Ranchi | राँची के कांटा टोली चौक के पास प्रशासन की बड़ी कार्रवाई से हड़कंप मच गया है। जिला प्रशासन ने गुप्त सूचना के आधार पर एक अवैध अल्ट्रासाउंड केंद्र को रंगे हाथों पकड़ा है।
उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देश पर हुई इस अचानक छापेमारी ने अवैध धंधा करने वालों की नींद उड़ा दी है। गैलेक्सी कॉम्प्लेक्स में चल रहे इस खेल का भंडाफोड़ करने के लिए खुद भारी पुलिस बल और मजिस्ट्रेट मौके पर पहुंचे।
प्रशासन की इस ताबड़तोड़ एक्शन से शहर के अन्य बिना रजिस्ट्रेशन वाले सेंटर्स में खलबली मच गई है। आइए जानते हैं कि ग्राउंड जीरो पर इस वक्त क्या हालात हैं और प्रशासन ने क्या-क्या जब्त किया है।
गैलेक्सी कॉम्प्लेक्स में छापा: बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहा था ‘सिटी अल्ट्रासाउंड’
राँची के व्यस्त कांटा टोली चौक के निकट स्थित गैलेक्सी कॉम्प्लेक्स की पहली मंजिल पर रोजाना की तरह चहल-पहल थी। किसी को भनक तक नहीं थी कि यहाँ ‘सिटी अल्ट्रासाउंड’ नामक केंद्र में नियमों को ताक पर रखकर काम हो रहा था। गुप्त सूचना मिलते ही अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल टीम का गठन किया गया।
जब मजिस्ट्रेट, लोअर बाजार थाना प्रभारी और महिला-पुरुष पुलिस बल के साथ स्वास्थ्य कर्मियों की टीम पहली मंजिल पर पहुंची, तो वहां मौजूद स्टाफ के होश उड़ गए। जांच में सामने आया कि केंद्र के संचालक डॉ. राजेश कुमार बिना किसी उचित और वैध पंजीकरण के ही इस पूरे सेटअप को रन कर रहे थे।
मशीनें जब्त, कागजात खंगाल रही पुलिस; पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट के तहत कार्रवाई
प्रशासन ने मौके पर ढिलाई न बरतते हुए तुरंत एक्शन लिया। छापेमारी टीम ने सेंटर के भीतर मौजूद जीई कंपनी की लॉजिक सी5 मॉडल (सीरियल नंबर 244769WX6) अल्ट्रासाउंड मशीन को अपने कब्जे में ले लिया। इसके अलावा कंप्यूटर सेट, प्रिंटर, एएनसी (ANC) रजिस्टर, बिल बुक और कई अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए हैं। सबूत मिटाने या हेरफेर की आशंका को देखते हुए केंद्र को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है।
सिविल सर्जन सदर राँची ने इस बड़ी कार्रवाई पर बात करते हुए ऑन-कैमरा कहा:
“PC & PNDT Act की अनुमति के बिना किसी भी अल्ट्रासाउंड सेंटर का संचालन पूर्णतः गैरकानूनी है। ऐसे सेंटर्स के खिलाफ जिला प्रशासन ‘जीरो टॉलरेंस’ यानी शून्य सहनशीलता की नीति पर काम कर रहा है। नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी हाल में बख्शे नहीं जाएंगे।”
भ्रूण हत्या और लिंगानुपात पर डीसी का कड़ा संदेश: “बख्शे नहीं जाएंगे दोषी”
इस कार्रवाई के बाद राँची के उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने स्पष्ट और कड़ा रुख अख्तियार किया है। ग्राउंड से आ रही खबरों के मुताबिक, इस छापेमारी के बाद जिले के सभी सिविल सर्जन्स और स्वास्थ्य अधिकारियों को अलर्ट पर डाल दिया गया है।
उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने दोटूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा:
“भ्रूण हत्या एवं लिंग अनुपात असंतुलन को बढ़ावा देने वाले किसी भी तत्व के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह सीधे तौर पर सामाजिक अपराध है।” उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश जारी किए हैं कि ऐसे संदिग्ध और अवैध केंद्रों की नियमित रूप से निगरानी की जाए और छापेमारी का यह सिलसिला रुकना नहीं चाहिए।
इस कार्रवाई के बाद राँची जिला प्रशासन अब शहर के अन्य इलाकों में भी सर्वे शुरू करने जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें अब उन सभी अल्ट्रासाउंड सेंटर्स की लिस्ट खंगाल रही हैं, जिनके लाइसेंस रिन्यू नहीं हुए हैं या जो संदिग्ध रूप से काम कर रहे हैं। डॉ. राजेश कुमार और संबंधित स्टाफ से ज़ब्त किए गए एएनसी रजिस्टर के आधार पर पूछताछ की जा सकती है कि हाल के दिनों में यहाँ कौन-कौन से मरीज आए थे। प्रशासन के इस कड़े रुख से साफ है कि आने वाले दिनों में राँची में ऐसी कई और बड़ी गिरफ्तारियां या सीलिंग देखने को मिल सकती है।











