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पंजाब में ‘इमरजेंसी’ पर बैन की मांग, गुरुद्वारा समिति ने कंगना रनौत पर सिखों को बदनाम करने का लगाया आरोप

कंगना की फिल्म के खिलाफ SGPC का विरोध तेज

पंजाब में कंगना रनौत की फिल्म ‘इमरजेंसी’ की रिलीज पर विवाद खड़ा हो गया है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने इस फिल्म पर राज्य में प्रतिबंध लगाने की मांग की है। गुरुवार को SGPC के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि यह फिल्म सिखों को बदनाम करने के लिए बनाई गई है।

SGPC ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

हरजिंदर सिंह धामी ने अपने पत्र में कहा कि SGPC ने पहले ही पंजाब के मुख्य सचिव को इस फिल्म के खिलाफ अपनी आपत्ति और प्रस्ताव भेजा था। उन्होंने लिखा, “हमने स्पष्ट किया था कि इस फिल्म को पंजाब में प्रदर्शित नहीं होने दिया जाएगा क्योंकि यह सिख समुदाय को बदनाम करने की साजिश के तहत बनाई गई है।”

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SGPC अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि पंजाब सरकार ने उनकी मांगों पर कोई कदम नहीं उठाया। उनका कहना है कि अगर फिल्म 17 जनवरी को रिलीज होती है, तो यह सिख समुदाय में भारी आक्रोश पैदा कर सकती है।

“फिल्म पर तुरंत बैन लगे”

SGPC के अनुसार, फिल्म के कंटेंट में सिखों की छवि को गलत तरीके से पेश किया गया है। संगठन ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से आग्रह किया है कि फिल्म पर तत्काल प्रतिबंध लगाया जाए।

धामी ने कहा, “अगर सरकार इस पर तुरंत कार्रवाई नहीं करती है, तो यह सिखों की भावनाओं को ठेस पहुंचाएगा।” उन्होंने सरकार को सिख समुदाय की भावनाओं का सम्मान करने का आग्रह किया।

कंगना रनौत पर क्यों लग रहे हैं आरोप?

SGPC ने आरोप लगाया है कि कंगना रनौत ने फिल्म में सिख समुदाय के इतिहास और पहचान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया है। हालांकि, कंगना और फिल्म की टीम ने इन आरोपों का अब तक कोई जवाब नहीं दिया है।

राज्य सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार

अब सभी की नजरें पंजाब सरकार पर हैं कि वह SGPC की इस मांग पर क्या कदम उठाती है। यदि फिल्म पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया, तो राज्य में विरोध प्रदर्शन तेज होने की आशंका है।

SGPC की यह मांग और सरकार की चुप्पी आने वाले दिनों में राज्य में राजनीतिक और सामाजिक तनाव बढ़ा सकती है।

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Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

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