देवघर AIIMS में पानी नहीं, भ्रष्टाचार बह रहा है! करोड़ों के उपकरण भीगकर हुए बर्बाद

देवघर AIIMS में पानी नहीं, भ्रष्टाचार बह रहा है! करोड़ों के उपकरण भीगकर हुए बर्बाद

देवघर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार इसकी वजह कोई उपलब्धि नहीं, बल्कि लज्जाजनक लापरवाही है। हाल ही में सामने आए एक वीडियो में देखा गया कि एम्स की छत से मूसलाधार बारिश की तरह पानी गिर रहा है। नीचे रखे करोड़ों रुपये के मेडिकल उपकरण इस पानी में डूबे नजर आ रहे हैं।

यह वही एम्स है जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़े गर्व के साथ किया था। लेकिन एक साल के भीतर ही इसका ऐसा हाल हो जाना कई सवाल खड़े करता है।

छत से टपकते पानी में डूबा मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट

वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि ऑफिस का फर्नीचर, मेडिकल मशीनें, कंप्यूटर और दस्तावेज पानी में पूरी तरह से भीग चुके हैं। यह पानी केवल छत से ही नहीं, बल्कि खिड़कियों और दीवारों से भी रिसता दिखाई दे रहा है।

एम्स देवघर को गोड्डा के सांसद निशिकांत दुबे और प्रधानमंत्री मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट बताया गया था। लोगों को उम्मीद थी कि यह संस्थान झारखंड के हेल्थ सेक्टर में नई क्रांति लाएगा, लेकिन हकीकत ने इन उम्मीदों को तोड़कर रख दिया।

जनता का टूटा भरोसा, निर्माण पर उठे सवाल

एक साल में ही भवन की ऐसी हालत ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में जो दृश्य सामने आए हैं, वे एक ही कमरे तक सीमित नहीं हो सकते। यह शक गहराता जा रहा है कि कहीं पूरे संस्थान में यही हाल तो नहीं?

झारखंड की जनता, जो पहले से ही रिम्स रांची की अव्यवस्था से परेशान है, अब देवघर एम्स को लेकर भी ठगी महसूस कर रही है। करोड़ों की लागत से बने उपकरण पैकिंग के अंदर ही खराब हो रहे हैं, और जिम्मेदार कोई नहीं।

सोशल मीडिया पर उबाल, सरकार से जवाब की मांग

वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। यूजर्स सवाल पूछ रहे हैं कि:

  • उद्घाटन के एक साल के भीतर ही ऐसी हालत क्यों हुई?
  • करोड़ों के उपकरण बर्बाद होने का जिम्मेदार कौन है?
  • क्या पूरे संस्थान में ऐसी ही स्थिति है?

लोगों का कहना है कि यह सीधा उदाहरण है भ्रष्टाचार और निगरानी की कमी का। मेहनत की कमाई से बना यह संस्थान अब सवालों के घेरे में है।

सरकार को देना होगा जवाब

अब जरूरत है कि राज्य और केंद्र सरकार इस मामले पर संज्ञान लें और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। देवघर एम्स जैसे संस्थान का यह हाल केवल झारखंड नहीं, पूरे देश के लिए चिंता की बात है।

भरोसे का प्रतीक बनकर खड़ा हुआ एम्स, आज सवालों का कटघरा बन गया है। जनता अब जवाब चाहती है, क्योंकि सपना उनका टूटा है।

Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Leave a Comment