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Bihar News

खान सर पर गंभीर आरोप: रौशन आनंद बोले, जेल में हुई मारने की साजिश

Khan Sir News | पटना की बेऊर जेल से जमानत पर बाहर आते ही ज्ञान बिंदु जी.एस. एकेडमी के निदेशक रौशन आनंद सर के एक बड़े खुलासे ने बिहार के कोचिंग जगत से लेकर प्रशासनिक गलियारों तक हड़कंप मचा दिया है।

संवाददाता सम्मेलन में फूट-फूट कर रोते हुए रौशन आनंद सर ने देश के चर्चित शिक्षक और खान ग्लोबल स्टडीज के संचालक फैजल खान उर्फ खान सर पर बेहद संगीन आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि जेल के अंदर खान सर के इशारे पर उनकी हत्या की साजिश रची गई थी।

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इस सनसनीखेज बयान के बाद पटना पुलिस और जेल प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए हैं। रौशन आनंद ने बिहार सरकार से इस पूरे घटनाक्रम की हाई लेवल जांच कराने की मांग की है, जिसके बाद मुसल्लहपुर हाट इलाके में तनाव और सरगर्मी दोनों बढ़ गई है।

‘खान सर के गार्ड्स ने रची जेल में मर्डर की साजिश’

एनआईटी पटना के पास स्थित अपने कोचिंग संस्थान में मीडिया से बात करते हुए रौशन आनंद बेहद भावुक नजर आए। आँखों में आंसू लिए उन्होंने ग्राउंड जीरो पर मौजूद संवाददाताओं से कहा:

“मुझे एक सोची-समझी साजिश के तहत झूठे केस में फंसाया गया। हद तो तब हो गई जब बेऊर जेल के अंदर भी मुझे जान से मारने की कोशिश की गई। फैजल खान (खान सर) के दो अंगरक्षकों ने जेल के भीतर मेरी हत्या का पूरा ताना-बाना बुना था। वो तो भला हो जेल प्रशासन का, जिनकी मुस्तैदी की वजह से आज मैं जिंदा आपके सामने खड़ा हूँ।”

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि बीती 12 तारीख को उन पर मामले को रफा-दफा करने और समझौता करने के लिए भारी दबाव भी बनाया गया था।

भाई प्रिंस यादव की नेपाल में संदिग्ध मौत, उठे सवाल

रौशन आनंद ने केवल अपनी जान का खतरा ही नहीं बताया, बल्कि अपने भाई प्रिंस यादव की मौत का जिम्मेदार भी सीधे तौर पर खान सर को ठहराया है। उन्होंने कहा, “सभी जानते हैं कि दारोगा परीक्षा का सबसे बेहतरीन रिजल्ट किसने दिया। इसी खुन्नस में यह पूरी बिसात बिछाई गई। मेरा भाई आज इस दुनिया में नहीं है, उसका सबसे बड़ा कारण फैजल खान ही हैं।”

दूसरी तरफ, नेपाल के विराटनगर से मिल रही ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक, प्रिंस यादव की एक होटल में हुई संदिग्ध मौत के मामले में नेपाल पुलिस ने अपनी जांच तेज कर दी है। मोरंग के पुलिस अधीक्षक (एसपी) कवित कटुवाल ने बताया:

“हमने एक नेपाली नागरिक तीर्थ यादव समेत कुल पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। होटल के रजिस्टर, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी सबूतों को खंगाला जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो पाएगी।”

पटना में पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई, मकान मालिक से पूछताछ

इधर पटना के मुसल्लहपुर हाट में दो जून की रात खान सर की कोचिंग पर हुए हमले और फायरिंग के मामले में कदमकुआं थाना पुलिस भी एक्शन मोड में है। सोमवार को केस की अनुसंधानकर्ता श्वेता कुमारी ने खान कोचिंग सेंटर के मकान मालिक को थाने बुलाकर करीब दो घंटे तक कड़ी पूछताछ की।

टाउन डीएसपी राजेश रंजन ने ग्राउंड रिपोर्टर को बताया कि हमले के वक्त मौजूद सभी प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस ने कोचिंग के तीन मैनेजरों—कन्हैया सिंह, अमित पांडेय और अजीत कुमार को भी नोटिस भेजकर तलब किया है, जो फिलहाल पुलिस के सामने पेश नहीं हुए हैं।

कानूनी दांव-पेंच: कैसे मिली रौशन आनंद को जमानत?

बता दें कि खान सर की कोचिंग में तोड़फोड़ और उनके सुरक्षाकर्मियों से मारपीट के आरोप में पुलिस ने ३ जून को रौशन आनंद को गिरफ्तार किया था। सोमवार को पटना के जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश गौरव सिंह की अदालत में दोनों पक्षों के वकीलों के बीच जोरदार बहस हुई। दलीलें सुनने के बाद अदालत ने रौशन आनंद को नियमित जमानत (Regular Bail) दे दी, जिसके बाद न्यायिक दंडाधिकारी अनुराग वर्मा के आदेश पर उन्हें बेऊर जेल से रिहा किया गया।

अगला कदम: अब क्या होगा आगे?

रौशन आनंद सर के इन आरोपों ने पटना के मुसल्लहपुर हाट के ‘कोचिंग हब’ को एक बार फिर विवादों के केंद्र में ला दिया है। अब सबकी नजरें बिहार सरकार और पटना पुलिस के अगले कदम पर टिकी हैं। क्या पुलिस खान सर के अंगरक्षकों से जेल में साजिश रचने के आरोपों पर पूछताछ करेगी? क्या नेपाल पुलिस प्रिंस यादव की मौत की गुत्थी सुलझा पाएगी? इस हाई-प्रोफाइल मामले में आने वाले दिन बिहार की कानून व्यवस्था और शिक्षा जगत के लिए बेहद संवेदनशील होने वाले हैं।

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Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

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