रांची: झारखंड की राजधानी रांची में आस्था का एक ऐसा समंदर उमड़ा, जिसने सुरक्षा व्यवस्था की सबसे बड़ी परीक्षा ले ली। ऐतिहासिक जगन्नाथपुर रथयात्रा में लाखों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा ने अपनी मौसीबाड़ी के लिए प्रस्थान कर दिया है।
जय जगन्नाथ के नारों और शंखध्वनि के बीच पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। लेकिन इस भारी भीड़ को संभालना प्रशासन के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं था।
गूगल मैप्स पर लाल होती सड़कें और मेला क्षेत्र में पैर रखने तक की जगह न होना यह बयां कर रहा था कि इस बार की रथयात्रा ऐतिहासिक है। 25 जुलाई 2026 तक चलने वाले इस भव्य मेले को लेकर प्रशासन अब हाई अलर्ट पर है।
कंट्रोल रूम में थमी थीं सांसें, ऐसे बची रांची
मेला परिसर में बने मुख्य कंट्रोल रूम में अधिकारियों की नजरें स्क्रीन पर टिकी थीं। उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री और वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) राकेश रंजन खुद हर एक सीसीटीवी कैमरे की लाइव फीड खंगाल रहे थे।

मैदान से सीधे मिल रही इनपुट्स के मुताबिक, भीड़ का दबाव दोपहर 3 बजे के बाद अचानक बढ़ गया। मंदिर परिसर से लेकर मौसीबाड़ी तक का पूरा रास्ता इंसानी सिरों से पटा हुआ था।
ग्राउंड जीरो से उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री का बयान: “हमारे लिए श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सबसे ऊपर है। हमने आधुनिक तकनीक और क्विक रिस्पांस टीमों (QRT) का ऐसा जाल बुना है कि कहीं भी कोई चूक न हो। आने वाले दिनों में और घूरती रथयात्रा तक यह मुस्तैदी दोगुनी रहेगी।”
अभेद्य किले में तब्दील हुआ मेला क्षेत्र: त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा
भीड़ प्रबंधन को दुरुस्त रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने पूरे मेला क्षेत्र को कई जोन में बांट दिया है। महिला पुलिसकर्मियों की भारी तैनाती की गई है ताकि महिला श्रद्धालुओं को दर्शन में कोई परेशानी न हो।
- आधुनिक विजुअल सर्विलांस: चप्पे-चप्पे पर लगे हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरों से क्राउड डेंसिटी (भीड़ के घनत्व) को मापा जा रहा है।
- इमरजेंसी रिस्पांस: अग्निशमन दल की गाड़ियां और मेडिकल कैंप्स को हर 500 मीटर के दायरे में एक्टिव रखा गया है।
- ट्रैफिक डायवर्जन: शहर के रूट को इस तरह बदला गया है कि आम राहगीरों को जाम से न जूझना पड़े।

25 जुलाई तक प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती
रथयात्रा संपन्न होने के बाद भी प्रशासन चैन की सांस नहीं ले सकता। असली परीक्षा अब शुरू हुई है, क्योंकि 25 जुलाई 2026 तक चलने वाले इस पारंपरिक मेले में हर दिन हजारों लोगों की आवाजाही रहेगी। घूरती रथयात्रा के दिन एक बार फिर इसी तरह का जनसैलाब उमड़ेगा, जिसे देखते हुए एसएसपी राकेश रंजन ने सभी पुलिस अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने का सख्त निर्देश दिया है।











