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उषा मार्टिन विश्वविद्यालय: 6 ऑनलाइन डिग्री कोर्सेज को मिली मंजूरी

रांची। झारखंड के उच्च शिक्षा जगत से एक बड़ी खबर सामने आई है। उषा मार्टिन विश्वविद्यालय (Usha Martin University) को अब 6 प्रमुख डिग्री कोर्स ऑनलाइन मोड में संचालित करने की आधिकारिक मान्यता मिल गई है।

वरिष्ठ निरीक्षण समिति के कड़े मूल्यांकन के बाद विश्वविद्यालय के चार पोस्ट ग्रेजुएट (PG) और दो अंडरग्रेजुएट (UG) कोर्सेज को मंजूरी दी गई है। इस फैसले के बाद अब राज्य ही नहीं, बल्कि देश-विदेश के छात्र घर बैठे रांची के इस संस्थान से पढ़ाई कर सकेंगे।

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खासकर नौकरीपेशा प्रोफेशनल्स और उन छात्रों के लिए यह बड़ा मौका माना जा रहा है, जो नियमित कॉलेज जाने में असमर्थ थे। इस फैसले का सीधा असर उच्च शिक्षा में नामांकन दर (GER) पर पड़ना तय है।

किन 6 कोर्सेज को मिली ऑनलाइन मोड की मंजूरी?

वरिष्ठ समिति की जांच और हरी झंडी के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने इन कोर्सेज की सूची जारी कर दी है। इनमें मुख्य रूप से मैनेजमेंट और आईटी सेक्टर से जुड़े कोर्सेज शामिल हैं:

2 वर्षीय पोस्ट ग्रेजुएट (PG) प्रोग्राम्स:

  • MBA – Marketing Management
  • MBA – Human Resource Management
  • MBA – Finance Management
  • MCA (Master of Computer Applications)

4 वर्षीय अंडरग्रेजुएट (UG Honours) प्रोग्राम्स:

  • BBA (Honours)
  • BCA (Honours)

नौकरीपेशा युवाओं और गृहिणियों को सीधा फायदा

मैदान से आ रही जानकारी के अनुसार, इस कदम का सबसे बड़ा असर कामकाजी युवाओं और महिलाओं पर पड़ेगा। नियमित क्लास के दबाव के बिना अपनी सुविधानुसार पढ़ाई करने की छूट करियर अपस्किलिंग (Upskilling) की राह आसान करेगी।

“भौगोलिक दूरी, काम का दबाव या पारिवारिक जिम्मेदारियां अब उच्च शिक्षा में बाधा नहीं बनेंगी। हमारा लक्ष्य तकनीक के जरिए शिक्षा को हर इच्छुक छात्र तक सुलभ बनाना है।”

विश्वविद्यालय प्रशासन

ऑनलाइन मोड होने के कारण विदेश में रहने वाले छात्र और अंतरराष्ट्रीय नागरिक भी तय पात्रता के तहत इन कोर्सेज में दाखिला ले सकेंगे।

[ऑनलाइन डिग्री कोर्सेज के ब्रोशर और एडमिशन प्रोसेस का इन्फोग्राफिक यहाँ देखें]

NEP 2020 और Academic Bank of Credits का कवच

यह पूरी व्यवस्था राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के ढांचे के तहत लागू होगी। इसका सबसे व्यावहारिक पहलू Academic Bank of Credits (ABC) है।

अगर किसी छात्र को नौकरी, स्वास्थ्य या पारिवारिक कारणों से बीच में पढ़ाई छोड़नी पड़ती है, तो उसके कमाए हुए क्रेडिट्स सुरक्षित रहेंगे। छात्र जब चाहे अपनी पढ़ाई वहीं से दोबारा शुरू कर सकता है, जिससे उसकी मेहनत बेकार नहीं जाएगी।

आगे क्या: उच्च शिक्षा में नामांकन का नया दौर

झारखंड जैसे राज्य में उच्च शिक्षा का ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो (GER) बढ़ाना एक बड़ी प्रशासनिक चुनौती रहा है। उषा मार्टिन विश्वविद्यालय की इस डिजिटल पहल से राज्य के दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले युवाओं को सीधे मुख्यधारा की उच्च शिक्षा से जुड़ने का रास्ता मिला है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि एडमिशन पोर्टल कब लाइव होता है और पहले सत्र में छात्रों का रुझान कैसा रहता है।

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Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

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