रांची: झारखंड की राजधानी में आसमानी आफत यानी ‘लू’ का तांडव शुरू हो चुका है। पारा रिकॉर्ड तोड़ रहा है और आम आदमी की जान पर बन आई है। इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए रांची के न्यायायुक्त श्री अनिल कुमार मिश्रा-1 ने एक बड़ा संदेश दिया है— “इस तपती गर्मी में खुद का ख्याल रखना अब आपकी पहली जिम्मेदारी है।” झालसा के दिशा-निर्देश पर आज रांची सिविल कोर्ट परिसर से लेकर सड़कों तक एक बड़ी मुहिम छेड़ी गई है, ताकि भीषण गर्मी की चपेट में आने से मासूम जिंदगियां बचाई जा सकें।
मैदान में उतरा सिस्टम: ओआरएस और पानी की बोतलों का वितरण
बुधवार को व्यवहार न्यायालय रांची में उस वक्त हलचल बढ़ गई जब खुद माननीय न्यायायुक्त श्री अनिल कुमार मिश्रा-1 ने ‘हीट-वेव रिलीफ कैंप’ का फीता काटकर उद्घाटन किया। यह सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं था, बल्कि उन दिहाड़ी मजदूरों, ट्रैफिक पुलिसकर्मियों और फुटपाथ पर रहने वाले लोगों के लिए “जीवन रक्षक” पहल थी, जो हर दिन लू के थपेड़ों के बीच अपनी रोटी कमाते हैं।
डालसा (DALSA) सचिव श्री राकेश रौशन की मौजूदगी में कोर्ट परिसर में आने वाले हर जरूरतमंद को ओआरएस (ORS) और ठंडे पानी की बोतलें बांटी गईं। सचिव ने स्पष्ट कहा कि झारखंड के कई जिलों में गर्मी अब जानलेवा स्तर पर है, ऐसे में शरीर में पानी की कमी (Dehydration) मौत का कारण बन सकती है।

नुक्कड़ नाटक से दी चेतावनी: “लू को हल्के में न लें”
सिर्फ राहत सामग्री ही नहीं, बल्कि ‘रंगदर्पण’ के कलाकारों ने अपने अभिनय के जरिए लोगों को झकझोर दिया। शिवांग चौबे और उनकी टीम ने नाटक के जरिए दिखाया कि कैसे एक छोटी सी लापरवाही लू की चपेट में ले आती है। सदर अस्पताल की डॉ. रीचा और नर्स बेला देवी ने मौके पर मौजूद लोगों को मेडिकल टिप्स देते हुए बताया कि अगर सिरदर्द, चक्कर या ज्यादा थकान महसूस हो, तो इसे सामान्य गर्मी न समझें, यह हीट स्ट्रोक का संकेत हो सकता है।
इन इलाकों में लगेंगे विशेष कैंप: आपकी लोकेशन भी शामिल?
प्रशासन अब केवल कोर्ट परिसर तक सीमित नहीं रहेगा। डालसा सचिव ने घोषणा की है कि राहत का यह कारवां रांची के व्यस्ततम चौराहों तक पहुंचेगा:
- प्रमुख चौक: डोरण्डा चौक, लाला लाजपत राय चौक, सुजाता चौक, सिरम टोली और फिरायालाल चौक।
- ट्रांसपोर्ट हब: रांची रेलवे स्टेशन, हटिया स्टेशन, खादगढ़ा बस स्टैंड और आईटीआई बस स्टैंड।
क्यों खतरनाक है इस बार की गर्मी?
इस साल झारखंड में लू का पैटर्न बदला हुआ है। गर्म हवाएं सुबह 10 बजे से ही सक्रिय हो रही हैं। पेनेसिया हॉस्पिटल के विशेषज्ञों के अनुसार, ‘हीट इंडेक्स’ बढ़ने से शरीर का तापमान अचानक बढ़ रहा है। न्यायायुक्त की इस पहल का उद्देश्य सिस्टम को सक्रिय करना है ताकि अस्पतालों में लू के मरीजों की भीड़ कम हो सके और लोग जागरूक रहें।
प्रशासन तैयार, पर आप कितने सतर्क?
सरकार और विधिक सेवा प्राधिकार अपना काम कर रहे हैं, लेकिन असली जंग आपको खुद लड़नी है। जैसा कि न्यायायुक्त ने कहा, “यह समय खुद को बचाने का है।” क्या आप घर से निकलते समय पानी की बोतल साथ रखते हैं? क्या आप बेवजह दोपहर में बाहर निकलने से बच रहे हैं? याद रखिए, आपकी सावधानी ही इस भीषण गर्मी का सबसे बड़ा इलाज है।
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