झारखंड में ग्राम संसद चैप्टर कॉन्क्लेव: ग्रामीण भारत के भविष्य पर होगा संवाद

Subhash Shekhar
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रांची – झारखंड सरकार और रैंडम वैरिएबल फाउंडेशन मिलकर एक ऐतिहासिक पहल करने जा रहे हैं। आगामी शनिवार, 3 मई को राजधानी रांची के रेडिसन ब्लू होटल में “ग्राम संसद – झारखंड चैप्टर कॉन्क्लेव” का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन प्रातः 10:00 बजे शुरू होगा और इसका उद्देश्य है—ग्रामीण विकास को नई दिशा देना।

यह कॉन्क्लेव समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े व्यक्ति की आवाज़ को सशक्त मंच देने का प्रयास है। झारखंड सरकार के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्रालय के सहयोग से होने वाला यह कार्यक्रम ग्रामीण भारत में बदलाव की रूपरेखा तैयार करेगा।

ग्रामीण विकास पर विचारों की होगी खुली चर्चा

इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य नीति निर्माताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, पंचायत प्रतिनिधियों और विशेषज्ञों को एक मंच पर लाना है। यहां विभिन्न पक्षों से जुड़े लोग विचार साझा करेंगे ताकि ग्रामीण विकास की गति तेज की जा सके और वास्तविक परिवर्तन दिखे।

इस मंच पर ग्रामीण समाज के मुद्दों, जरूरतों और समाधान पर गहन चर्चा की जाएगी। खासकर स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वरोजगार, डिजिटल सशक्तिकरण और पंचायतों की भूमिका जैसे अहम विषयों को प्राथमिकता दी जाएगी।

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मुख्य अतिथि के रूप में झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन उपस्थित रहेंगे। उनके साथ ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री श्रीमती दीपिका पांडे सिंह विशिष्ट अतिथि के तौर पर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगी।

सरकार की यह कोशिश है कि योजनाएं सिर्फ कागज़ों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका असर जमीनी स्तर तक पहुंचे। इसी सोच को केंद्र में रखकर यह कॉन्क्लेव आयोजित किया जा रहा है।

कार्यक्रम का विवरण संक्षेप में:

  • नाम: ग्राम संसद – झारखंड चैप्टर कॉन्क्लेव
  • तिथि: शनिवार, 3 मई 2025
  • समय: प्रातः 10:00 बजे से
  • स्थान: रेडिसन ब्लू होटल, रांची
  • आयोजक: रैंडम वैरिएबल फाउंडेशन
  • सहयोगी: ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्रालय, झारखंड सरकार

यह कार्यक्रम न सिर्फ विचारों का आदान-प्रदान होगा, बल्कि इससे एक ठोस रणनीति भी निकलने की उम्मीद है। ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में यह पहल एक मील का पत्थर साबित हो सकती है।

कॉन्क्लेव के जरिए सरकार और समाज के बीच की दूरी कम होगी और पारदर्शिता के साथ योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सकेगा। आने वाले समय में यह प्रयास झारखंड के गांवों के विकास की नई कहानी लिख सकता है।

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सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।
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