WAVES समिट 2025 में इस बार भारतीय टीवी और डिजिटल कंटेंट की महारानी मानी जाने वाली एकता आर कपूर ने मंच साझा किया। एमी अवॉर्ड विजेता और बालाजी टेलीफिल्म्स की प्रमुख एकता कपूर ने वैश्विक स्टोरीटेलिंग को लेकर अपने विचारों को खुलकर सामने रखा।
एकता कपूर ने कहा कि भारतीय सीरियल्स और ड्रामा अब केवल भारत तक सीमित नहीं हैं। उन्होंने बताया कि कैसे भारतीय कहानियों ने अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म्स पर अपनी जगह बनानी शुरू कर दी है और दर्शकों के दिलों को छू रही हैं।
“कहानी वो हो जो दिल से जुड़े”
जब एकता से पूछा गया कि ग्लोबल स्टोरीटेलिंग में भारत की क्या भूमिका हो सकती है, तो उन्होंने स्पष्टता से कहा, “कहानी कहने का तरीका ऐसा होना चाहिए जो सीधे दिल से जुड़ जाए।”
उन्होंने बताया कि आज की ग्लोबल ऑडियंस कोरियन, तुर्की, स्पैनिश और अन्य देशों की कहानियों को भी उतना ही पसंद कर रही है जितना अपने देश की। इस बदलाव का श्रेय वह डबिंग और सबटाइटल्स को नहीं, बल्कि कंटेंट की आत्मा को देती हैं।
एकता के अनुसार, आज के समय में भाषा की दीवारें अब पहले जैसी बाधा नहीं हैं। दर्शक अब कहानी से जुड़ते हैं, न कि केवल भाषा से।
“भारत की विरासत ही हमारी ताकत है”
भारतीय कहानियों की समृद्ध परंपरा की ओर इशारा करते हुए एकता ने कहा, “हमारे पास दुनिया की सबसे पुरानी और विस्तृत स्टोरीटेलिंग की विरासत है, जो हमारी असली पूंजी है।”
उन्होंने माना कि तकनीकी सीमाएं और एक्सेस की चुनौतियां पहले मौजूद थीं, लेकिन अब हालात तेजी से बदल रहे हैं। एकता को विश्वास है कि भारत की कहानियां अब ग्लोबल मंच पर मजबूती से उभरेंगी।
“नए दौर की नई सोच”
ग्लोबल पहचान की बात करते हुए कपूर ने कहा कि अब समय है कि भारत केवल पारंपरिक और जातीय कहानियों से बाहर निकले। “हमें अब ऐसी कहानियों की जरूरत है जो वैश्विक दर्शकों से सीधा जुड़ सकें, बिना किसी सांस्कृतिक पूर्वाग्रह के,” उन्होंने कहा।
उनका मानना है कि यह मोड़ भारतीय कंटेंट इंडस्ट्री के लिए क्रांतिकारी साबित हो सकता है, अगर इसे समझदारी से अपनाया जाए।
“अगला कदम: VVAN – फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट”
समापन में एकता कपूर ने अपनी अगली बड़ी प्रोजेक्ट “VVAN – फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट” का ज़िक्र किया, जिसमें सिद्धार्थ मल्होत्रा लीड रोल में नजर आएंगे। यह प्रोजेक्ट भारतीय प्रकृति और संघर्ष की थीम पर आधारित है, जो ग्लोबल दर्शकों के लिए भी काफी आकर्षक साबित हो सकता है।
एकता कपूर के विचारों ने WAVES समिट 2025 में न सिर्फ इंडस्ट्री के प्रोफेशनल्स को, बल्कि नए कंटेंट क्रिएटर्स को भी नई दिशा दिखाई है। उन्होंने साफ संदेश दिया कि अब भारतीय कहानियों को सीमाओं से परे जाकर दिलों तक पहुंचना है।











