रांची/गिरिडीह: झारखंड सरकार के कद्दावर कैबिनेट मंत्री सुदिव्य कुमार ‘सोनू’ के असामयिक निधन के बाद राज्य सरकार ने दो दिवसीय राजकीय शोक का बड़ा ऐलान किया है।
दिवंगत मंत्री का अंतिम संस्कार गिरिडीह स्थित उसरी नदी-हरसिंहरायडीह श्मशान घाट पर पूरे राजकीय सम्मान (गार्ड ऑफ ऑनर) के साथ किया जा रहा है। अंतिम विदाई देने के लिए श्मशान घाट और आसपास के इलाकों में जनसैलाब उमड़ पड़ा है।
मंत्रिमंडल सचिवालय के आदेशानुसार, राज्य में 6 और 7 सितंबर को राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और 7 सितंबर को झारखंड के सभी सरकारी दफ्तर पूरी तरह बंद रहेंगे।
उसरी नदी तट पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई, उमड़ा जनसैलाब
गिरिडीह से आ रही ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक, मंत्री सुदिव्य कुमार के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए उसरी नदी-हरसिंहरायडीह घाट ले जाया गया। जिला प्रशासन और पुलिस बल की मौजूदगी में उन्हें अंतिम विदाई दी जा रही है।
घाट पर प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और आम जनता की भारी भीड़ मौजूद है। हर कोई अपने चहेते नेता के अंतिम दर्शन पाने को आतुर दिखा। पुलिस जवानों द्वारा मातमी धुन और गार्ड ऑफ ऑनर के साथ उन्हें अंतिम सलामी दी गई। माहौल पूरी तरह गमगीन है और समर्थकों की आंखें नम हैं।

2 दिन का राजकीय शोक: 7 सितंबर को बंद रहेंगे सभी सरकारी दफ्तर
झारखंड सरकार के मंत्रिमण्डल सचिवालय एवं निगरानी विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश (पत्रांक 988) के तहत:
- दो दिवसीय राजकीय शोक: 6 और 7 सितंबर 2026 को पूरे राज्य में राजकीय शोक रहेगा।
- राष्ट्रीय ध्वज झुका रहेगा: इस दौरान उन सभी सरकारी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधे झुके रहेंगे, जहाँ नियमित रूप से तिरंगा फहराया जाता है।
- सरकारी समारोह रद्द: शोक अवधि में राज्य में किसी भी प्रकार के आधिकारिक या राजकीय समारोह का आयोजन नहीं होगा।
- दफ्तरों की छुट्टी: कार्मिक विभाग के निर्देशानुसार 7 सितंबर को राज्य सरकार के सभी कार्यालय बंद रहेंगे।
‘कल तक जो आवाज साथ थी…’: सीएम हेमन्त सोरेन का भावुक संदेश
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अपने सबसे भरोसेमंद साथी के निधन पर गहरा दुख जताते हुए इसे अपनी निजी जिंदगी की अपूरणीय क्षति बताया।
“हमारे प्रिय सुदिव्य कुमार सोनू जी के असामयिक निधन की दुःखद सूचना को स्वीकार कर पाना मेरे लिए बेहद कठिन है। मंत्रिमंडल के सहयोगी मंत्री सुदिव्य कुमार का जाना मेरे व्यक्तिगत जीवन में ऐसी शून्यता छोड़ गया है, जिसे शब्दों में व्यक्त करना संभव नहीं है। आज उन्हें याद करते हुए मन में बार-बार यह आ रहा है कि ज़िंदगी कितनी क्षणभंगुर है। कल तक जो आवाज़ हमारे बीच थी, आज वह सिर्फ स्मृतियों में रह गई है। उनकी कमी हमेशा महसूस होगी।”
— हेमन्त सोरेन, मुख्यमंत्री, झारखंड
प्रशासनिक शून्यता और आगे की सियासी राह
मंत्री सुदिव्य कुमार के अचानक चले जाने से हेमंत सरकार के भीतर एक बड़ा प्रशासनिक शून्य पैदा हो गया है। उनके पास उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, नगर विकास एवं आवास तथा खेलकूद व पर्यटन जैसे भारी-भरकम और जनहित से जुड़े विभाग थे।
अब मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन इन महत्वपूर्ण विभागों का प्रभार अपने पास रखते हैं या मंत्रिमंडल में फेरबदल कर किसी अन्य सहयोगी को जिम्मेदारी सौंपते हैं, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं। वहीं, गिरिडीह और झारखंड की राजनीति में उनके जमीनी जुड़ाव की भरपाई करना सत्ता पक्ष के लिए आने वाले समय में बड़ी चुनौती होगी।











