Dumka | झारखंड के दुमका में रविवार को दिनदहाड़े रसोई गैस सिलेंडर चोरी कर भाग रहे तीन शातिरों को स्थानीय लोगों ने रंगे हाथ दबोच लिया। आक्रोशित ग्रामीणों ने तीनों आरोपियों के हाथ बांधकर उनकी जमकर धुनाई कर दी और बाद में उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया।
पकड़े गए आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी का माल खरीदने वाले एक स्थानीय दुकानदार को भी गिरफ्तार किया है। नगर थाना पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
टावर चौक पर फिल्मी स्टाइल में चोरी, मुस्तैद ग्रामीणों ने ऐसे दबोचा
यह पूरी घटना दुमका नगर थाना क्षेत्र के दुधानी कुरुवा इलाके की है। टावर चौक स्थित कुसुम गैस एजेंसी (इंडेन) के सामने एक डिलीवरी वाहन खड़ा था, जिससे तीन युवक गैस सिलेंडर चोरी कर भागने की कोशिश कर रहे थे।
गैस एजेंसी के संचालक राजू भगत ने ग्राउंड जीरो पर बताया, “हमारा कर्मी हरिहर मंडल रोज की तरह सिलेंडर डिलीवरी के लिए गाड़ी लेकर निकल रहा था। इसी बीच वह दुकान के अंदर रसीद लेने गया। बस इतने से वक्त का फायदा उठाकर तीन युवक गाड़ी से भरा हुआ सिलेंडर उठाकर भागने लगे।”
तभी वहां मौजूद लोगों की नजर उन पर पड़ गई। ग्रामीणों ने सूझबूझ दिखाते हुए भागते चोरों की तस्वीरें मोबाइल में कैद कीं और पीछा करके तीनों को कुरुवा गांव के पास दबोच लिया।
रस्सी से बांधकर की धुनाई, पुराना गुस्सा आया बाहर
कुरुवा गांव के ग्रामीणों में इस गिरोह को लेकर लंबे समय से आक्रोश था। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में पिछले कई दिनों से घरों के बाहर और छतों से रसोई गैस सिलेंडर गायब हो रहे थे।
स्थानीय ग्रामीण: “हमारे गांव में पहले भी कई लोगों के सिलेंडर चोरी हो चुके थे। हम घात लगाकर बैठे थे। आज जैसे ही ये तीनों कुरुवा की तरफ भागे, हमने इन्हें दबोच लिया। इनका इलाज करना जरूरी था ताकि आगे से कोई ऐसी जुर्रत न करे।”
गुस्साए ग्रामीणों ने पहले तीनों चोरों के हाथ रस्सी से बांधे और उनकी थोड़ी-बहुत मरम्मत कर दी। इसके बाद तुरंत नगर थाना पुलिस को मामले की सूचना दी गई।
कड़ाई से पूछताछ में खुला राज: चोरों के साथ ‘महाजन’ भी गया जेल
सूचना मिलते ही नगर थाना प्रभारी अशोक राम अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और तीनों आरोपियों को भीड़ से छुड़ाकर थाने ले आए। पुलिसिया पूछताछ में चोरों की पहचान कुणाल राणा, धनेश्वर मुर्मू और विष्णु प्रसाद साह के रूप में हुई है।
पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी कुणाल ने कबूल किया कि वे लोग पहली बार चोरी नहीं कर रहे थे। वे कुरुवा और आसपास के इलाकों से लगातार सिलेंडर चुराते थे और कुमारपाड़ा के एक दुकानदार भैरव सिंह को सस्ते दामों में बेच देते थे।
मामले को रफा-दफा करने की कोशिश नाकाम
जैसे ही पुलिस ने कुमारपाड़ा के दुकानदार भैरव सिंह के यहां दबिश दी, बाजार में सनसनी फैल गई। खुद को फंसता देख दुकानदार भैरव ने चोरी का सिलेंडर गाड़ी मालिक को वापस कर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की। उसने मिन्नतें भी कीं, लेकिन पुलिस ने उसकी एक न सुनी और सख्ती दिखाते हुए उसे भी सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
प्रशासन का अगला कदम: क्या थमेगी दुमका में चोरी?
इस पूरी कार्रवाई पर दुमका नगर थाना प्रभारी अशोक राम ने बताया, “तीन सिलेंडर चोरों को ग्रामीणों की मदद से पकड़ा गया है। उनकी निशानदेही पर चोरी का सामान खरीदने वाला एक खरीदार भी गिरफ्तार हुआ है। चारों को कोर्ट में पेश करने के बाद रविवार देर शाम जेल भेज दिया गया है। पुलिस इस रैकेट से जुड़े अन्य कड़ियों की जांच कर रही है।”
इस घटना ने यह साफ कर दिया है कि दुमका के शहरी और अर्ध-शहरी इलाकों में छोटे चोरों का एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा है। पुलिस अब कूरियर और कबाड़ दुकानों की भी निगरानी कर रही है, जहां ऐसे चोरी के सामान खपाए जाते हैं। प्रशासन ने गैस वेंडर्स को भी डिलीवरी के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है।











