Monsoon in Bihar: भीषण गर्मी से तप रहे बिहार के लिए आखिरकार राहत की खबर आ गई है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की फ्रंटलाइन मुजफ्फरपुर से होते हुए तेजी से आगे बढ़ रही है। भारतीय मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) के मुताबिक, अगले 4 से 5 दिनों में परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हो जाएंगी और मानसून पूरे राज्य को कवर कर लेगा।
लेकिन इस राहत के साथ आफत का साया भी मंडरा रहा है। मौसम विभाग ने पटना समेत राज्य के 19 जिलों में आंधी-तूफान, मूसलाधार बारिश और आसमानी बिजली (वज्रपात) का हाई अलर्ट जारी किया है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मंगलवार से सूबे में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल जाएगा। कोसी-सीमांचल के इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी है, जबकि 20 जून को पूरे बिहार में झमाझम बारिश का दौर शुरू होने की उम्मीद है।
मुजफ्फरपुर के रास्ते दाखिल हुआ मानसून, गया में रिकॉर्डतोड़ बारिश
पटना के मौसम केंद्र से मिल रही सीधी जानकारी के मुताबिक, मानसून की उत्तरी सीमा इस समय मुजफ्फरपुर में टिकी है। ग्राउंड जीरो से आ रही रिपोर्ट बताती हैं कि पिछले 24 घंटों में ही सूबे के कई हिस्सों में रिकॉर्डतोड़ प्री-मानसून बारिश दर्ज की गई है।
सबसे ज्यादा असर गया जिले में देखा गया, जहां रिकॉर्ड 16 सेंटीमीटर बारिश हुई है। वहीं, ऐतिहासिक नगरी राजगीर में 61 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली झोंकेदार हवाओं ने पेड़ों और होर्डिंग्स को नुकसान पहुंचाया है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में 12 से 20 सेंटीमीटर तक पानी बरस चुका है, जिससे तापमान में भारी गिरावट आई है।
[यहाँ मुजफ्फरपुर और गया में हो रही बारिश/मौसम के बदलते मिजाज की तस्वीर यहाँ देखें]

70 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी और वज्रपात का खतरा: IMD की सख्त अपील
मौसम विभाग के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इस मौसमी बदलाव के दौरान 65 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी आंधी चल सकती है। ग्रामीण इलाकों में कच्चे मकानों और फसलों को इससे भारी नुकसान होने की आशंका है।
IMD पटना के वैज्ञानिकों का आधिकारिक बयान:
“अगले कुछ दिन बिहार के लिए बेहद संवेदनशील हैं। जब बिजली कड़क रही हो, तो भूलकर भी खुले मैदान, बड़े पेड़ों के नीचे या कंक्रीट की दीवारों के पास न खड़े हों। आंधी-तूफान के दौरान सिर्फ पक्के मकानों में ही शरण लें और बहुत जरूरी न हो तो यात्रा करने से बचें।”
इन 19 जिलों में ऑरेंज और यलो अलर्ट, प्रशासन मुस्तैद
मौसम विभाग ने सीतामढ़ी, शिवहर, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार और भागलपुर जैसे कोसी-सीमांचल के इलाकों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा पटना, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सिवान, सारण, बक्सर, भोजपुर, कैमूर, रोहतास, अरवल, जहानाबाद, गया, नवादा, नालंदा, शेखपुरा, लखीसराय और बेगूसराय में यलो अलर्ट लागू है।
बिहार में मानसून की दस्तक ने किसानों के चेहरे पर खुशी तो ला दी है, लेकिन वज्रपात और 70 किमी की रफ्तार वाली आंधी ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। बिजली कंपनियों को भी तूफान के दौरान एहतियात बरतने को कहा गया है। अब देखना यह होगा कि 20 जून को होने वाली राज्यव्यापी ‘झमाझम’ बारिश से निपटने के लिए शहरी ड्रेनेज सिस्टम कितना तैयार है। आम जनता को सलाह है कि वे मौसम के अपडेट्स पर नजर रखें और सुरक्षित रहें।











