रांची: झारखंड में मौसम ने ऐसा यू-टर्न लिया है कि आम जनता हलकान है। एक तरफ जहां पलामू और कोल्हान के जिलों में सूरज आग उगल रहा है और पारा 44.8 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, वहीं दूसरी ओर भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई जिलों में ‘येलो अलर्ट’ जारी करते हुए अगले कुछ घंटों में भीषण मेघ गर्जन और वज्रपात की चेतावनी दी है। चिलचिलाती धूप और फिर अचानक कड़कती बिजली ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
भीषण गर्मी के बीच आसमानी आफत: क्या है ताजा अपडेट?
झारखंड के मौसम में इस वक्त ‘आग और पानी’ की अजीब जंग दिख रही है। सोमवार को जहां डालटेनगंज (पलामू) राज्य का सबसे गर्म इलाका रहा, वहां तापमान सामान्य से 3.9 डिग्री ऊपर जाते हुए 44.8°C रिकॉर्ड किया गया। इसी बीच, रांची मौसम केंद्र ने मंगलवार तड़के एक के बाद एक कई ‘नाउकास्ट’ (Nowcast) बुलेटिन जारी किए हैं।
लेटेस्ट सैटेलाइट तस्वीरों के मुताबिक, देवघर, धनबाद, जामतारा, रांची, रामगढ़ और बोकारो समेत करीब एक दर्जन से अधिक जिलों में अगले 1 से 3 घंटों के भीतर हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं का अनुमान है।

इन जिलों में ‘येलो अलर्ट’, प्रशासन ने कहा- घर में रहें
मौसम विभाग ने विशेष रूप से चतरा, गढ़वा, पलामू, सरायकेला-खरसावां और पूर्वी सिंहभूम के लिए चेतावनी जारी की है। रात के अंधेरे में होने वाले इस मौसमी बदलाव को देखते हुए किसानों और खुले में काम करने वाले लोगों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
सावधानी के निर्देश:
- वज्रपात के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लें।
- बिजली के खंभों और ऊंचे ढांचों से दूर रहें।
- किसान खेतों में न जाएं और मौसम सामान्य होने का इंतजार करें।

पारा 44 डिग्री पार: हीटवेव का ‘टॉर्चर’ जारी
हैरानी की बात यह है कि बारिश की चेतावनी के बावजूद हीटवेव का कहर कम नहीं हो रहा है। सरायकेला में तापमान 44.0°C, चाईबासा में 43.4°C और जमशेदपुर में 41.5°C दर्ज किया गया है। जमशेदपुर में तो पिछले 24 घंटों के भीतर पारा 4 डिग्री तक उछल गया है, जो स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद खतरनाक संकेत है।
राजधानी रांची में भी पारा 39.9°C तक जा पहुंचा है, जो सामान्य से 3.2 डिग्री अधिक है। अचानक आंधी-बारिश से तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है, लेकिन उमस (Humidity) बढ़ने से लोगों की मुश्किलें दोगुनी होने वाली हैं।
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि यह बदलाव स्थानीय दबाव (Local Instability) के कारण है। फिलहाल हीटवेव की स्थिति बनी रहेगी, लेकिन ‘नाउकास्ट’ चेतावनी दर्शाती है कि राज्य में प्री-मानसून गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं। बिजली विभाग को अलर्ट पर रखा गया है क्योंकि तेज हवाओं और वज्रपात से ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित होने का खतरा है।
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