Ranchi Health News: देवनिका अस्पताल के 2 साल बेमिसाल, न्यूरो और ट्रॉमा सर्जरी में बनाया भरोसे का नया कीर्तिमान

Ranchi | झारखंड की राजधानी रांची में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक और अध्याय जुड़ गया है। शहर के प्रतिष्ठित देवनिका अस्पताल (Devnika Hospital) ने अपनी स्थापना के दो सफल वर्ष पूरे कर लिए हैं। शुरुआती दौर की आर्थिक चुनौतियों को पीछे छोड़ते हुए, अस्पताल ने महज 24 महीनों में न्यूरो सर्जरी, कार्डियोलॉजी और ट्रॉमा केयर के क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बनाई है।

​अस्पताल प्रबंधन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले दो वर्षों में 7000 से अधिक मरीजों ने यहां स्वास्थ्य लाभ लिया है, जो अस्पताल की विश्वसनीयता को दर्शाता है।

​2 साल का सफर: चुनौतियों से उपलब्धियों तक

​देवनिका अस्पताल का पिछले दो वर्षों का सफर संघर्ष और सफलता का मिश्रण रहा है। प्रबंधन के अनुसार, शुरुआत में आर्थिक मोर्चे पर कई चुनौतियां थीं, लेकिन गुणवत्तापूर्ण इलाज और मरीजों के भरोसे ने अस्पताल को एक मजबूत स्थिति में ला खड़ा किया है।

​आज यह अस्पताल न केवल रांची बल्कि पूरे झारखंड के मरीजों के लिए ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ (Centre of Excellence) के रूप में उभर रहा है। अस्पताल की सफलता का मूल मंत्र ईमानदारी और समर्पण रहा है, जिसके दम पर जटिल से जटिल सर्जरी को भी यहाँ सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया है।

​ट्रॉमा और न्यूरो सर्जरी: एक छत के नीचे संपूर्ण समाधान

​देवनिका अस्पताल की सबसे बड़ी उपलब्धि ट्रॉमा सर्जरी (Trauma Surgery) और न्यूरो साइंस के क्षेत्र में रही है। आमतौर पर सड़क दुर्घटनाओं या गंभीर चोट के मामलों में मरीज को अलग-अलग विशेषज्ञों के पास भागना पड़ता है, जिससे इलाज में देरी होती है।

​देवनिका अस्पताल ने इस समस्या का समाधान करते हुए ‘मल्टी-स्पेशलिटी ट्रॉमा केयर’ विकसित किया है। यहाँ एक ही छत के नीचे:

  • ​न्यूरो सर्जरी (Neuro Surgery)
  • ​ट्रॉमा केयर (Trauma Care)
  • ​ऑर्थोपेडिक सर्जरी (Orthopedic Surgery)
  • ​प्लास्टिक सर्जरी (Plastic Surgery)

​जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं। विभागों के बीच बेहतर समन्वय (Coordination) होने के कारण गंभीर दुर्घटना वाले मरीजों का इलाज “गोल्डन आवर” (Golden Hour) में शुरू हो पाता है, जिससे कई जानें बचाने में मदद मिली है।

​कार्डियोलॉजी और न्यूरो रिहैबिलिटेशन में नई पहल

​हृदय रोग विभाग (Cardiology) में भी अस्पताल ने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। प्रबंधन का कहना है कि कार्डियोलॉजी विभाग भरोसेमंद सेवाएं दे रहा है और यहाँ की कैथ लैब (Cath Lab) अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है।

​इसके अलावा, न्यूरो रिहैबिलिटेशन (Neuro Rehabilitation) के क्षेत्र में अस्पताल का कार्य सराहनीय है। स्ट्रोक (Stroke) या बड़ी न्यूरो सर्जरी के बाद मरीज को सामान्य जीवन में लौटने में काफी समय लगता है। देवनिका का रिहैब सेंटर ऐसे मरीजों को महीनों और वर्षों की रिकवरी प्रक्रिया में मदद कर रहा है, जिससे वे दोबारा अपने पैरों पर खड़े हो पा रहे हैं।

​आंकड़ों में देवनिका अस्पताल की सफलता

​अस्पताल की सफलता को महज शब्दों में नहीं, बल्कि आंकड़ों में भी देखा जा सकता है। पिछले दो वर्षों का रिपोर्ट कार्ड स्वास्थ्य क्षेत्र में अस्पताल की सक्रियता को बयां करता है:

  • कुल एडमिशन (Total Admissions): लगभग 7,200
  • आईसीयू एडमिशन (ICU Admissions): 5,500 से अधिक
  • सफल सर्जरी (Successful Surgeries): 3,600
  • कैथ लैब प्रोसीजर (Cath Lab Procedures): 600

​ये आंकड़े बताते हैं कि अस्पताल ने न केवल ओपीडी (OPD) बल्कि गंभीर रूप से बीमार मरीजों (Critical Care) के इलाज में भी महारत हासिल की है।

​भविष्य की योजना: किडनी यूनिट और ब्लड बैंक की तैयारी

​देवनिका अस्पताल अब अपने विस्तार के अगले चरण में प्रवेश कर रहा है। अस्पताल प्रबंधन ने भविष्य की योजनाओं का खाका खींच लिया है, जिसमें किडनी रोग उपचार (Nephrology) पर विशेष फोकस है।

आने वाली प्रमुख सुविधाएँ:

  1. किडनी यूनिट: अगले एक महीने के भीतर राज्य स्तरीय किडनी यूनिट शुरू करने की तैयारी अंतिम चरण में है।
  2. किडनी ट्रांसप्लांट: भविष्य में किडनी प्रत्यारोपण (Kidney Transplant) की सुविधा भी शुरू की जाएगी, जिससे मरीजों को दूसरे राज्यों में नहीं जाना पड़ेगा।
  3. ब्लड बैंक: जल्द ही अस्पताल परिसर में अपना ब्लड बैंक स्थापित किया जाएगा।
  4. एमआरआई (MRI): मई–जून 2026 तक अस्पताल में एमआरआई जांच की सुविधा भी शुरू करने की योजना है।

​प्रबंधन का संदेश: “ईमानदारी से सेवा ही हमारा लक्ष्य”

​अस्पताल के सफल संचालन के दो वर्ष पूरे होने पर प्रबंधन ने अपनी टीम और रांची की जनता का आभार व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि गाइनकोलॉजी (Gynecology) समेत अन्य सर्जरी सेवाओं में भी लोगों का भरोसा बढ़ा है।

​प्रबंधन ने यह भरोसा दिलाया है कि आने वाले समय में भी अस्पताल पूर्ण ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य करता रहेगा। उनका उद्देश्य एक ऐसा वातावरण बनाना है जहाँ मरीज बिना किसी भय के और पारदर्शी तरीके से बेहतर इलाज प्राप्त कर सकें।

​देवनिका अस्पताल ने अपने दो साल के छोटे से सफर में यह साबित कर दिया है कि अगर नीयत साफ हो और सुविधाएं बेहतर हों, तो लोगों का विश्वास जीता जा सकता है। न्यूरो और ट्रॉमा के क्षेत्र में स्थापित की गई यह विश्वसनीयता, और किडनी यूनिट जैसी आगामी योजनाएं, निश्चित रूप से रांची के हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर को नई मजबूती प्रदान करेंगी।

Subhash Shekhar

एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार, कंटेंट स्ट्रैटेजिस्ट और SEO-फोकस्ड न्यूज़ राइटर हैं। वे झारखंड और बिहार से जुड़े राजनीति, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, शिक्षा, स्वास्थ्य और करंट अफेयर्स पर तथ्यपरक और भरोसेमंद रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।

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