Ranchi: झारखंड में खुदरा शराब दुकानों के लिए शुक्रवार को ई-लॉटरी का आयोजन किया जाएगा। इस बार रांची जिले में रिकॉर्ड संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिससे प्रतिस्पर्धा काफी बढ़ गई है। उत्पाद विभाग के अनुसार, जिले की 150 दुकानों के लिए कुल 87 समूह बनाए गए थे और इनके लिए 1,762 आवेदन आए हैं।
रांची में सबसे अधिक आवेदन
रांची जिले में शराब दुकानों के लिए सबसे ज्यादा प्रतिस्पर्धा देखने को मिली है। ग्रुप-52 के लिए सबसे ज्यादा 75 आवेदन आए हैं। इसके बाद ग्रुप-4 के लिए 69, ग्रुप-54 और ग्रुप-60 के लिए 58-58 आवेदन प्राप्त हुए। वहीं ग्रुप-41 के लिए 55, ग्रुप-12 के लिए 53 और ग्रुप-20 के लिए 45 आवेदन दर्ज किए गए। अन्य समूहों जैसे ग्रुप-33 और ग्रुप-40 में 44-44, ग्रुप-28 और ग्रुप-59 में 41-41 आवेदन प्राप्त हुए। ग्रुप-73 में 38 और ग्रुप-74 में 37 आवेदन मिले।
न्यूनतम आवेदन वाले समूह
जहां कुछ समूहों में भारी प्रतिस्पर्धा देखी गई, वहीं ग्रुप-15 और ग्रुप-32 में विभाग को मात्र 2-2 आवेदन ही प्राप्त हुए हैं। इससे स्पष्ट है कि इन दुकानों की लोकेशन या संभावित बिक्री क्षमता कम आकर्षक मानी जा रही है।
ई-लॉटरी की प्रक्रिया
ई-लॉटरी का आयोजन रांची के समाहरणालय के ए-ब्लॉक, कमरा नंबर 207 में किया जाएगा। इच्छुक लोग इस प्रक्रिया को लाइव देख सकते हैं। यह व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी और ऑनलाइन होगी, जिससे आवंटन में किसी तरह की गड़बड़ी की संभावना कम रहेगी।
राजस्व लक्ष्य और निजी विक्रेताओं की भूमिका
उत्पाद विभाग ने रांची जिले में सितंबर 2025 से मार्च 2026 तक शराब बिक्री से 444 करोड़ रुपये का राजस्व लक्ष्य तय किया है। एक सितंबर से इन दुकानों का संचालन निजी विक्रेताओं के हाथों में होगा। यह कदम न केवल सरकारी राजस्व बढ़ाने के लिए बल्कि खुदरा नेटवर्क को सुव्यवस्थित करने के लिए भी उठाया गया है।
जिला वार स्थिति
बोकारो से लेकर सिमडेगा तक कई जिलों में आवेदन आए हैं, लेकिन रांची का प्रदर्शन सबसे आगे रहा है। बोकारो में 33 समूहों के लिए 546 आवेदन, देवघर में 466, धनबाद में 490 और हजारीबाग में 516 आवेदन प्राप्त हुए। दूसरी ओर, खूंटी और पाकुड़ जैसे जिलों में क्रमशः 48 और 51 आवेदन ही आए।
इस ई-लॉटरी के सफल आयोजन के बाद उम्मीद है कि राज्य के खुदरा शराब बाजार में नई व्यवस्था और प्रतिस्पर्धा का माहौल बनेगा, जिससे सरकार को बेहतर राजस्व और उपभोक्ताओं को अधिक सुविधाएं मिलेंगी।









