Ranchi: आजसू पार्टी के केंद्रीय महासचिव एवं पूर्व विधायक डॉ. लम्बोदर महतो ने बोकारो जिले के डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) फंड घोटाले का खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि केवल बोकारो जिले में ही 631 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय गड़बड़ी सामने आई है। महतो ने राज्यभर में डीएमएफटी फंड की सीबीआई जांच और विशेष ऑडिट की मांग की है।
16,474 करोड़ का फंड और भारी घोटाला
डॉ. महतो ने बताया कि झारखंड को जुलाई 2025 के अंत तक केंद्र द्वारा 16,474 करोड़ रुपये डीएमएफटी फंड के रूप में मिले। यह राशि खनन प्रभावित जिलों के विकास के लिए थी, लेकिन जिले के अधिकारी और एजेंसियाँ मिलकर इसका दुरुपयोग कर रहे हैं।
- कई योजनाएँ बिना स्वीकृति और शासी निकाय की मंजूरी के ही जोड़ी गईं।
- ठेके बिना टेंडर के मनोनयन पर दिए जाने का आरोप।
- करोड़ों रुपये बाजार दर से कई गुना अधिक पर खर्च दिखाया गया।
बोकारो जिले में अनियमितताओं के उदाहरण
- एक स्कूल की बाला पेंटिंग पर ही 4.79 करोड़ रुपये खर्च।
- 6 एजेंसियों को 17 टेंडर देकर 60 करोड़ रुपये “कोचिंग प्रोजेक्ट” के नाम पर खर्च।
- 40 हजार का डिजिटल मैप 1.25 लाख रुपये में खरीदा गया।
- 260 स्कूलों में टैब वितरण योजना अधूरी रहते हुए भी 24.72 करोड़ रुपये का भुगतान।
- हाईमास्ट लाइट प्रोजेक्ट का वास्तविक खर्च 9.35 करोड़ था, लेकिन भुगतान 18.75 करोड़ का।
- सीटी स्कैन मशीन अस्पतालों में खरीदी नहीं गई, बावजूद इसके 133 करोड़ का भुगतान दिखाया गया।
भ्रष्ट अधिकारियों और एजेंसियों पर आरोप
डॉ. महतो ने कहा कि कई एजेंसियों से जुड़े जिला पदाधिकारियों पर भी भ्रष्टाचार के आरोप हैं। परिवहन पदाधिकारी वंदना और उनके परिवार की कंपनियों को करोड़ों रुपये की राशि मिली।
उन्होंने यह भी बताया कि डीएमएफटी सप्लायर्स के पास से 91 लाख रुपये नकद बरामद हुए। खेल विभाग में भी बड़ी वित्तीय गड़बड़ी उजागर हुई, जहां खरीदी गई सामग्री बाद में गायब कर दी गई।
डीएमएफटी घोटाले की सीबीआई जांच की मांग
आजसू पार्टी ने राज्य सरकार से दो मुख्य मांग की हैं:
- बोकारो जिले की अनियमितताओं की सीबीआई जांच।
- पूरे राज्य में डीएमएफटी फंड का विशेष ऑडिट।
सूर्या हांसदा इनकाउंटर और अन्य मुद्दे
- डॉ. महतो ने सूर्या हांसदा एनकाउंटर केस को फर्जी करार दिया और पीड़ित परिवार के साथ खड़े रहने की बात कही।
- मतदाता सूची सुधार पर उन्होंने कहा कि पारदर्शी चुनाव के लिए सत्ता और विपक्ष दोनों को जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
- कुड़मी समाज आंदोलन पर उन्होंने कहा कि हर जाति को संवैधानिक लड़ाई लड़ने का हक है, और 1931 की जनगणना में इस समाज को आदिवासी सूची से बाहर करना गलत था।
डॉ. महतो के आरोपों ने झारखंड की राजनीति को गरमा दिया है। यदि सीबीआई जांच होती है तो यह राज्य का सबसे बड़ा डीएमएफटी फंड घोटाला साबित हो सकता है। जनता का पैसा जनता के हित में खर्च हो, इसके लिए आजसू पार्टी आंदोलन तेज करने की बात कर रही है।











