Ranchi। वरिष्ठ पत्रकार एवं शिक्षाविद प्रो. (डॉ.) वेद प्रकाश शरण को शुक्रवार को रांची प्रेस क्लब में भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। दोपहर करीब 12 से 12.30 बजे तक उनका पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए क्लब परिसर में रखा गया, जहां बड़ी संख्या में पत्रकारों, बुद्धिजीवियों और शुभचिंतकों ने पुष्प अर्पित कर नमन किया।
श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा। इस दौरान पत्रकारिता और शिक्षा के क्षेत्र में प्रो. शरण के दीर्घकालिक योगदान को याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि वे सादगी, अनुशासन और निष्पक्ष पत्रकारिता के प्रतीक थे।
क्लब परिसर में आयोजित कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकारों के साथ युवा पत्रकारों की भी उल्लेखनीय उपस्थिति रही। सभी ने एक स्वर में उनके मार्गदर्शन और प्रेरक व्यक्तित्व को याद किया।
परिजनों के अनुसार प्रो. (डॉ.) वेद प्रकाश शरण वर्ष 2021 से किडनी संबंधी बीमारी से पीड़ित थे और लंबे समय से उपचाररत थे। गुरुवार तड़के करीब 3 बजे दीपाटोली स्थित एक निजी अस्पताल में उनका निधन हो गया। वे 80 वर्ष के थे।
उनके निधन से न केवल पत्रकारिता जगत बल्कि अकादमिक क्षेत्र में भी शोक की लहर है। वे कई दशकों तक पत्रकारिता और शिक्षा से जुड़े रहे और अनेक विद्यार्थियों व पत्रकारों का मार्गदर्शन किया।
वरिष्ठजनों की प्रतिक्रिया
श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में रांची प्रेस क्लब के संस्थापक अध्यक्ष पद्मश्री बलबीर दत्त, क्लब अध्यक्ष शंभु नाथ चौधरी, सचिव अभिषेक सिन्हा सहित कई वरिष्ठ पत्रकार मौजूद रहे।
पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय भी रांची प्रेस क्लब पहुंचे और दिवंगत प्रो. शरण को श्रद्धांजलि अर्पित की। वक्ताओं ने रांची प्रेस क्लब की स्थापना, उसके विकास और पत्रकारिता के मानकों को मजबूत करने में प्रो. शरण की भूमिका को रेखांकित किया।
पत्रकारिता जगत पर असर
प्रो. (डॉ.) वेद प्रकाश शरण का निधन झारखंड की पत्रकारिता के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। उनके मार्गदर्शन में कई पत्रकारों ने अपने करियर की दिशा तय की। समकालीन पत्रकारिता में नैतिक मूल्यों और तथ्यपरक रिपोर्टिंग पर उनका जोर आज भी प्रेरणा देता है।
युवा पत्रकारों ने कहा कि प्रो. शरण ने हमेशा सत्य, संतुलन और समाजहित को पत्रकारिता का मूल आधार बताया।
श्रद्धांजलि सभा के दौरान स्व. वीपी शरण की स्मृति में रांची प्रेस क्लब की लाइब्रेरी के नामकरण का प्रस्ताव रखा गया। बताया गया कि इस प्रस्ताव पर मैनेजिंग कमेटी की आगामी बैठक में सहमति ली जाएगी। इसे मंजूरी मिलने पर क्लब परिसर में उनकी स्मृति स्थायी रूप से संरक्षित होगी।
अंतिम यात्रा और संस्कार
श्रद्धांजलि सभा के बाद उनकी अंतिम यात्रा हरमू मुक्तिधाम के लिए रवाना हुई, जहां उनके भतीजे ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस दौरान परिजन, सहयोगी और शुभचिंतक मौजूद रहे।
प्रो. (डॉ.) वेद प्रकाश शरण का जीवन पत्रकारिता और शिक्षा के लिए समर्पित रहा। उनकी स्मृतियां, मूल्य और योगदान आने वाली पीढ़ियों को दिशा देते रहेंगे। रांची प्रेस क्लब में दी गई यह श्रद्धांजलि उनके प्रति सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक बनी।









