रांची। झारखंड की लाखों महिलाओं के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना की 13वीं किस्त 3 सितंबर को जारी कर दी गई। इस बार भी पात्र महिलाओं के बैंक खातों में सीधे ₹2500 की सम्मान राशि ट्रांसफर की गई है।
करमा पर्व के पावन अवसर पर जारी यह राशि महिलाओं को न केवल आर्थिक सहारा देगी बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक और कदम बढ़ाने में मदद करेगी।
महिलाओं को मिला सम्मान और सहारा
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस अवसर पर भावुक संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि करमा पर्व की खुशियां इस बार दोगुनी होंगी, क्योंकि एक साल से लगातार राज्य की बहनों को हर महीने 2500 रुपये की सम्मान राशि मिल रही है। इसका मतलब है कि साल भर में कुल 30,000 रुपये सीधे उनके खातों में पहुंच रहे हैं।
सीएम ने कहा कि यह सब झारखंड की बहनों के विश्वास और समर्थन से संभव हो पाया है। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार का लक्ष्य महिलाओं को आर्थिक मजबूती और आत्मनिर्भरता प्रदान करना है ताकि वे स्वालंबी झारखंड के सपने को साकार करने में भागीदार बनें।
महिलाओं के सपनों को मिले पंख
कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव और झारखंड सरकार में मंत्री दीपिका सिंह पांडेय ने सोशल मीडिया पर योजना से जुड़ा एक वीडियो साझा किया। इस वीडियो में हजारों महिलाओं का उत्साह और उनकी खुशियां साफ दिखाई दे रही थीं।
दीपिका ने इस योजना को “बहनों के सपनों को पंख” बताते हुए कहा कि यह सिर्फ वित्तीय सहायता नहीं है, बल्कि मां के आंचल जैसी सुरक्षा और भाई के स्नेह जैसा विश्वास देती है। उन्होंने जोर दिया कि यह योजना महिलाओं के आत्मविश्वास को मजबूत करने का सबसे बड़ा वादा है।
चुनाव से पहले हुई थी शुरुआत
मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना की शुरुआत वर्ष 2023 में हुई थी। तब से यह झारखंड की महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव लाने वाली योजना साबित हुई है। इसने न केवल उनकी बुनियादी आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में मदद की, बल्कि उन्हें समाज में एक सम्मानजनक स्थान भी दिलाया।
हालांकि इस योजना को लेकर राजनीतिक चर्चाएं भी होती रही हैं। विपक्षी दलों ने कई बार इस पर आर्थिक बोझ का आरोप लगाया है। फिर भी, वे खुले तौर पर विरोध करने से बचते आए हैं। कुछ जनप्रतिनिधि तो इसका दायरा बढ़ाने और लाभार्थियों की सूची का पुनर्मूल्यांकन करने की बात करते हैं।
महिलाओं की आत्मनिर्भरता की ओर कदम
मंईयां सम्मान योजना ने झारखंड की बहनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। हर महीने मिलने वाली नियमित सहायता से वे छोटे-छोटे व्यवसाय खड़ा कर रही हैं और अपने परिवार की जिम्मेदारियों को भी मजबूती से निभा पा रही हैं।
राज्य सरकार का कहना है कि यह योजना किसी चुनावी वादे से अधिक है। यह झारखंड की महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक सम्मान दिलाने की ठोस पहल है, ताकि वे अपने पैरों पर मजबूती से खड़ी हो सकें।









