Ranchi | झारखंड की राजधानी रांची की संकरी गलियों से लेकर बड़े चौराहों तक फैले ड्रग्स के काले कारोबार को उधेड़ने के लिए अब एक अंडरकवर मिशन शुरू हुआ है। शॉर्ट फिल्म ‘BHAVISHYAM’ सीधे उस कड़वी हकीकत पर चोट करती है, जहां स्कूल-कॉलेज जाने वाले बच्चों को नशे की दलदल में धकेला जा रहा है।
स्थानीय पृष्ठभूमि और असल परिवेश पर बनी यह फिल्म सिर्फ एक कहानी नहीं, बल्कि शहर में सक्रिय ड्रग सिंडिकेट के खिलाफ खुली जंग का ऐलान है।
रांची से जुड़े अभिनेता सचिन राजपूत इस फिल्म में एक ऐसे जांबाज अंडरकवर पुलिस अधिकारी के किरदार में नजर आएंगे, जो बच्चों का भविष्य बचाने के लिए सीधे मौत के सौदागरों के अड्डे में घुस जाता है।
रांची की सड़कों पर अंडरकवर मिशन: क्या टूटेगा ड्रग नेटवर्क?
राजधानी में युवाओं के बीच फैलते नशे के जाल ने अभिभावकों से लेकर पुलिस-प्रशासन तक की नींद उड़ा रखी है। फिल्म ‘BHAVISHYAM’ में दिखाया गया है कि कैसे यह गिरोह मासूम बच्चों को निशाना बनाकर उन्हें पहले आदी बनाता है और फिर अपने नेटवर्क का मोहरा।
सचिन राजपूत का किरदार शहर के इसी अदृश्य खतरे को जड़ से खत्म करने के लिए अपनी पहचान छिपाकर मैदान में उतरता है। हर मोड़ पर जानलेवा खतरा और शहर के सिस्टम में घुसे दलालों की पहचान करना ही इस मिशन की सबसे बड़ी चुनौती बन जाता है।
पर्दे पर आमने-सामने: कानून का पहरेदार बनाम सिंडिकेट के सरगना
फिल्म में कानून और अपराध के बीच यह जंग बेहद तीखी देखने को मिलेगी। जहां एक तरफ सचिन राजपूत का अंडरकवर अवतार है, वहीं दूसरी तरफ S. कुमार और विनीता दीपक खूंखार ड्रग डीलर्स के रूप में नजर आएंगे।
- सचिन राजपूत: कानून का वह चेहरा, जिसने शहर के बच्चों का भविष्य बचाने के लिए खुद को दांव पर लगा दिया।
- S. कुमार व विनीता दीपक: ड्रग सिंडिकेट की वह रीढ़, जो मुनाफे के लिए मासूम जिंदगियों का सौदा करती है।
निर्देशन और निर्माण: मनोरंजन के साथ समाज को आईना
भविष्य प्रोडक्शन के बैनर तले बनी इस फिल्म की कमान खुद S. कुमार ने संभाली है। कैमरे के पीछे रहकर उन्होंने कहानी में स्थानीय रंग, बोलचाल और रांची की वास्तविक लोकेशनों को बेहद प्रामाणिक ढंग से पिरोया है।
निर्देशक का साफ मानना है कि जब तक समाज खुद आगे आकर अपने बच्चों के बदलते व्यवहार और संगति पर नजर नहीं रखेगा, तब तक सिर्फ पुलिसिया कार्रवाई से यह दीमक खत्म नहीं हो सकती। फिल्म का मूल मकसद जागरूकता फैलाना और अभिभावकों को सचेत करना है।
अब आगे क्या: क्या समाज की आंखें खोल पाएगा ‘भविष्यम’?
20 सितंबर 2026 को रिलीज होने जा रही यह फिल्म केवल सिनेमाई मनोरंजन नहीं, बल्कि शहर और समाज के लिए एक अलार्म है। पर्दे पर अंडरकवर अफसर की यह जंग सिस्टम और जनता दोनों के सामने यह सवाल खड़ा करेगी—क्या हम अपने बच्चों के भविष्य को नशे के सौदागरों के हवाले छोड़ देंगे, या वक्त रहते इस खतरे के खिलाफ एकजुट होंगे?











