New Delhi: भारत में कोविड-19 एक बार फिर से चिंता का विषय बन गया है। बीते 24 घंटों में देशभर से 360 नए संक्रमण के मामले दर्ज किए गए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, कुल सक्रिय मामलों की संख्या अब बढ़कर 3,758 हो चुकी है। इनमें से सबसे ज्यादा 1,400 मामले केरल से सामने आए हैं, जबकि महाराष्ट्र में फिलहाल 506 सक्रिय केस हैं।
रविवार, 1 जून को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों में बताया गया कि देश में दो लोगों की मौत भी कोविड संक्रमण के कारण हुई है। मृतकों में केरल की 24 वर्षीय महिला और कर्नाटक के 63 वर्षीय व्यक्ति शामिल हैं। यह स्थिति महामारी की वापसी को लेकर चिंता बढ़ा रही है।
महाराष्ट्र में भी बढ़े मामले, मुंबई और पुणे सबसे अधिक प्रभावित
महाराष्ट्र में रविवार को 65 नए कोविड मामले दर्ज किए गए, जिससे राज्य में इस साल अब तक कुल 814 केस हो चुके हैं। इनमें पुणे में 31, मुंबई में 22, ठाणे में 9, कोल्हापुर में 2 और नागपुर में 1 मामला सामने आया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, महाराष्ट्र में 506 एक्टिव केस हैं, जबकि 300 मरीज ठीक होकर घर लौट चुके हैं।
बंगाल और ओडिशा में भी बढ़ रही चिंता
पश्चिम बंगाल में बीते 24 घंटे में 82 नए मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही राज्य में कोविड का इलाज करा रहे मरीजों की संख्या बढ़कर 287 हो गई है। अच्छी बात यह रही कि 6 मरीजों को ठीक होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
वहीं ओडिशा में भी संक्रमण बढ़ रहा है। राज्य के स्वास्थ्य निदेशक नीलकंठ मिश्रा ने बताया कि ओडिशा में फिलहाल 12 सक्रिय मामले हैं। सभी संक्रमितों में हल्के लक्षण हैं और वे होम आइसोलेशन में हैं।
दिल्ली, केरल और गुरुग्राम भी चपेट में
केरल में बीते दिन 64 नए मामले दर्ज किए गए, जिससे राज्य सबसे अधिक प्रभावित बना हुआ है। वहीं दिल्ली में 61 नए केस सामने आए हैं, जिससे राजधानी में सतर्कता बढ़ गई है।
गुरुग्राम में भी कोविड का असर दिखने लगा है। यहां रविवार को 4 नए केस सामने आए हैं, जिससे कुल संख्या 23 हो गई है। इनमें से 12 मामले अभी सक्रिय हैं और सभी मरीज होम आइसोलेशन में हैं। स्थानीय डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि फ्लू जैसे लक्षणों को हल्के में न लें और तुरंत जांच करवाएं।
विशेषज्ञों की चेतावनी और लोगों से सतर्कता की अपील
देशभर में मामलों की संख्या में अचानक वृद्धि से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। डॉक्टरों और विशेषज्ञों का कहना है कि वायरस कमजोर हुआ है, लेकिन संक्रमण का खतरा अब भी बरकरार है। ऐसे में मास्क पहनना, भीड़ से बचना और हाथ धोना फिर से जरूरी हो गया है।
लोगों से अनुरोध किया गया है कि कोविड के लक्षण जैसे बुखार, खांसी, गले में खराश आदि दिखें तो तुरंत जांच कराएं और आइसोलेशन का पालन करें। सरकार की ओर से निगरानी बढ़ा दी गई है और टेस्टिंग तेज की जा रही है।
कोविड-19 की यह नई लहर अभी भले ही छोटी लगे, लेकिन इसके फैलाव की रफ्तार को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। राज्यों में स्वास्थ्य विभाग फिर से सक्रिय हो गए हैं और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। हालात को संभालने के लिए सामूहिक जागरूकता और जिम्मेदारी की फिर से जरूरत है।










