रांची: झारखंड के बोकारो जिले से बड़ी खबर सामने आई है, जहां लुगू पहाड़ की तलहटी में नक्सलियों और सुरक्षाबलों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में अब तक आठ नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है, जबकि पांच शव बरामद किए जा चुके हैं। यह मुठभेड़ एक करोड़ के इनामी नक्सली विवेक के दस्ते के साथ हुई थी, जो झारखंड पुलिस और केंद्रीय बलों के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।
सूत्रों के अनुसार मारे गए नक्सलियों में से कई के ऊपर इनाम घोषित था। उनके शवों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। जंगल में अभी भी तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
इनामी नक्सली विवेक के दस्ते को करारा जवाब
पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार यह मुठभेड़ रविवार को उस समय शुरू हुई, जब सुरक्षाबलों को नक्सलियों के मूवमेंट की जानकारी मिली। जैसे ही सुरक्षाबल लुगू पहाड़ के नजदीक पहुंचे, नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस और केंद्रीय बलों ने मोर्चा संभाला और करीब चार घंटे तक यह मुठभेड़ जारी रही।
इस दौरान भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक और दैनिक उपयोग के सामान भी बरामद किए गए हैं। घटनास्थल पर अभी भी सुरक्षाबलों की तैनाती बनी हुई है और मुठभेड़ की स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है।
झारखंड पुलिस की बड़ी कामयाबी
झारखंड पुलिस ने इस ऑपरेशन को बड़ी उपलब्धि बताया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मुठभेड़ पहले से प्लान की गई थी और खुफिया सूचना के आधार पर ही सुरक्षा बलों को रवाना किया गया था। इस कार्रवाई में नक्सलियों को भारी नुकसान हुआ है और उनके नेटवर्क पर करारा प्रहार हुआ है।
एक करोड़ के इनामी नक्सली विवेक का यह दस्ता लंबे समय से पुलिस के रडार पर था। वह कई बड़े नक्सली हमलों का मास्टरमाइंड माना जाता है। उसके साथियों के मारे जाने से नक्सली नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।
जंगल में अभी भी जारी है तलाशी अभियान
हालांकि पुलिस का यह भी कहना है कि मुठभेड़ पूरी तरह से खत्म नहीं हुई है। इलाके में अभी भी सर्च ऑपरेशन जारी है और जंगल के भीतर छिपे नक्सलियों की तलाश की जा रही है। सुरक्षाबलों को आशंका है कि कुछ नक्सली अभी भी घायल अवस्था में भागे हो सकते हैं।
इस घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे पुलिस की कार्रवाई में सहयोग करें और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत दें।
नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक अभियान की शुरुआत
इस मुठभेड़ को झारखंड में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान में एक निर्णायक मोड़ माना जा रहा है। पुलिस और प्रशासन का दावा है कि आने वाले दिनों में ऐसे अभियान और तेज़ी से चलाए जाएंगे ताकि राज्य को नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त किया जा सके।
सुरक्षा एजेंसियों की यह बड़ी कार्रवाई न केवल नक्सलियों के मनोबल को तोड़ेगी, बल्कि आम जनता के भीतर सुरक्षा का विश्वास भी बढ़ाएगी।









