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40 की उम्र के बाद सिंगर शान ने क्यों बदली लाइफस्टाइल?

बॉलीवुड के लोकप्रिय गायक शान ने 40 की उम्र पार करते ही अपनी फिटनेस और सेहत को लेकर कड़ा फैसला लिया। उन्होंने अपनी रोजमर्रा की आदतों से शराब और कोल्ड ड्रिंक्स जैसी चीजों से दूरी बना ली है।

ट्रेड एनालिस्ट कोमल नाहटा के टॉक शो ‘गेम चेंजर्स: द म्यूज़िक सीरीज़’ में शान ने अपने लाइफस्टाइल बदलावों पर खुलकर बात की। उन्होंने साफ कहा कि उम्र के साथ शरीर की रिकवरी क्षमता पहले जैसी नहीं रहती।

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गायकी की दुनिया में अपनी सदाबहार मुस्कान और हाई-एनर्जी परफॉर्मेंस के लिए मशहूर शान का यह बदला हुआ अंदाज आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में फिटनेस को लेकर बड़ा संदेश दे रहा है।

“आज पार्टी, कल गाना”— पुराने दिनों को याद कर क्या बोले शान?

करियर के शुरुआती दिनों को याद करते हुए शान ने बताया कि उस दौर में वे अपनी सेहत को लेकर काफी लापरवाह थे। वे बेफिक्र अंदाज में कहते थे, “आज रात पार्टी करूंगा और कल सुबह जाकर रिकॉर्डिंग में गा दूंगा, कुछ नहीं होगा।”

लेकिन समय के साथ सोच और शरीर दोनों में बदलाव आया। उन्होंने कहा, “वो भी कोई दौर था, ये भी कोई दौर है। वो भी कोई और था, ये भी कोई और है। चालीस की उम्र के बाद आपको एहसास होता है कि शरीर पहले की तरह आसानी से रिकवर नहीं होता।”

‘ज़िंदगी आपको परहेज़ करना सिखा देती है’

शान ने बताया कि उन्होंने अपने शरीर की सीमाओं को समझा और आदतों को सुधारा। अब वे पार्टियों में शराब बेहद सीमित मात्रा में लेते हैं और यदि अगले दिन कोई रिकॉर्डिंग या शो हो, तो शराब को हाथ तक नहीं लगाते।

इसके साथ ही उन्होंने कोल्ड ड्रिंक का सेवन भी लगभग बंद कर दिया है। शान ने इस बदलाव को एक लाइन में समेटते हुए कहा, “ज़िंदगी आपको परहेज़ करना सिखा देती है।”

40 के बाद बॉडी सिग्नल्स को समझना क्यों जरूरी?

शान का यह अनुभव केवल म्यूजिक इंडस्ट्री तक सीमित नहीं है, बल्कि यह 30 और 40 के पड़ाव पर खड़े हर कामकाजी इंसान के लिए एक रियलिटी चेक है। बढ़ती उम्र के साथ मेटाबॉलिज्म धीमा होता है और टॉक्सिन्स को बाहर निकालने की शारीरिक क्षमता घटती है। ऐसे में समय रहते लाइफस्टाइल में अनुशासन लाना ही लंबे करियर और बेहतर स्वास्थ्य की चाबी है।

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Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

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