रांची: स्वर्गीय डॉ. सुरेश्वर पांडेय की जयंती पर RJSP कैंसर अस्पताल प्रबंधन ने एक बेहद भावुक और मानवीय पहल की है। अस्पताल की कार्यकारी निदेशक डॉ. पल्लवी पांडेय अपनी मेडिकल टीम के साथ सीधे चिरौंदी स्थित वृद्धाश्रम पहुंचीं।
टीम ने आश्रम में रह रहे उपेक्षित और बेसहारा बुजुर्गों के बीच पौष्टिक भोजन और रोजमर्रा की जरूरी सामग्रियों का वितरण किया।
इस दौरान बुजुर्गों के स्वास्थ्य का हाल जाना गया और उनके साथ आत्मीय पल साझा किए गए, जिससे कई बुजुर्गों की आंखें छलक पड़ीं।
अपनों से दूर बुजुर्गों के चेहरे पर लौटी मुस्कान
राजधानी के चिरौंदी वृद्धाश्रम में शनिवार का दिन रोज जैसा अकेलापन भरा नहीं था। RJSP कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर की टीम सुबह ही वृद्धाश्रम परिसर में पहुंची।
डॉ. पल्लवी पांडेय ने सीधे बुजुर्गों के पास बैठकर उनकी रोजमर्रा की दिक्कतों, स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों और आश्रम की जरूरतों को सुना। टीम ने न सिर्फ पौष्टिक भोजन परोसा, बल्कि जरूरत का हर जरूरी सामान सीधे उनके हाथों में सौंपा।
‘यह सिर्फ एक दिन का दौरा नहीं’: डॉ. पल्लवी पांडेय
भावुक माहौल के बीच कार्यकारी निदेशक डॉ. पल्लवी पांडेय ने बुजुर्गों को ढांढस बंधाया। उन्होंने दो-टूक कहा कि यह कोई रस्मी दौरा नहीं है।
“संस्था समय-समय पर चिरौंदी आश्रम आती रहेगी। बुजुर्गों के स्वास्थ्य परीक्षण, दवाओं और हर जरूरी देखभाल के लिए अस्पताल प्रशासन पूरी प्रतिबद्धता से साथ खड़ा रहेगा।” — डॉ. पल्लवी पांडेय, कार्यकारी निदेशक (RJSP कैंसर अस्पताल)
मौके पर मौजूद आश्रमवासियों ने कहा कि अक्सर लोग औपचारिकता निभाकर चले जाते हैं, लेकिन डॉक्टरों की टीम का खुद आकर हाल-चाल पूछना दिल को छू गया।
अस्पताल के वरिष्ठ सदस्य भी रहे मौजूद
इस मानवीय अभियान में अस्पताल प्रबंधन के प्रमुख पदाधिकारी भी जमीन पर सक्रिय दिखे। कार्यक्रम में श्री आद्यानंद पांडेय, मुकेश नंद तिवारी, श्रीमती रमा कुमारी और श्री इमरान प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। सभी ने बुजुर्गों के साथ वक्त बिताकर उनका हौसला बढ़ाया।
आज के दौर में जहां बुजुर्गों की अनदेखी एक गंभीर सामाजिक समस्या बन चुकी है, स्वास्थ्य संस्थानों का यह जमीनी कदम एक नजीर पेश करता है। अब नजरें इस बात पर हैं कि RJSP कैंसर अस्पताल की यह पहल नियमित स्वास्थ्य शिविरों और स्थायी मेडिकल सपोर्ट में कैसे तब्दील होती है, ताकि राजधानी के किसी भी वृद्धाश्रम में कोई बुजुर्ग इलाज और देखभाल के अभाव में अकेला न महसूस करे।











