राँची | झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण संशोधन अधिनियम 2017 को सख्ती से लागू करने के लिए राँची जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। उपायुक्त (DC) श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में हुई जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति की पहली बैठक में ऐसे फैसले लिए गए हैं, जो सीधे तौर पर राँची के हजारों अभिभावकों की जेब को राहत पहुँचाएंगे।
Key Takeaways: अभिभावकों के लिए 5 सबसे बड़ी राहत
- फीस कैप: 10% से अधिक फीस बढ़ानी है, तो प्रशासन से अनुमति लेना अनिवार्य।
- नो मोनोपोली: स्कूल किसी खास दुकान से किताबें या ड्रेस खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकते।
- अबुआ साथी हेल्पलाइन: किसी भी शिकायत के लिए व्हाट्सएप नंबर 9430328080 जारी।
- जुर्माना: नियमों के उल्लंघन पर ₹50,000 से ₹2.5 लाख तक का दंड।
- RTE कोटा: 25% आरक्षित सीटों पर पारदर्शिता जरूरी।
फीस निर्धारण: क्या है ’10 प्रतिशत’ का गणित?
बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि कोई भी निजी विद्यालय अपनी ‘स्कूल स्तर की शुल्क समिति’ की सहमति से अधिकतम 10% तक ही वार्षिक वृद्धि कर सकता है। लेकिन ध्यान रहे, यह वृद्धि भी कम से कम 2 वर्षों के लिए प्रभावी होगी। हमने जब इस नियम का विश्लेषण किया, तो पाया कि कई स्कूल हर साल छोटे-छोटे मदों में पैसे बढ़ा देते थे—अब उन्हें पिछले 3 वर्षों का हिसाब जिला समिति को देना होगा।
- विशेष नियम: यदि स्कूल 10% से ज्यादा फीस बढ़ाना चाहता है, तो उसे ‘जिला स्तरीय समिति’ के पास प्रस्ताव भेजकर पूर्व अनुमोदन (Prior Approval) लेना होगा। बिना अनुमति वृद्धि ‘अवैध’ मानी जाएगी।
किताबों और ड्रेस के नाम पर ‘कमीशन’ का खेल खत्म
अक्सर देखा जाता है कि हर साल सिलेबस बदलने या खास दुकान का हवाला देकर अभिभावकों पर दबाव बनाया जाता है। प्रशासन ने इस पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ की है:
- 5 साल का लॉक-इन: स्कूल ड्रेस का डिजाइन अब कम से कम 5 साल तक नहीं बदला जा सकेगा।
- NCERT को प्राथमिकता: CBSE स्कूलों को NCERT के अलावा कोई और किताब अनिवार्य करने का हक नहीं होगा।
- ओपन मार्केट: स्कूल केवल रंग और डिजाइन बताएंगे, अभिभावक अपनी पसंद की दुकान से कपड़ा या किताब खरीदने के लिए स्वतंत्र हैं।
शिकायत कैसे और कहाँ करें? (Direct Action)
यदि आपको लगता है कि स्कूल नियमों का पालन नहीं कर रहा, तो चुप न बैठें। प्रशासन ने शिकायत की प्रक्रिया को बेहद सरल बना दिया है:
| शिकायत का माध्यम | विवरण |
| व्हाट्सएप हेल्पलाइन | 9430328080 (अबुआ साथी) |
| ऑफलाइन शिकायत | कमरा संख्या 105, ब्लॉक-ए, समाहरणालय भवन, राँची |
| नोडल ऑफिसर | सुश्री जुही रानी (क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी) |
स्कूलों के लिए सख्त चेतावनी: रद्द हो सकती है मान्यता
DC मंजूनाथ भजन्त्री ने साफ लहजे में कहा है कि यह केवल एक बैठक नहीं, बल्कि एक सख्त चेतावनी है। “शिक्षा को व्यापार नहीं, न्यायसंगत बनाना हमारी प्राथमिकता है।” यदि कोई स्कूल इन प्रावधानों का उल्लंघन करता है, तो भारी आर्थिक दंड के साथ-साथ उसकी RTE अनापत्ति (NOC) भी वापस ली जा सकती है।
क्या स्कूल दोबारा नामांकन (Re-admission) शुल्क ले सकते हैं?
नहीं, अगली कक्षा में प्रमोट होने पर दोबारा नामांकन शुल्क लेना प्रतिबंधित है।
क्या बस फीस भी 10% के कैप में आती है?
हाँ, बस शुल्क सहित कोई भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष शुल्क ‘मासिक शुल्क’ का हिस्सा माना जाएगा और नियम उस पर लागू होंगे।
क्या परीक्षा के समय अतिरिक्त पैसे मांगे जा सकते हैं?
बिल्कुल नहीं। वार्षिक परीक्षा के नाम पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा और न ही किसी छात्र को परीक्षा से रोका जा सकेगा।











