Ranchi | अगर आप रांची में रहते हैं और घर में एलपीजी (LPG) सिलेंडर इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके चूल्हे और जेब दोनों से जुड़ी है। जिला प्रशासन ने गैस किल्लत और कालाबाजारी को जड़ से खत्म करने के लिए ’25-डे एडवांस बुकिंग’ फॉर्मूला लागू करने का निर्देश दिया है। उपायुक्त (DC) मंजूनाथ भजन्त्री के सख्त रुख के बाद अब जिले में गैस वितरण की पूरी व्यवस्था बदलने जा रही है।
होली के बाद सप्लाई चेन में आई बाधा और उपभोक्ताओं की बढ़ती शिकायतों को देखते हुए प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। एसडीएम सदर कुमार रजत की अध्यक्षता में हुई हाई-लेवल बैठक में IOCL, HPCL और BPCL के अधिकारियों को दो-टूक चेतावनी दी गई है कि उपभोक्ताओं को सिलेंडर के लिए भटकना न पड़े।
क्यों लिया गया यह फैसला? जानिए नया गणित
प्रशासनिक समीक्षा में यह बात सामने आई कि त्योहारों के दौरान अचानक मांग बढ़ने से सप्लाई चेन चरमरा जाती है। इसे संतुलित करने के लिए ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे अपने 14.2 किलो के नियमित सिलेंडर की बुकिंग कम से कम 25 दिन पहले सुनिश्चित कर लें।
इसका फायदा क्या होगा? 1. बुकिंग के 2 से 3 दिनों के भीतर होम डिलीवरी की गारंटी होगी। 2. अंतिम समय की भागदौड़ और ‘आउट ऑफ स्टॉक’ की समस्या खत्म होगी। 3. कालाबाजारी करने वालों के पास स्टॉक रोकने का बहाना नहीं बचेगा।
अगर 25 दिन से पहले गैस खत्म हो गई तो? प्रशासन का ‘प्लान-बी’
अक्सर परिवारों में मेहमान आने या अन्य कारणों से सिलेंडर समय से पहले खत्म हो जाता है। ऐसे संकट के लिए प्रशासन ने ‘बिना बुकिंग’ वाली सुविधा शुरू की है।
- छोटे सिलेंडर का विकल्प: अब 5 किलोग्राम और 2 किलोग्राम के छोटे सिलेंडर बिना किसी पूर्व बुकिंग के उपलब्ध होंगे।
- सीधा संपर्क: उपभोक्ता सीधे गैस एजेंसी से संपर्क कर डोरस्टेप डिलीवरी के माध्यम से ये छोटे सिलेंडर ले सकते हैं।
- टॉल-फ्री नंबर: कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि वे इसके लिए समर्पित टॉल-फ्री नंबर जारी करें, जहाँ 24 घंटे कर्मचारी तैनात रहें।
कालाबाजारी पर ‘जीरो टॉलरेंस’: जेल जाने की नौबत
एसडीएम सदर कुमार रजत ने स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन की पैनी नजर हर गैस एजेंसी और वितरक पर है। बैठक में सख्त निर्देश दिए गए हैं कि:
“अगर कोई भी गैस वितरक या एजेंसी सिलेंडर की कृत्रिम कमी दिखाकर कालाबाजारी करते हुए पकड़ा गया, तो उस पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए तत्काल कानूनी कार्रवाई और लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।”
जागरूकता के लिए SMS और रेडियो का सहारा
डीसी के निर्देश पर अब रांची की सड़कों पर बिलबोर्ड्स, रेडियो जिंगल्स और मोबाइल पर SMS के जरिए लोगों को इस नए सिस्टम की जानकारी दी जाएगी। सीएससी (CSC) के जिला नोडल अधिकारियों को भी इस अभियान में जोड़ा गया है ताकि ग्रामीण क्षेत्रों तक सही सूचना पहुँचे।
आम आदमी पर क्या होगा असर?
इस नई व्यवस्था से उन लोगों को बड़ी राहत मिलेगी जो डिलीवरी के लिए हफ़्तों इंतज़ार करते थे। हालांकि, ग्राहकों को अब अपनी खपत का हिसाब थोड़ा पहले लगाना होगा। प्रशासन का यह कदम बिचौलियों के सिंडिकेट को तोड़ने की दिशा में एक बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक माना जा रहा है।
अब आपकी बारी
प्रशासन ने अपनी रणनीति साफ कर दी है—नियम से बुकिंग करें और किल्लत से बचें। क्या रांची का यह मॉडल झारखंड के अन्य जिलों में भी लागू होगा? यह आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति तय करेगी। फिलहाल, अगर आपको डिलीवरी में दिक्कत आती है, तो आप जिला आपूर्ति पदाधिकारी या हेल्पलाइन पर तुरंत शिकायत दर्ज करा सकते हैं।








