Jharkhand Weather Alert: अगर आप रांची, बोकारो या धनबाद सहित झारखंड के इन जिलों में रहते हैं, तो अगले कुछ घंटे आपके लिए बेहद सतर्क रहने वाले हैं। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के बड़े हिस्से में कुदरत के ‘तांडव’ की चेतावनी जारी की है। आसमान से न सिर्फ बिजली गिरेगी, बल्कि 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं और बड़े ओले आपकी मुश्किल बढ़ा सकते हैं।
रांची से बोकारो-धनबाद तक ‘ऑरेंज अलर्ट’, घर से निकलने से पहले पढ़ें ये चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र रांची ने अभी-अभी ‘नाउकास्ट’ (Nowcast) बुलेटिन जारी करते हुए राज्य के कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित कर दिया है। विभाग के अनुसार, अगले एक से तीन घंटों के भीतर बोकारो, धनबाद, हजारीबाग, खूंटी, लातेहार, लोहरदगा, रांची और सिमडेगा के कुछ हिस्सों में मध्यम दर्जे की गर्जना और वज्रपात के साथ बारिश होने की प्रबल संभावना है।
सबसे डराने वाली बात हवा की रफ्तार है। मौसम वैज्ञानिक ने वीडियो संदेश के माध्यम से चेतावनी दी है कि संताल परगना और मध्य झारखंड के इलाकों में हवा की गति 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक जा सकती है। यह रफ्तार पेड़ों को उखाड़ने और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचाने के लिए काफी है।

ओलावृष्टि (Hails) का खतरा: किसानों और आम जनता के लिए ‘रेड सिग्नल’
मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और स्थानीय स्तर पर बन रहे ‘ट्रफ’ (Trough) के कारण राज्य में थंडरस्टॉर्म की स्थिति बनी है। 20 मार्च को स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। विशेष रूप से साहिबगंज, पाकुड़, दुमका, गोड्डा, देवघर और जामताड़ा जैसे उत्तर-पूर्वी जिलों में ओलावृष्टि (Hailstorm) की चेतावनी दी गई है।
किसानों के लिए चिंता: खेतों में खड़ी रबी की फसल और बागवानी (Horticulture) फसलों के लिए यह ओलावृष्टि काल साबित हो सकती है। विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे फिलहाल खेतों में न जाएं और मौसम सामान्य होने का इंतजार करें।
ग्राउंड रिपोर्ट: क्या करें और क्या न करें?
रांची मौसम केंद्र के वैज्ञानिक ने साफ़ कहा है कि “काम रुक सकता है, लेकिन जान की सुरक्षा सर्वोपरि है।” जब बिजली कड़क रही हो, तो इन बातों का पालन सख्ती से करें:
- पेड़ों के नीचे शरण न लें: वज्रपात के समय पेड़ सबसे ज्यादा असुरक्षित होते हैं।
- बिजली के खंभों से दूर रहें: तेज हवाओं में शॉर्ट सर्किट और खंभे गिरने का डर रहता है।
- सुरक्षित स्थान पर रहें: यदि आप बाहर हैं, तो तुरंत किसी पक्के मकान या सुरक्षित शेल्टर में चले जाएं।
- इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का प्रयोग टालें: गर्जना के दौरान मोबाइल और अन्य उपकरणों का इस्तेमाल जोखिम भरा हो सकता है।
प्रशासन की तैयारी
झारखंड सरकार और जिला प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है। बिजली विभाग को विशेष निर्देश दिए गए हैं कि तेज हवाओं के दौरान एहतियातन बिजली कटौती की जाए ताकि जान-माल का नुकसान न हो। मौसम विभाग की मानें तो बंगाल की खाड़ी से लगातार आ रही नमी अगले 48 घंटों तक झारखंड के मौसम को इसी तरह उथल-पुथल भरा रखेगी।











