडलाइन नंबर: 0651-2480083, 0651-2481188, 0651-2480058
  • व्हाट्सएप नंबर: 9470132591, 9431336472, 9431336398, 9431336427, 9431336432

ये नंबर कॉल, मैसेज या वॉयस नोट के जरिए मदद देंगे। ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक, रांची में नियंत्रण कक्ष में 50 से ज्यादा अधिकारी तैनात हैं, जो गल्फ से कॉल्स हैंडल कर रहे हैं। विदेश मंत्रालय भी Operation Ajay जैसे अभियानों की तैयारी में जुटा है, जैसा कि 2023 के इजरायल संकट में हुआ था।

गल्फ संकट का असर: झारखंड के परिवार चिंतित

झारखंड के गरीब परिवारों पर सबसे ज्यादा मार पड़ रही है। रांची, धनबाद और जमशेदपुर से सैकड़ों युवा गल्फ में ऑयल रिग्स, कंस्ट्रक्शन और ड्राइवरिंग करते हैं। एक प्रवासी ने बताया, “हमला होने पर सड़कें बंद हो गईं, अब घर कैसे लौटें?” राज्य में रोजगार के अभाव में ये लोग विदेश जाते हैं—अब यह जंग उनकी कमाई और परिवार की उम्मीदें छीन रही है।

देश स्तर पर 90 लाख भारतीय गल्फ में रहते हैं, जिनमें झारखंड से 50 हजार से ज्यादा। तनाव बढ़ने से तेल कीमतें 10% उछल चुकी हैं, जो भारत की अर्थव्यवस्था पर भारी पड़ेगी। आम आदमी को पेट्रोल-डीजल महंगा होने का डर सता रहा है।

- Advertisement -

आगे क्या? सरकार के अगले कदम

केंद्र सरकार एयर इंडिया और निजी एयरलाइंस से स्पेशल फ्लाइट्स की व्यवस्था कर रही है। झारखंड सरकार एयरपोर्ट पर रिसीविंग टीम तैनात करने की तैयारी में है। लेकिन सवाल यह है—क्या इतने बड़े संकट में सभी को सुरक्षित लाया जा सकेगा? CM सोरेन की अपील के बाद और राज्यों से भी ऐसी मांग तेज हो सकती है।

प्रशासन को अब ट्रैकिंग सिस्टम मजबूत करना होगा, ताकि हर प्रवासी का हिसाब रहे। क्या यह जंग लंबी चलेगी? भारतीयों की सुरक्षित वापसी ही एकमात्र प्राथमिकता है—आप क्या सोचते हैं?

Share This Article
Follow:
सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।
Leave a comment

Leave a Reply