बाराबंकी। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी से एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने कानून-व्यवस्था और मानवीय संवेदनाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। महज एक ‘मुफ्त की पपड़ी’ (बताशा) न मिलने के मामूली विवाद में दबंगों ने आधी रात को एक होटल को आग के हवाले कर दिया। पेट्रोल छिड़ककर लगाई गई इस आग की तस्वीरें सीसीटीवी (CCTV) में कैद हो गई हैं, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।
पीड़ित दुकानदार का आरोप है कि हमलावर नशे में धुत थे और उन्होंने न सिर्फ दुकान फूंकी, बल्कि सरेराह असलहा लहराते हुए हवाई फायरिंग भी की। नए नवेले ‘माती थाना’ क्षेत्र में हुई इस पहली बड़ी वारदात ने इलाके के व्यापारियों में दहशत भर दी है।
नशे में धुत युवक और ‘पपड़ी’ का वो जानलेवा विवाद
घटना माती के चकहार निवासी अभिषेक यादव के होटल की है। जानकारी के मुताबिक, बुधवार रात करीब 9:30 बजे लखनऊ नंबर की एक कार में सवार चार युवक होटल पर गोलगप्पे खाने पहुंचे थे। चश्मदीदों का कहना है कि गोलगप्पे खाने के बाद युवकों ने ‘मुफ्त की पपड़ी’ मांगी, जिसे लेकर अभिषेक के भाई विवेक यादव से उनकी कहासुनी हो गई।
विवाद इतना बढ़ा कि नशे में धुत युवकों ने मारपीट शुरू कर दी। करीब डेढ़ घंटे तक दबंग वहीं खड़े होकर अपने अन्य साथियों को बुलाते रहे और अंजाम भुगतने की धमकी देकर चले गए।
आधी रात को पेट्रोल बम से हमला: सीसीटीवी में कैद हुई दहशत
दबंगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। रात करीब 1:30 बजे, जब पूरा बाजार सो चुका था और होटल बंद था, वही युवक दोबारा लौटे। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि युवक हाथ में पेट्रोल से भरी बोतल लिए हुए हैं। उन्होंने शटर और काउंटर पर पेट्रोल छिड़का और आग लगा दी। देखते ही देखते होटल की दुकान धू-धू कर जलने लगी।
“दबंगों ने सिर्फ आग ही नहीं लगाई, बल्कि कार से पिस्टल निकालकर हवाई फायरिंग भी की। हम लोग डर के मारे बाहर नहीं निकल सके।” — विवेक यादव, पीड़ित दुकानदार
पुलिस की सुस्ती पर उठे सवाल: घटना के बाद भी FIR में देरी?
हैरानी की बात यह है कि घटना को हुए कई घंटे बीत चुके हैं, सीसीटीवी फुटेज भी सामने है, लेकिन नए थाना माती की पुलिस ने अब तक अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पुलिस मामले को टाल रही है, जबकि उनकी आंखों के सामने उनकी रोजी-रोटी खाक हो गई।
इस मामले पर बाराबंकी के पुलिस अधीक्षक (SP) अर्पित विजयवर्गीय ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि मामले की गहन जांच कराई जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है और तथ्यों के आधार पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आम आदमी कितना सुरक्षित?
यह घटना केवल एक दुकान जलने की नहीं है, बल्कि यह यूपी के छोटे व्यापारियों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल है। लखनऊ से सटे बाराबंकी में इस तरह की ‘रोड रेज’ और मामूली बात पर आगजनी की घटना बताती है कि अपराधियों के मन में पुलिस का खौफ खत्म होता जा रहा है। स्थानीय व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वे आंदोलन करेंगे।
आगे क्या? अब सबकी नजरें माती थाना पुलिस पर हैं। क्या पुलिस उन रसूखदार ‘लखनऊ वाले’ लड़कों को ढूंढ पाएगी? सीसीटीवी में दिख रहे चेहरे साफ हैं, लेकिन गिरफ्तारी में देरी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा रही है।











